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सुप्रीम कोर्ट से फटकार के बाद मच्छरों पर बैठक

मच्छरों का प्रजनन रोकने के साथ ढलावों की नियमित रूप से सफाई, दवाओं का छिड़काव एवं फॉगिंग के कदम उठाए जा रहे हैं।
Author नई दिल्ली | October 6, 2016 04:01 am
नजीब जंग और अरविंद केजरीवाल।

सुप्रीम कोर्ट के सोमवार को दिल्ली में फैले डेंगू और चिकनगुनिया आदि जलजनित बीमारियों की रोकथाम के बारे में आए आदेश के बाद बुधवार को राजनिवास में समीक्षा बैठक की गई। उपराज्यपाल नजीब जंग की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपराज्यपाल ने सभी उपस्थित अधिकारियों से राजनिवास में पिछले महीने 14 और 26 सितंबर को हुई बैठकों में जारी निर्देशों के संबंध में फीडबैक एवं निर्देशों के पालन के लिए कहा।  बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, सचिव (स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण) भारत सरकार और भारत सरकार के अन्य अतिरिक्त सचिव व अधिकारीगण, दिल्ली के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (वित्त) एनडीएमसी अध्यक्ष, तीनों निगमों के आयुक्त, डीडीए, दिल्ली जल बोर्ड, रेलवे और दिल्ली के अन्य विभागों के प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।

सभी बड़े अस्पतालों जैसे हिंदू राव, जीबी पंत, लोक नायक, आंबेडकर के चिकित्सा अधीक्षकों ने उपराज्यपाल को सूचित किया कि अस्पतालों में चौबीस घंटे बुखार क्लीनिक, वार्ड चलाए जा रहे हैं एवं टेस्टिंग किट एवं दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी अस्पतालों में देखा गया है कि पिछले कुछ दिनों में बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या में कमी आई है। अध्यक्ष (एनडीएमसी) एवं तीनों निगमों के आयुक्तों ने उपराज्यपाल को सूचित किया कि मच्छरों का प्रजनन रोकने के साथ ढलावों की नियमित रूप से सफाई, दवाओं का छिड़काव एवं फॉगिंग के कदम उठाए जा रहे हैं।

नगर निकायों ने उपराज्यपाल को यह भी बताया कि वे रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, मार्केट एसोसिएशन एवं स्कूलों के साथ मिलकर जन जागरूकता कार्यक्रम भी चला रहे हैं। उन्होंने अपने अस्पतालों, डिस्पेंसरियों में की गई तैयारियों के बारे में भी बताया जहां पर्याप्त मात्रा में दवाएं और टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं।  निगम आयुक्तों ने सूचित किया कि उन्होंने उपायुक्तों के अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित दौरे का रोस्टर तैयार किया है जिसका कड़ाई से पालन किया जा रहा है। सभी ढलावों में दिन में दो बार कूड़ा हटाया जा रहा है। सभी संवेदनशील ढलावों की पहचान कर ली गई है। ऐसी व्यवस्था की गई है कि ढलाव से कूड़ा बाहर न फैले। दक्षिण नगर निगम के आयुक्त ने सूचित किया कि एक अक्तूबर 2016 तक मामले घटकर 1600 हो गए हैं जिसमें पिछले हफ्ते की तुलना में 25 फीसद तक कमी आई है। मंडल आयुक्त ने बताया कि उपराज्यपाल के निर्देशों के अनुपालन में सभी क्षेत्रों के उपायुक्त (राजस्व) अपने संबंधित क्षेत्रों में निरीक्षण रोस्टर का पालन कर रहे हैं और उन्हें रोज रिपोर्ट दी जा रही है। उपायुक्त यह भी तय करेंगे कि कोई भी निजी अस्पताल इडब्लूएस मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं करेगा।

दिल्ली के स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि बुधवार सुबह 10.30 बजे मिली रिपोर्ट के मुताबिक, सभी अस्पतालों में बुखार के मरीजों के 25 फीसद बेड खाली हैं। दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सूचित किया कि गंदे पानी के निकास के लिए अतिरिक्त पंप लगा दिए गए हैं। दिल्ली कैंटोनमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि जागरूकता कार्यक्रम और एंटी लार्वा के लिए कई कदम उठाए गए हैं।  दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने कहा कि निर्माणाधीन स्थलों पर जलजमाव न हो और मच्छरों की जांच के लिए पर्याप्त छिड़काव भी तय किया जाएगा। डीडीओ के अधिकारी ने बताया कि कालोनियों व बाजारों में निरीक्षण किया जा रहा है और पार्क, नर्सरी आदि में जमा पानी की भी जांच की जा रही है। उत्तरी रेलवे के महाप्रबंधक ने बताया कि रेलवे कालोनियों में फागिंग अभियान और मच्छरमार ट्रेन चलाई जा रही है। उपराज्यपाल ने महाप्रबंधक को इन ट्रेनों के फेरे बढ़ाने को कहा क्योंकि पटरियों के किनारे रहनेवाले लोग जलजनित बीमारियों से ज्यादा प्रभावित हैं। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि सभी अस्पताल बुखार से संबंधित मामलों से निपटने में सक्षम हैं और 355 बुखार क्लीनिक रविवार को भी खुले हैं। उपराज्यपाल ने बैठक के अंत में सभी संबंधित एजेंसियों को जोर देते हुए कहा कि हाल में हुई बारिश के मद्देनजर अपने बेहतर प्रयास जारी रखें।

 

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First Published on October 6, 2016 4:01 am

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