June 25, 2017

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दिल्ली: बच्चों की दिव्यांगता पड़ गई बौनी, शारीरिक अक्षमताओं को चुनौती दे बिखेरा अभिनय का रंग

जब तक मंच पर इन बच्चों की मौजूदगी रही, दर्शकों की निगाहें इनके अभिनय के रंग में डूबी रही।

Author नई दिल्ली | October 30, 2016 04:42 am
दिल्ली के विवेकानंद महिला महाविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को दिव्यांग बच्चों का अभिनय देर तक दर्शकों को अभिभूत किए रहा।

दिल्ली के विवेकानंद महिला महाविद्यालय के सभागार में शुक्रवार को दिव्यांग बच्चों का अभिनय देर तक दर्शकों को अभिभूत किए रहा। जब तक मंच पर इन बच्चों की मौजूदगी रही, दर्शकों की निगाहें इनके अभिनय के रंग में डूबी रही। इन बच्चों ने अभिनय से यह साबित किया कि वे भी समाज की मुख्यधारा में कदम से कदम मिलाकर चलने का दम-खम रखते हैं। इन्हें देख बरबस दर्शकों के मुंह से बोल फूटे-ये ऐसे दिव्यांग हैं जिनके पास दिव्य अंग हैं।

मध्य प्रदेश नाट्य विद्यालय की ओर से आयोजित भारतेंदु हरिश्चंद्र के नाटक ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ में मंच पर मौजूद बच्चों ने वही किरदार निभाए जो उनकी शारीरिक क्षमताओं के बिल्कुल विपरीत थे। नन्हे बच्चे विभिन्न किरदारों में खूब जम रहे थे। शुभम ने दोनों हाथों और एक पांव से अशक्त होने पर भी महंत की भूमिका में लोगों का मन मोह लिया। आठ साल की निष्ठा दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद सब्जी बेचने वाली की भूमिका से न्याय करती दिखीं। निष्ठा के मासूम बोल कि इच्छाशक्ति से ही यह संभव हो सका, उसकी किरदार को और बड़ा करती है। आदित्य ने सैनिकों के सरदार की भूमिका में जिस प्रभावी अदा से संवाद अदायगी की, वह काबिलेतारीफ है।

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ऐसा इसलिए कि आदित्य ठीक से देखने, चलने, बोलने में अक्षम है। चौपट राजा की महारानी की मूमिका आम्रपाली ने निभाई जो आंखों से देख नहीं सकती, लेकिन मंच पर चलने, बोलने और चेहरे के भाव इतने सशक्त थे कि उसकी शारीरिक अक्षमता बौनी पड़ गई। को देख कर इसका अनुमान लगाना मुश्किल था। बच्चों से इस मुश्किल काम को बखूबी संपन्न कराने में निर्देशक ऋचा तिवारी का अहम योगदान रहा। बकौल ऋचा, बच्चों से संवाद याद कराने में काफी मेहनत करनी पड़ी लेकिन बच्चों के सहयोग से यह काम आसान हो गया। ऋचा ने बताया कि दिव्यांगों के साथ मंचन की परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अशक्त लोगों को दिव्यांग कहे जाने पर आई। इस अवसर पर महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्या सुषमा बंसल ने बच्चों के अभिनय की जमकर तारीफ की और इसे दोबारा मंचन के लिए आग्रह किया।

 

 

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First Published on October 30, 2016 4:33 am

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