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कन्‍हैया कुमार पर JNU प्रशासन को बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने पलटा फैसला

संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के विरोध में नौ फरवरी को परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने और कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी नारे लगाये जाने के सिलसिले में कन्हैया, खालिद और भट्टाचार्य को पहले देशद्रोह के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था।
Author October 12, 2017 17:25 pm
जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार। (पीटीआई फाइल फोटो)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज जवाहरलाल नेहरू विश्विविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत 15 छात्रों के खिलाफ की गयी विश्वविद्यालय द्वारा की गयी अनुशासनात्मक कार्रवाई को रद्द कर दिया। यह कार्रवाई पिछले साल नौ फरवरी को विश्वविद्यालय में विवादास्पद कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ी थी। न्यायमूर्ति वी के राव ने इस मामले को नय सिरे से फैसला करने के लिये वापस जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयम) के पास भेज दिया। इससे पहले अदालत ने छात्रों को रिकॉर्ड का निरीक्षण करने और उन्हें सुनने की अनुमति दी थी। अदालत ने जेएनयू के अपीली प्राधिकार से कहा कि वह छात्रों को सुनने के छह हफ्ते के भीतर एक तार्किक आदेश दे। जिन छात्रों की सुनवाई होनी है उनमें उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य भी शामिल है। इनका कहना था कि विश्वविद्यालय ने अनुशासनहीनता के आरोपों से खुद को बचाने के लिये पर्याप्त अवसर नहीं दिया।

छात्रों ने उन्हें दी गयी सजा को भी याचिका में चुनौती दी थी। जेएनयू प्रशासन ने छात्रों को कुछ सेमेस्टर के लिये निष्कासन से लेकर हॉस्टल सुविधा छोड़ने जैसी सजायें दी थीं। विश्वविद्यालय के अपीली प्राधिकार ने उमर खालिद को इस साल दिसंबर तक के लिये विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया था जबकि भट्टाचार्य को पांच साल के लिये विश्वविद्यालय से बाहर किया गया था। संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिये जाने के विरोध में नौ फरवरी को परिसर में कार्यक्रम आयोजित करने और कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी नारे लगाये जाने के सिलसिले में कन्हैया, खालिद और भट्टाचार्य को पहले देशद्रोह के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें बाद में मामले में जमानत दे दी गयी थी। इस संबंध में आरोप पत्र अब तक दायर नहीं किया गया है।

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  1. H
    HIRA KANT
    Oct 13, 2017 at 10:57 am
    दिल्ली पुलिस, डूब मरो चुल्लू भर पानी में.
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    Reply
    1. R
      ram
      Oct 13, 2017 at 9:47 am
      देश को गाली दो और क्रन्तिकारी कहलाओ -- देश के टुकड़े करने का नारा लगाओ और क्रन्तिकारी कहलाओ --देश द्रोहियो के पोस्टर लगाओ और क्रन्तिकारी कहलाओ ----आर्मी के लोगो को गाली दो और क्रन्तिकारी कहलाओ --हाथ में देश के सुधार का कोई प्लान नहीं है परन्तु क्रन्तिकारी कहलाओ --आज की जनरेशन अपने को यह सोच ले कर चली तोह यह देश अवश्य टूटेगा -- J N U में कोई है जो इनको बताये पार्टीशन के समय में लोग कैसे मारे गए थे --- अधूरा ज्ञान ले कर सोच रहे है यह बहुत बड़े क्रन्तिकारी हो गए है---3 rd रेट यूनिवर्सिटी के 3 rd रेट विद्यार्थी ---मेरा भारत महान
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      Reply
      1. Brajendra Roy
        Oct 12, 2017 at 6:52 pm
        देश की ग़द्दारोको माप नहीं करना चाहिए उनको देश से बाहर करदेना चाहिए इस देश को कन्हैया जैसीरत स्टूडेंट की जरुरत नही है
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        Reply
        1. R
          ram
          Oct 13, 2017 at 10:49 am
          bilkul bahar kar dena chaiye
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          1. R
            ram
            Oct 13, 2017 at 10:50 am
            Bilkul bahar kar dena chaiye
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            Reply
          सबरंग