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इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए भी वेतन आयोग की मांग

इलेक्ट्रानिक मीडिया में कार्यरत पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए वेतन बोर्ड गठित करने की मांग और मुद्रा बैंक के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को बैंकों द्वारा ऋण नहीं दिए जाने समेत विभिन्न मुद्दे बुधवार को लोकसभा में उठाए गए।
Author नई दिल्ली | August 11, 2016 03:05 am

इलेक्ट्रानिक मीडिया में कार्यरत पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए वेतन बोर्ड गठित करने की मांग और मुद्रा बैंक के तहत अनुसूचित जाति जनजाति के लोगों को बैंकों द्वारा ऋण नहीं दिए जाने समेत विभिन्न मुद्दे बुधवार को लोकसभा में उठाए गए। सदन में शून्यकाल के दौरान कांगे्रस के केवी थामस ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रिंट मीडिया में कार्यरत पत्रकारों के लिए वेतन बोर्ड का गठन किया गया था लेकिन इलेक्ट्रोनिक मीडिया और न्यूज पोर्टल आदि में काम करने वाले पत्रकारों और गैर पत्रकारों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि टीवी पत्रकारों और गैर पत्रकारों को भी वेतन संबंधी सुरक्षा प्रदान किए जाने की जरूरत है।

भाजपा के अजय मिश्रा ने तिरंगा यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि 9 अगस्त, 1944 को ही उत्तर प्रदेश के स्वतंत्रता सेनानी रामनारायण मिश्र को लखनऊ में फांसी पर लटकाया गया था। इसी प्रकार अवध के महान कवि बंसीधर शुक्ल की भी आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका रही थी। उन्होंने कहा कि गांधीजी के प्रिय गीतों में से एक ‘उठ जाग मुसाफिर भोर भई Þ अब रैन कहां जो सोवत है’ और आजाद हिंद फौज का देशभक्ति का गीत ‘कदम कदम मिलाए जा, खुशी के गीत गाए जाए, ये जिंदगी है कौम की तू कौम पर लुटाए जा’ शुक्ल ने ही लिखे थे। मिश्रा ने केंद्र सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय राजमार्ग 730 ए का नाम मिश्र के नाम पर किया जाए जो उनके ही गांव से होकर गुजरता है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार शुक्ल के साहित्य का संरक्षण कराया जाए और जिले में शहीद स्मारक स्थापित किया जाए।

भाजपा के रामेश्वर तेली ने असम में आई बाढ़ की समस्या के लिए स्थाई समाधान के लिए केंद्र सरकार से कार्रवाई करने की मांग की। अन्नाद्रमुक के पी. उदयकुमार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए केंद्र से और फंड जारी किए जाने की मांग की। इसी पार्टी के के. परशुराम ने पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए किसान सुविधा मोबाइल एप्प का मामला उठाया और इसे हिंदी तथा अंग्रेजी के अलावा क्षेत्रीय भाषाओं में भी जारी किए जाने की मांग की। माकपा के एमबी राजेश ने ठेका मजदूरों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इन मजदूरों को कम वेतन दिया जाता है।

उन्होंने कोच्चि हवाई अड्डे का मामला उठाते हुए कहा कि वहां एक आतिथ्य कंपनी द्वारा मजदूरों को कम वेतन दिया जा रहा है। यह कंपनी मजदूरों के साथ अन्याय करने के अलावा आयकर विभाग और एयर इंडिया को भी चूना लगा रही है। उन्होंने इस मामले की जांच कराने की मांग की।

टीआरएस की के. गीता ने कहा कि मुद्रा बैंक योजना के तहत सरकारी बैंक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को छोटे उद्यम लगाने के लिए ऋण मुहैया नहीं करा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल के प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने नांदेड साहिब गुरुद्वारे की शासकीय परिषद में पूर्व की परंपरा के अनुसार लोकसभा और राज्यसभा से एक-एक सदस्य को नियुक्त किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि हरियाणा की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तरह महाराष्ट्र सरकार ने भी राज्य से दो लोगों को नामित कर दिया है जो कि गलत है। माकपा के पी. करुणाकरन ने केरल के किसानों के लिए केंद्र सरकार से राहत की मांग की। भाजपा के रविन्द्र कुमार रे ने भी झारखंड के किसानों का मसला उठाया और कहा कि धान क्रय केंद्रों द्वारा गिरीडीह और कोडरमा तथा हजारीबाग जिलों में किसानों के बकाए का भुगतान नहीं किया गया है। इसी पार्टी के विनोद कुमार ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में निलंबित छात्रों को बहाल करने और समिति गठित कर विवि में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच कराने की मांग की।

शिवसेना के गजानन कीर्तिकर ने भाभा परमाणु केंद्र में डाक्टरों की सेवानिवृत्ति आयु सीमा को अन्य विभागों की तरह 60 से बढ़ा कर 65 वर्ष किए जाने की मांग की। तृणमूल कांग्रेस की अपरूपा पोद्दार ने इंदिरा आवास योजना के तहत आवंटित राशि को बढ़ाए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह धनराशि क्षेत्रीय परिस्थतियों के अनुसार दी जानी चाहिए क्योंकि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में इतनी कम राशि से मकान बनाना संभव नहीं है।

अन्नाद्रमुक की सत्यभामा ने राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना में तमिलनाडु को 926.23 करोड़ रुपए का कोष जारी करने की केंद्र सरकार से मांग की। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने अल्पसंख्यक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना का मामला उठाया और कहा कि संबंधित वेबपोर्टल के काम नहीं करने के कारण पश्चिम बंगाल में चार लाख से अधिक आवेदन लंबित पड़े हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए राज्य सरकार को अधिकृत किया जाए। भाजपा के जनार्दन सिग्रीवाल समेत कई अन्य सदस्यों ने अपने अपने मामले उठाए।

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