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भानजे ने नहीं की महेश कुमार की सिफारिश: पवन कुमार बंसल

नई दिल्ली। पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल सोमवार को यहां की एक विशेष अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि धन के बदले पद संबंधी 10 करोड़ रुपए के रिश्वत मामले में मुकदमे का सामना करने वाले उनके भानजे विजय सिंगला ने आरोपी महेश कुमार की किसी पद पर नियुक्ति की उनसे […]
Author September 23, 2014 09:49 am

नई दिल्ली। पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल सोमवार को यहां की एक विशेष अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि धन के बदले पद संबंधी 10 करोड़ रुपए के रिश्वत मामले में मुकदमे का सामना करने वाले उनके भानजे विजय सिंगला ने आरोपी महेश कुमार की किसी पद पर नियुक्ति की उनसे कभी बात नहीं की। महेश कुमार उस समय रेलवे बोर्ड के सदस्य थे। इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह बंसल ने कहा कि रेल मंत्री के उनके कार्यकाल में सिंगला उनसे तीन बार मिले। लेकिन कुमार की नियुक्ति पर कभी बात नहीं की।

रेलवे में धन के बदले पद संबंधी 10 करोड़ रुपए के रिश्वत मामले में पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल सोमवार को सुनवाई कर रही दिल्ली की एक अदालत के समक्ष उपस्थित हुए। इसमें उनके भानजे भी एक आरोपी हैं। बंसल ने विशेष सीबीआइ न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा को बताया,‘विजय सिंगला ने मुझे आरोपी महेश कुमार की किसी पद पर नियुक्ति के बारे में कोई बात नहीं की।’ उन्होंने कहा कि कुमार रेलवे बोर्ड के सदस्य (स्टाफ) के रूप में नियुक्ति के लिए वरिष्ठतम योग्य व्यक्ति थे। उन्हें इस पद पर उनके कार्यकाल के दौरान पदोन्नति दी गई।

बंसल अदालत की ओर से 16 सितंबर को जारी ताजा समन पर अदालत में उपस्थित हुए। अदालत ने कहा था कि अगली तारीख को उन्हें निजी तौर पर उपस्थित होने से छूट नहीं दी जाएगी। पिछली तारीख पर बंसल के वकील पुनीत आहलुवालिया ने अदालत से कहा था कि कांग्रेस नेता अस्वस्थ हैं। वह 19 सितंबर के बाद किसी तारीख को उपस्थित होंगे। अदालत ने उन्हें छूट दे दी थी। सोमवार को उनकी गवाही पूरी नहीं हुई।

बंसल का बयान दर्ज करने से पहले विशेष सीबीआइ न्यायाधीश स्वर्णकांत शर्मा ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को कार्रवाई के दौरान अदालत कक्ष खाली करने को कहा। बंसल को इस मामले में अभियोजन पक्ष के गवाह के रूप में बुलाया गया था। इस मामले में उनके भानजे विजय सिंगला, रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार और अन्य आठ सुनवाई का सामना कर रहे हैं।

बंसल ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में रेल मंत्री के पद से पिछले साल मई में इस्तीफा दे दिया था। उन्हें इस मामले में अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया था। अदालत ने इस मामले की सुनवाई 15 सितंबर को शुरू की थी जिसमें सीबीआई ने पिछले साल 10 लोगों के नाम आरोपपत्र में लिए थे। अदालत ने इस साल 11 मार्च को सभी आरोपियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आरोप तय किए थे।

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