ताज़ा खबर
 

टीके बन सकते हैं जानलेवा डेंगू के खिलाफ असरदार हथियार

जानलेवा डेंगू के खिलाफ दो टीके (एक विदेशी और एक भारतीय) नियामक मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं।
Author नई दिल्ली | October 10, 2016 05:31 am
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतकिरण के लिए किया गया है।

जानलेवा डेंगू के खिलाफ दो टीके (एक विदेशी और एक भारतीय) नियामक मंजूरियों का इंतजार कर रहे हैं। वहीं एक बड़ी दवा कंपनी बड़े स्तर के चिकित्सीय परीक्षण की मांग कर रही है ताकि आपात स्थिति को देखते हुए इस बीमारी के टीके को जल्द से जल्द भारत में लाया जा सके। वहीं, लाखों लोगों के पीड़ित होने के बावजूद भारत में खोजा गया डेंगू का संभावित टीका दिल्ली की प्रयोगशाला की अलमारियों में धूल फांक रहा है। डेंगू के साथ भारत एक हारी हुई लड़ाई लड़ रहा है। कम से कम दो ऐसे टीके हैं, जो इस लड़ाई में मददगार साबित हो सकते हैंं। वैश्विक तौर पर देखा जाए तो सबसे ज्यादा आधुनिक टीका दिग्गज दवा कंपनी सनोफी ने बनाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी अनुशंसा की है। नौ साल से 45 साल तक के उम्र समूह में डेंगू से निपटने के लिए यह एकमात्र प्रभावी उपाय है।इस साल की शुरुआत में भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में सनोफी डेंगू टीके को लाने से इनकार कर दिया था क्योंकि कंपनी चाहती थी कि इसे तेजी से लाया जाए और भारत में तीसरे चरण के चिकित्सीय परीक्षण से छूट दी जाए। मंत्रालय का कहना था कि ‘‘साक्ष्य इतने ज्यादा नहीं हैं कि भारत में चिकित्सीय परीक्षण से छूट दे दी जाए।’’ बीते कुछ सप्ताह में, कंपनी ने एक बार फिर नियामक अधिकारियों से संपर्क करके मामले पर दोबारा गौर करने के लिए कहा है। तब एम्स और मौलाना आजाद चिकित्सा मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की एक समिति ने सुझाव दिया कि इस टीके को विपणनोत्तर कठोर निगरानी में लाया जाए। हालांकि इसके बाद भी कई कठिन स्थितियों से गुजरना है।

कोट-1
‘‘सरकारी आंकड़े तो एक अंश मात्र हैं। कोई भी व्यक्ति डेंगू के असली बोझ के बारे में नहीं जानता। सच्चाई 282 गुना ज्यादा और 1000 गुना ज्यादा आकलन के बीच में कहीं है। इस वजह से देश को डेंगू के खिलाफ काम करने वाले टीके की भारी जरूरत है। ‘‘
डॉ सौम्या स्वामीनाथन
महानिदेशक, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद

कोट-2
‘‘हमारे डेंगू टीकों में यकीन करने की कम से कम पांच अच्छी वजहें हैं। ये हैं- भारत समेत विभिन्न स्थानों पर 20 साल का शोध, विश्व स्वास्थ्य संगठन की अनुशंसा, 10 देश पहले ही टीके अपना चुके हैं, डेंगू की भीषण स्थिति के खिलाफ यह कारगर है और विश्व भर में पांच लाख लोगों को अब तक टीका दिया जा चुका है।’’
ज्यां पियरे बेले, कंट्री हेड, सनोफी पाश्चर इंडिया
jansatta

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग