January 19, 2017

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दिल्ली: कपिल मिश्रा ने महबूबा से किए सवाल पर शाह से मांगा जवाब

कपिल मिश्रा ने कहा, ‘आपके जवाब का इंतजार है। चुप्पी का मतलब सत्ता के लालच में मूक समझौता ही माना जाएगा।

Author नई दिल्ली | October 6, 2016 09:13 am
जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर पूछा है कि उनके जिन सवालों के जवाब महबूबा मुफ्ती ने नहीं दिए, उनके जवाब क्या वे देंगे। कपिल मिश्रा ने यह भी पूछा है कि जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री से पूछे गए उनके सवालों से भाजपा को क्यों दर्द हुआ। बुधवार को अमित शाह को लिखे दो पेज के पत्र में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने महबूबा मुफ्ती से पूछे गए सवालों को दुहराया और पूछा कि चार में से जिन तीन सवालों का जवाब मुफ्ती ने नहीं दिया, क्या भाजपा जवाब देगी। कपिल मिश्रा ने साथ ही कटाक्ष भी किया कि क्या बिहार में अलग भाषण, जम्मू में अलग, कश्मीर में अलग और दिल्ली में अलग भाषण-बस यही है भाजपा की असलियत।

कपिल मिश्रा ने कहा, ‘आपके जवाब का इंतजार है। चुप्पी का मतलब सत्ता के लालच में मूक समझौता ही माना जाएगा। चुप्पी का मतलब कश्मीर में आतंकियों को हीरो बनाने वालों से कोई बड़ी डील है। एक तरफ सेना आतंकियों से लड़ रही है और दूसरी तरफ आप उनके साथ सहानुभूति रखने वाले के साथ खड़े हैं। सोचिए, सैनिकों को कितना दुख होता होगा यह जानकर कि देश की सत्ताधारी भाजपा ऐसे लोगों को समर्थन दे रही है, जो बुरहान वानी और अफजल गुरू को हीरो बनाते हैं।’

इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने भाजपा अध्यक्ष पर दो सवाल और दागे, ‘सदन का सत्र बुलाकर पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने से आपको किसने रोका है? क्यों नहीं घोषित करते पाकिस्तान को आतंकी देश? पाकिस्तान को दिया हुआ ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा खत्म करने से आपको किसने रोका है? किसके दबाव में आज भी जारी है, ये स्टेटस? आज सवाल आपकी देशभक्ति पर है। आपकी क्या मजबूरी है?कपिल मिश्रा मंगलवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित एक पर्यटन के कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित महबूबा मुफ्ती से चार सवाल पूछ कर चर्चा में रहे। उन्होंने महबूबा मुफ्ती से सीधे सवाल किया कि वे बुहरान वानी और अफजल गुरु को आतंकवादी मानती हैं या नहीं जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया, उन्हें भाषण देने से रोका जाने लगा। पर्यटन मंत्री कार्यक्रम के बीच में ही वहां से यह कहते हुए चले गए कि महबूबा मुफ्ती के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते।

 

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First Published on October 6, 2016 4:33 am

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