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घर में बजने वाली थी शहनाई, धमाके के बाद पसरा मातमी सन्नाटा

जिस चूल्हे पर चाय बनाया जा रहा था उस गैस सिंलेडर में ऐसी आग लगी कि बुझने का नाम ले रही थी। किसी को घर से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। हंगामा मच गया और पलभर में सब कुछ तहस-नहस हो गया।
Author नई दिल्ली | June 28, 2017 03:36 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

सोमवार रात जिस घर में मेहमानों की चहल पहल चल रही थी उसी घर में घंटे भर बाद मातम छा गया। उस घर में दो दिन बाद शादी होनी थी। दक्षिणी दिल्ली के ओखला टाटा स्टील के नाम पर बनी एक झुग्गी में रहने वाले परिवार अपने रिश्तेदारों से हंसी मजाक कर शादी की खुशियां मना रहे थे। तभी अचानक चाय बना रही मौसी की चीख की आवाज सुनाई दी। परिजनों को लगा था कि चाय की केतली गिरी होगी। पर होनी कुछ और ही थी। जिस चूल्हे पर चाय बनाया जा रहा था उस गैस सिंलेडर में ऐसी आग लगी कि बुझने का नाम ले रही थी। किसी को घर से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। हंगामा मच गया और पलभर में सब कुछ तहस-नहस हो गया। जहां शहनाई गूंजनी थी वहां कोहराम मच गया। इस आग ने पूरे परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। परिवार के दस लोग झुल गए और सभी को तुरंत पीसीआर और दिल्ली फायर ने सफदरजंग और इएसआइ अस्पताल पहुंचाया जहां घंटे भर बाद ही दो महिलाओं को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मंगलवार तड़के तीन अन्य सदस्यों ने भी दम तोड़ दिया।

दक्षिणी दिल्ली के ओखला फेस-एक के टाटा स्टील के पास करीब सौ के करीब झुग्गी है। इसमें कुछ पक्की और कुछ कच्ची कॉलोनी की तरह है। उत्तर प्रदेश के सुरेंद्र सालों से यहां रह रहे हैं। यहां रह रहे ज्यादातर परिवार के सदस्य ओखला औद्योगिक इलाके में काम करते हैं। कुछ महिलाएं पास के कालकाजी, ग्रेटर कैलाश के बड़े घरों में घरेलू काम करने जाती है। जिस घर में शहनाई बजने वाली थी वहां अब मातम का शोर और चीखें गूंज रही है। सोमवार रात करीब दस बजे गैस सिलेंडर ब्लास्ट में दूल्हे की मां, भाई, दो मौसी और मौसी की बच्ची की मौत हो गई। अभी भी सफदरजंग अस्पताल में तीन लोग आइसीयू में गंभीर हालत में भर्ती है। सोमवार रात से ही जिले के पुलिस उपायुक्त रोमिला बनियां अपने अधीनस्थों के साथ घटनास्थल पर मौजूद थे और उन्होंने कहा कि पुलिस को सोमवार रात 9 बजकर 54 मिनट पर सूचना मिली।

हादसे के बाद शादी को अपशगुन मान रहे लोग पीड़ित के घर में शादी थी और घर के मेन गेट पर ही गैस सिलिंडर स्टोव पर चाय बनाया जा रहा था जहां अचानक आग लगी और दो महिलाओं लालसा और संतरा को रात में इएसआइ के डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया वहीं 26 साल का रविकांत उर्फ सोनू, 42 साल की उषा, 45 साल के सुरेंद्र, 27 साल का गुड्डू, 18 साल जितेंद्र, 19 साल का शशिकांत और छह साल की खुशी को गंभीर हालत में सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां खुशी, शशिकांत और ऊषा ने भी मंगलवार तड़के दम तोड़ दिया। उषा लड़की की मां थी। सुरेंद्र पिता और शशिकांत भाई। परिवार के चार सदस्य अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। घटनास्थल पर मौजूद दमयंती ने बताया कि अब शादी क्या होगी? मां, भाई, दो मौसियों और बहन की मौत के बाद लोग इस शादी को ही अपशकुन मान रहे हैं। आखिर छह साल की बच्ची खुशी ने किसका क्या बिगाड़ा था जो उसे शादी में शामिल होने के बदले मौत मिली। इस आग ने एक और झुग्गी को भी चपेट में ले लिया था।

 

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