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यूजीसी पर आइसा का प्रदर्शन, एबीवीपी ने भी सौंपा ज्ञापन

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एमफिल-पीएचडी में सीट कटौती के खिलाफ छात्रसंघ की अगुवाई में छात्र मंगलवार को आइटीओ स्थित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) मुख्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराया।
Author नई दिल्ली | March 29, 2017 01:15 am
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्याल के छात्र (फाइल फोटो)

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एमफिल-पीएचडी में सीट कटौती के खिलाफ छात्रसंघ की अगुवाई में छात्र मंगलवार को आइटीओ स्थित विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) मुख्यालय पहुंचे और विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष मोहित कुमार, पूर्व अध्यक्ष आशुतोष, आइसा के वरिष्ठ पदाधिकारी व युवा नेता मसलन सुचेता डे व नीरज कुमार आदि भी मौजूद थे। खास बात यह रही कि प्रदर्शन के बाद इसी मुद्दे पर जेएनयू की एबीवीपी इकाई भी यूजीसी पहुंची और इस बाबत जारी सकुर्लर को वापस लेने की मांग की।

जेएनयू के भाजपा नेता सौरभ शर्मा के मुताबिक एबीवीपी का एक प्रतिनिधिमंडल यूजीसी के सदस्य प्रो जी गोपाल रेड्डी और प्रो इंद्र कुमार से मिला। प्रतिनिधि मंडल में जेएनयू एबीवीपी के अध्यक्ष ललित पांडेय, मंत्री निकुंज, कामिनी, श्वेता, विजय, रवि, अभिजीत व योगेंद्र आदि मौजूद थे। उधर प्रदर्शन के बाद आइसा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी जेएनयू में हो रही सीट कटौती को रोकने के लिए यूजीसी जाकर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रदर्शन को जायज ठहराते हुए आइसा ने जेएनयू में एमफिल-पीएचडी में सीट कटौती के मुद्दे को छात्र विरोधी बताया और इसे वापस लेने की मांग की।

बकौल छात्र नेता यूजीसी के सदस्यों ने मिलने गए प्रतिनिधिमंडल के छात्रों को आश्वासन दिया कि वे यूजीसी की बैठक में इस विषय को रखेंगे। इस मौके पर कई अन्य मांगें भी रखी गर्इं, जिनमें कहा गया है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सीट कटौती को रोका जाए और इस प्रावधान को कुछ समय के लिए रोकते हुए चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए व छात्रों को प्रवेश दिया जाए।  छात्रों ने कहा कि एमफिल की प्रवेश परीक्षा में प्रस्तावित 100 फीसद साक्षात्कार को वापस कर लिखित परीक्षा 80 फीसद और साक्षात्कार 20 फीसद किया गया था, उसे फिर से लागू किया जाए। प्राध्यापकों की जल्दी से जल्दी नियुक्ति की जाए। सामाजिक विविधता और भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए डेप्रिवेशन प्वाइंट को पहले की तरह लागू किया जाए।

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