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अगर AAP विधायकों को अयोग्य ठहराया जाता है तो केजरीवाल होंगे जिम्मेदार: देवेंद्र सहरावत

हाईकोर्ट ने आठ सितंबर के अपने आदेश में आप सरकार द्वारा 21 विधायकों की संसदीय सचिव के रूप में नियुक्ति को गैर-कानूनी ठहरा दिया था क्योंकि इसे दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली थी।
Author नई दिल्ली | September 10, 2016 17:10 pm
बिजवासन से ‘आप’ के बागी विधायक कर्नल (रि) देवेंद्र सहरावत। (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी (आप) के बागी विधायक देवेंद्र सहरावत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक और पत्र लिखकर कहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बाद संसदीय सचिव के रूप में नियुक्त किए पार्टी के 21 विधायकों को अगर अयोग्य ठहराया जाता है तो इसके लिए वह ‘जिम्मेदार’ होंगे। सहरावत का यह ताजा मामला पार्टी में बढ़ रहे आंतरिक कलह को दिखलाता है, जो पहले ही अपने नेताओं पर लग रहे अनैतिक व्यवहार और कदाचार के आरोपों से जूझ रही है। आप विधायक ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और जया बच्चन की नियुक्ति को उच्चतम न्यायालय द्वारा गैर-कानूनी ठहराये जाने के निर्णय की ‘भली-भांति जानकारी’ होने के बावजूद केजरीवाल ने ‘आशीष तलवार जैसे सलाहकार’ के ‘परामर्श’ पर उनको संसदीय सचिव नियुक्त किया, जिनको इन चीजों की ‘कोई जानकारी’ नहीं है।

सहरावत ने पार्टी की पंजाब इकाई के नेताओं पर टिकट के बदले महिलाओं के शोषण का आरोप लगाया था जिसके बाद आप की राज्य इकाई ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इसके बाद से ही बिजवासन के विधायक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आलोचना कर रहे हैं और इसी कड़ी में उन्होंने आप प्रमुख और उनकी ‘मंडली’ पर ताजा हमला बोला है। उच्च न्यायालय ने आठ सितंबर के अपने आदेश में आप सरकार द्वारा 21 विधायकों की संसदीय सचिव के रूप में नियुक्ति को गैर-कानूनी ठहरा दिया था क्योंकि इसे दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी नहीं मिली थी।

सहरावत ने अपने पत्र में कहा, ‘मौजूदा स्थिति यह है कि इन 21 विधायकों पर विधानसभा की सदस्यता खत्म होने का संकट मंडरा रहा है और अब यह आपकी जिम्मेदारी है क्योंकि आपने ना सिर्फ उन्हें फिर से चुनाव का सामना करने के लिए मजबूर किया है वरन एक बार फिर चुनाव (संभावित तौर पर) के जरिए आप ने दिल्ली के लोगों पर भार डाला है।’ सहरावत ने शिकायत करते हुए कहा कि वह पहले भी केजरीवाल को कई पत्र लिख चुके हैं, जिनमें ‘महिलाओं के शोषणा’ के बारे में लिखा गया खत भी शामिल है लेकिन किसी भी पत्र का जवाब नहीं मिला।

उन्होंने आप नेता और दिल्ली डायलॉग कमीशन के प्रमुख आशीष खेतान को भी निशाने पर लिया और मांग की कि केजरीवाल इस निकाय को ‘तुरंत प्रभाव’ से भंग कर दें क्योंकि वह ‘सफेद हाथी’ है। उन्होंने अपने पत्र में लिखा, ‘शटल बस सेवा के प्रस्ताव में दिल्ली डायलॉग कमीशन की भूमिका संदिग्ध थी, कमीशन को दिल्ली दलाल कमीशन के तौर पर जाना जा रहा है।’ आप के पंजाब मामलों के प्रभारी संजय सिंह और पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने सहरावत और दो अन्य नेताओं एचएस किंगरा और पवित्र सिंह के खिलाफ चंडीगढ़ की एक अदालत में शुक्रवार (9 सितंबर) को मानहानि के मामले दाखिल किए।

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