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दिल्ली: बलात्कार की शिकार अमेरिकी महिला जांच से असंतुष्ट

पीड़िता ने फार्म में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और पीड़िता की शिकायत के आधार पर कंपनी ने एक आंतरिक जांच की लेकिन उसमें उन्हें दोषी नहीं पाया गया।
Author नई दिल्ली | December 13, 2016 03:58 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

कनॉट प्लेस के एक पांच सितारा होटल में अप्रैल में जिस अमेरिकी महिला से कथित सामूहिक बलात्कार हुआ था, उसने कहा है कि वह जांच से संतुष्ट नहीं हैं। वह अपने ‘भयानक’ अनुभव के बावजूद जांच में शामिल होने के लिए यहां आने को तैयार हैं। पीड़िता ने एक ईमेल पर बातचीत में बताया कि आठ महीने से उन्हें परेशान कर रहे डरावने अनुभव का वह किस तरह से सामना करने की कोशिश कर रही हैं। अमेरिका में सहायक शिक्षिका के तौर पर काम करने वाली 25 साल की पीड़िता ने दावा किया कि आरोपी ने उन्हें कई दिनों तक मादक पदार्थ से नशे में रखा और बाद में वह घटना का ब्योरा जुटा सकी। उसने बताया कि लौटने पर जुलाई 2016 खत्म होने को था तभी उन्हें भारत में हुई चीजें याद आनी शुरू हुई। उसने कहा, ‘आज तक, जब कभी मैं दिमाग पर जोर डालती हूं तो मैं डर जाती हूं। मैं खुद को काम में और अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखने की कोशिश कर रही हूं।’ उन्होंने एक एनजीओ से संपर्क किया जिसने दिल्ली पुलिस को पांच अक्तूबर को एक ईमेल भेजा।

पीड़िता ने बताया, ‘जिस तरह से जांच हो रही है उससे मैं संतुष्ट नहीं हूं। दिल्ली पुलिस ने मेरी ओर से एनजीओ की ओर से दायर शिकायत 17 अक्तूबर को स्वीकार कर ली लेकिन उन्होंने कोई जांच शुरू नहीं की।’ उन्होंने बताया, ‘मैंने मीडिया में आई खबरें पढ़ीं और ऐसा लगता है कि पुलिस ने फोन पर आरोपी से संपर्क किया। मैं चिंतित हूं कि आरोपी को अब तक क्यों नहीं गिरफ्तार किया गया है जबकि तीन दिसंबर को प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है।’उसने दावा किया, ‘मैंने उनके कुछ ईमेल का जवाब दिया जिसका जवाब देने में उन्होंने देर की। मुझे डर है कि आरोपी सबूत नष्ट कर सकते हैं।’ पीड़िता ने कहा कि वह यहां वापस आने में सहज महसूस नहीं कर रही हैं फिर भी जांच एजंसियों को भरोसा दिलाया है कि वह जरूरत पड़ने पर मामले में सहायता के लिए यहां आएगी। उसने जोर देते हुए कहा, ‘मेरे पास खौफनाक यादें हैं। मैं भारत जाने में सहज नहीं हूं लेकिन मैं जांच में शामिल होने जाऊंगी ताकि आरोपी को सजा मिल सके।’

पीड़िता ने बताया कि वह भारत आने के लिए आर्थिक मदद की व्यवस्था करने की कोशिश कर रही हैं और दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास और अमेरिका स्थित कुछ एनजीओ इस सिलसिले में मदद कर रहे हंै जबकि परिवार भावनात्मक सहयोग दे रहा है। महिला ने बताया कि उसने अपनी पहली विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना क्योंकि वह भारतीय और मध्य पूर्व की संस्कृति के बारे में जानने में रूचि रखती थी जबकि उन्हें इस देश में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं के बारे में बताया गया था।  उसने याद करते हुए कहा, ‘लोगों ने मुझे चेताया था और मुझे समझाने की कोशिश की थी कि इन कारणों से भारत न जाऊं। मैंने इस यात्रा के लिए किसी तरह से अपने परिवार को मनाया।’ पीड़िता ने पुलिस शिकायत में कहा है कि उसे आरोपी ने कथित तौर पर मादक पदार्थ के जरिए नशे में रखा और उनके साथ की गई हरकत का वीडियो बनाया। साथ ही गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी। उसने बताया, ‘मुझे लगता है कि आरोपी ने मेरी यात्रा के कम से कम पहले तीन दिन किसी ना किसी रूप में मुझे मादक पदार्थ देना जारी रखा।’

मुख्य आरोपी एक ‘टूर गाइड’ है। उससे पुलिस ने पिछले हफ्ते पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि पीड़िता ने फार्म में सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और पीड़िता की शिकायत के आधार पर कंपनी ने एक आंतरिक जांच की लेकिन उसमें उन्हें दोषी नहीं पाया गया। वहीं, पीड़िता ने बताया, ‘मुझे नहीं पता कि आरोपी ने क्या कहा लेकिन फार्म में सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की बात मुझे याद नहीं है। मुझे उसकी कंपनी द्वारा कोई जांच किए जाने की जानकारी नहीं है। बहरहाल, उन्होंने कहा कि वह भारत से नफरत नहीं करती और यहां वापस आना चाहेंगी। इस मामले को देख रहे अधिवक्ता मृत्युंजय कुमार ने बताया, ‘वह भारत वापस आना चाहती हैं। वह चाहती हैं कि पुलिस को इस मामले की गहन और पेशेवर तरीके से जांच करनी चाहिए ताकि आरोपी को सजा मिले।’

 

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