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मनीष सिसोदिया ने कहा- चाय-कॉफी नहीं शिक्षकों को सम्मान और सुरक्षा चाहिए

26 सितंबर को नांगलोई में दो विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक मुकेश कुमार पर जानलेवा हमला और उसके बाद उनकी मौत ने शिक्षकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।
Author नई दिल्ली | October 12, 2016 03:14 am
मनीष सिसोदिया

सोमवार को रामनवमी के दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा राजकीय स्कूल शिक्षक संघ (जीएसटीए) ने इसे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला फैसला बताते हुए कहा है कि सरकार को उनके द्वारा शिक्षकों के सुरक्षा के संबंध में दिए गए सुझावों को जल्द शिक्षकों के लिए बेहतर स्टाफरूम और मुफ्त चाय-कॉफी की व्यवस्था के लिए जारी आदेश की आलोचना करते हुए शिक्षकों ने कहा है कि उन्हें सम्मान और सुरक्षा चाहिए, चाय-कॉफी नहीं। से जल्द लागू करना चाहिए, क्योंकि शिक्षक मुकेश कुमार के साथ जो कुछ भी हुआ, वह नया और अप्रत्याशित नहीं था और इसकी पुनरावृत्ति हो सकती है।

26 सितंबर को नांगलोई में दो विद्यार्थियों द्वारा शिक्षक मुकेश कुमार पर जानलेवा हमला और उसके बाद उनकी मौत ने शिक्षकों के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है। हालांकि, राजकीय स्कूल शिक्षक संघ के महासचिव अजयवीर यादव ने कहा कि इस तरह की यह पहली घटना नहीं है, पहले भी शिक्षकों पर जानलेवा हमले होते रहे हैं। उनके अनुसार, ‘4 अगस्त, 2014 को मदनपुर खादर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक बाल विद्यालय के शिक्षक एसके एच नकवी के साथ कुछ विद्यार्थियों और अभिभावकों ने मारपीट की थी। शिक्षक का कसूर यह रहा कि विद्यार्थी कक्षा में हाजिरी के समय बैग फेंका-फेंकी कर रहे थे, जो शिक्षक के चश्मे से लगी, जिससे आंख घायल हो गई। इस पर शिक्षक ने विद्यार्थियों को डांटा था। उसी तरह पिछले साल रेलवे कॉलोनी, तुगलकाबाद के सर्वोदय कन्या विद्यालय की सीनियर पीजीटी टीचर आरती गुप्ता स्कूल प्रिंसिपल को एक एसएमसी (स्कूल मैनेजमेंट कमिटी) के सदस्य द्वारा फटकारने-धमकाने से सदमे में आ गर्इं और दम तोड़ दिया। उक्त सदस्य की बेटी 11वीं में फेल हो गई थी।’

राजकीय स्कूल शिक्षक संघ ने शिक्षा निदेशालय को हाल ही में पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग रखी है और इस संबंध में सुझाव पेश किए हैं। इसके अनुसार, ‘हर स्कूल में तीन सुरक्षा गार्ड की नियुक्ति होनी चाहिए और प्रत्येक 500 विद्यार्थियों पर एक सुरक्षा गार्ड होना चाहिए। स्कूल में आपातकाल सायरन की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि कोई संदेहास्पद व्यक्ति स्कूल परिसर में घुसता है या कोई अप्रत्याशित घटना होती है तो सायरन के माध्यम से टीचर, स्टाफ और विद्यार्थियों को स्थिति से अवगत कराया जा सकता है। लड़कियों के स्कूल में केवल छात्राओं की माताओं का प्रवेश होना चाहिए, पुरुष सदस्य केवल स्वागत कक्ष या प्रिंसिपल आॅफिस तक आ सकते हैं। सर्टिफीकेट या किसी कारण से स्कूल में आने वाले अभिभावक या अन्य लोगों को हर शनिवार दोपहर 12 से 2 बजे के बीच के नियत समय पर ही आने की अनुमति हो। स्कूल शुरू होने के बाद मुख्य द्वार बंद होने चाहिए। प्रवेश केवल प्रिंसिपल की अनुमति से हो और स्कूल के दौरान एक महिला और पुरुष पुलिसकर्मी तैनात हों।’

शिक्षक संघ द्वारा दिए गए सुरक्षा के बीस सुझावों में उद्यंडता में शामिल रहे विद्यार्थियों की सूची तैयार कर जोनल आॅफिस को सौंपने को कहा गया है। यह भी कहा गया है कि रिजल्ट घोषणा के दौरान स्कूल में पुलिस तैनात की जाए। अजयवीर यादव ने कहा ये सुझाव अमेरिका, यूके, जमर्नी और अन्य देशों के स्कूलों में स्थापित सुरक्षा मानकों का अध्ययन कर यह तैयार किया गया है। जीएसटीए महासचिव यादव ने कहा कि संघ के सुझावों पर शिक्षा विभाग अपाहिज बैठा है और सरकार मुफ्त चाय-कॉफी की घोषणा कर शिक्षकों का ध्यान दीर्घकालीन मुद्दों से भटका रही है। उन्होंने कहा कि बजाय इसके शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को फीनलैंड की शिक्षा प्रणाली के अध्ययन दौरे से सब

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