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1965 में पाकिस्तान को धूल चटाने वाले मार्शल अर्जन सिंह का निधन

पाकिस्तान ने 1965 में ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम शुरू किया जिसमें उसने अखनूर शहर को निशाना बनाया, तब सिंह ने साहस, प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ भारतीय वायु सेना का नेतृत्व किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मार्शल अर्जन सिंह को देखने पहुंचे थे। (Source: IAF)

भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में उनका निधन हो गया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 98 साल के अर्जन सिंह को दिल का दौरा पड़ा था। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सिंह भारतीय वायुसेना के एक मात्र अधिकारी हैं, जिनकी पदोन्नति पांच सितारा रैंक तक हुई है। यह सेना में फील्ड मार्शल के ओहदे के बराबर है। उन्हें आज (16 सितंबर) दिल्ली स्थित सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण वायु सेना प्रमुख बी एस धनोवा उनका हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।

मार्शल अर्जन सिंह
(फाइल फोटो)

उनसे मिलने के बाद पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘आर एंड आर अस्पताल जाकर भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह का हालचाल जाना जो गंभीर रूप से बीमार हैं। मैंने उनके परिवार के लोगों से भी मुलाकात की।’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारतीय वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह के जल्द ठीक होने की हम सब प्रार्थना करते हैं। चिकित्सक उन्हें बचाने के लिए प्रयासरत हैं।’’  सीतारमण ने उम्मीद जताई कि सिंह जल्द ठीक हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। भारतीय सैन्य इतिहास के नायक रहे सिंह ने 1965 की लड़ाई में भारतीय वायुसेना का नेतृत्व किया था। पाकिस्तान ने 1965 में भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया था और ऑपरेशन ग्रैंड स्लैम शुरू किया जिसमें उसने अखनूर शहर को निशाना बनाया, तब सिंह ने साहस, प्रतिबद्धता और पेशेवर दक्षता के साथ भारतीय वायु सेना का नेतृत्व किया।

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