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“आजमगढ़ का बड़ा साजिद इंटरनेट पर कराता था आईएस के लिए भारतीय नौजवानों की भर्ती”

भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि आजमगढ़ का रहने वाला बड़ा साजिद साल 2015 में सीरिया में मारा गया था।
इससे पहले भारतीय सुरक्षा एजेंसी मान रही थीं कि बड़ा साजिद सीरिया में मारा जा चुका है। (फाइल फोटो)

इंटरनेट पर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के लिए ऑनलाइन आईडी यूसुफ-अल-हिन्दी से लोगों की भर्ती करने वाले दो आतंकियों में से एक आजमगढ़ का मोहम्मद साजिद उर्फ बड़ा साजिद हो सकता है। भारतीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि बड़ा साजिद साल 2015 में सीरिया में मारा गया था। सऊदी अरब से अप्रैल में प्रत्यर्पित किए गए आईएस आतंकी अमजद खान से भारतीय खुफिया एजेंसियों से पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं। सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अमजद खान ने यूसुफ-अल-हिन्दी की एक तस्वीर की पहचान की।

साल 2008 में भारतीय खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए पाकिस्तान भागने से पहले साजिद इंडियन मुजाहिद्दीन (आईएम) का सदस्य था। साजिद पाकिस्तान से कर्नाटक के शफी अरमार के साथ अफगानिस्तान के रास्ते सीरिया भाग गया। शफी अरमार को हाल ही में अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय आंतकवादी घोषित किया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि साजिद और अरमार इंटरनेट पर भारतीय युवाओं को आतंकवाद से जोड़ने का काम करते थे। जांचकर्ताओं के अनुसार संभव है कि साजिद और अरमार इसके लिए यूसुफ-अल-हिन्दी नाम की एक ही आईडी का इस्तेमाल करते थे। एक जांच अधिकारी ने बताया, “संभव है कि साजिद की मौत के बाद अरमार यूसुफ-अल-हिन्दी का अकाउंट चलाता हो।”

सूत्रों के अनुसार राजस्थान के रहने वाले 37 वर्षीय अमजद खान ने जांचकर्ताओं को बताया, “शुरुआत में यूसुफ ने अपनी पीछे से ली गई एक तस्वीर (टेलीग्राम अकाउंट) के प्रोफाइल पिक्चर के तौर पर लगाई थी। दिसंबर 2015 को उसने अपनी सामने से ली गई तस्वीर लगाई थी।” जांचकर्ताओं का मानना है कि ये दोनों तस्वीरें एक ही साथ अलग-अलग कोण से ली गई थीं। खान ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने उसी आदमी को मई 2016 में सोशल मीडिया पर आईएस द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में देखा था। उस वीडियो में महाराष्ट्र से सीरिया गए लोगों के बारे में बताया गया था।

अमजद खान ने जांचकर्ताओं को बताया, “मैं यूसुफ से जून-जुलाई 2015 में संपर्क में आया। मैं हिज्र (प्रवासन) पर जाना चाहता था…उसके टेलीग्रीम अकाउंट पर भटकली लिखा हुआ था…यूसुफ ने मुझे बताया कि वो कर्नाटक के भटकल का है। उसने बताया कि वो अपने भाई के साथ अफगानसिस्तान में तालिबान के साथ जुड़ गया था। यूसुफ ने बताया कि वो सीरिया के राक्का में है।” हालांकि खान ये जांचकर्ताओं  से ये भी कहा कि उसे शक है कि यूसुफ-अल-हिन्दी भारतीय जांच एजेंसियों के लिए “काम” करता है और भारत में दर्जनों नौजवानों की गिरफ्तारी के पीछे उसका हाथ है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) का मानना है कि अमजद खान उर्फ अयान खान सलाफी भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए हाल ही बनाए गए जुनूद-उल-खलीफा-फिल-हिन्द का “अहम किरदार” है। अमजद खान पर साल 2014 में बेंगलुरु के चर्च स्ट्रीट पर आलमजेब अफरीदी से बम धमाका करवाने का आरोप है। अमजद खान और अफरीदी इंटरनेट पर नियमित संपर्क में थे।

वीडियो- ईद मुबारक के पोस्टर पर बुरहान वानी समेत कई आतंकियों की तस्वीर

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