May 27, 2017

ताज़ा खबर

 

दिल्ली: कपिल मिश्रा ने महबूबा से किए सवाल पर शाह से मांगा जवाब

कपिल मिश्रा ने कहा, ‘आपके जवाब का इंतजार है। चुप्पी का मतलब सत्ता के लालच में मूक समझौता ही माना जाएगा।

Author नई दिल्ली | October 6, 2016 09:13 am
जल संसाधन मंत्री कपिल मिश्रा

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखकर पूछा है कि उनके जिन सवालों के जवाब महबूबा मुफ्ती ने नहीं दिए, उनके जवाब क्या वे देंगे। कपिल मिश्रा ने यह भी पूछा है कि जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री से पूछे गए उनके सवालों से भाजपा को क्यों दर्द हुआ। बुधवार को अमित शाह को लिखे दो पेज के पत्र में पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने महबूबा मुफ्ती से पूछे गए सवालों को दुहराया और पूछा कि चार में से जिन तीन सवालों का जवाब मुफ्ती ने नहीं दिया, क्या भाजपा जवाब देगी। कपिल मिश्रा ने साथ ही कटाक्ष भी किया कि क्या बिहार में अलग भाषण, जम्मू में अलग, कश्मीर में अलग और दिल्ली में अलग भाषण-बस यही है भाजपा की असलियत।

कपिल मिश्रा ने कहा, ‘आपके जवाब का इंतजार है। चुप्पी का मतलब सत्ता के लालच में मूक समझौता ही माना जाएगा। चुप्पी का मतलब कश्मीर में आतंकियों को हीरो बनाने वालों से कोई बड़ी डील है। एक तरफ सेना आतंकियों से लड़ रही है और दूसरी तरफ आप उनके साथ सहानुभूति रखने वाले के साथ खड़े हैं। सोचिए, सैनिकों को कितना दुख होता होगा यह जानकर कि देश की सत्ताधारी भाजपा ऐसे लोगों को समर्थन दे रही है, जो बुरहान वानी और अफजल गुरू को हीरो बनाते हैं।’

इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने भाजपा अध्यक्ष पर दो सवाल और दागे, ‘सदन का सत्र बुलाकर पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करने से आपको किसने रोका है? क्यों नहीं घोषित करते पाकिस्तान को आतंकी देश? पाकिस्तान को दिया हुआ ‘मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का दर्जा खत्म करने से आपको किसने रोका है? किसके दबाव में आज भी जारी है, ये स्टेटस? आज सवाल आपकी देशभक्ति पर है। आपकी क्या मजबूरी है?कपिल मिश्रा मंगलवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित एक पर्यटन के कार्यक्रम में मंच पर उपस्थित महबूबा मुफ्ती से चार सवाल पूछ कर चर्चा में रहे। उन्होंने महबूबा मुफ्ती से सीधे सवाल किया कि वे बुहरान वानी और अफजल गुरु को आतंकवादी मानती हैं या नहीं जिसके बाद कार्यक्रम में हंगामा शुरू हो गया, उन्हें भाषण देने से रोका जाने लगा। पर्यटन मंत्री कार्यक्रम के बीच में ही वहां से यह कहते हुए चले गए कि महबूबा मुफ्ती के साथ मंच साझा नहीं करना चाहते।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 6, 2016 4:33 am

  1. N
    Narendra Batra
    Oct 6, 2016 at 10:40 am
    afjal ki fasi rukwane ki pitishan tumare baap log hi the aur ab party badal li hai tum apne aapko kam mat batao sabse suwar aur i nali ke kise ho
    Reply
    1. N
      Narendra Batra
      Oct 6, 2016 at 10:39 am
      kapis mishra tere baap arvind kejriwal ek no ka madachor aur deshdrohi hai aur bhadwe us kammeene se puchh kuo apni 12 bajwane JNU kaya tha kya kanhiya uska baap lagta tha ya uska nazayaj bhai tha tum sab aap wale jaichad ho desh ke sabse badi party se ye sawal kis hasiyat se kar rahe ho tere us madae me hamari sena par swal uthaye the kabhi hafij said ko rahnuma batata hai uski party se haram ka chanda tum log khao aur gadhhar dusro ko bolte hao sabse bhast aur beman satkar hai to woi
      Reply
      1. S
        sanjay
        Oct 6, 2016 at 5:50 am
        अगर महबूबा अफजल गुरु हान वानी के प्रति ानुि रखती है,इस बात पर कपिल मिश्रा नाराज है और बीजेपी से सवाल पूछ रहे है की ऐसी पार्टी के साथ सरकार क्यों बनाई! प्रश्न यह है की महबूबा लोकतान्त्रिक तरीके से चुनाव जीतकर सत्ता में आई है तो इसमे बीजेपी का क्या दोष है,यदि दोष है तो इन्हें वोटदेने वालो का है ! यदि इस देश में राष्ट्रद्रोही अपराधी जेल के अंदर बंद सजायाप्ता लोग चुनाव जित जाते है तो इसमें गलती जितने वाले की है या जिताने वालो की !
        Reply
        1. S
          sanjay
          Oct 6, 2016 at 6:59 am
          कपिल मिश्रा के अनुसार महबूबा अफजल गुरु हानवानी के प्रति ानुभति रखती है तो इस प्रकार की सोच को कोई भी राष्ट्र भक्त व्यक्ति और देश की सभी राजनीतिक पार्टीया इसे ी नहीं ठहराएगी ! लेकिन मिश्राजी यदि महबूबा पर उनकी सोच नीतियों पर सवाल उठाएंगे तो वह लोकतांत्रिक तरीके से लाखो वोटरों के समर्थन से उनकी पार्टी चुनाव जीती है तो महबूबा की सोच पर तो आप सवाल पूछ रहे है लेकिन उसके लाखो वोटरों से कैसे आप प्रश्न पूछेंगे नाराजगी कैसे प्रकट करेंगे उस सोच को कैसे समझावोगे !
          Reply
          1. S
            sanjay
            Oct 6, 2016 at 6:34 am
            यदि एक अपराधी सोच या राष्ट्रद्रोही सोच,या भ्र्स्ताचारी सोच वाला व्यक्ति इस देश में लोकतान्त्रिक तरीके से जनता के समर्थन से भारी मतों से चुनाव जीतता है तो चुनाव जितने वाले उम्मीदवार पर तो नजर सरकार मीडिया बुद्दिजीवी लोग पत्रकार बंधू आदि आकड़ो के जरिये तो रख सकती है उसके कार्यो का खुलासा कर सकती है लेकिन इस सोच वाले उम्मीदवार को भारी मतों से जिन लाखो जनता ने मतदान कर चुनाव जिताया है उस सोच से यह देश कैसे निजात पायेगा ऐसी प्लानिंग हमारे देश में कभी बनेगी !हमें ी सोच से लड़ना है न की एक व्यक्ति से
            Reply
            1. Load More Comments

            सबरंग