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जेएनयू में उठी टैंक रखने की मांग तो बोले जामिया के कुलपति, हमारे यहां तो मिग रखा है

साल 2010 में इंडियन एयर फोर्स ने जामिया को दो मिग विमान दिए थे। दोनों मिग विमान जामिया इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सामने खड़े हैं।
साल 2010 में इंडियन एयर फोर्स ने जामिया को दो मिग विमान दिए थे। दोनों मिग विमान जामिया इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सामने खड़े हैं। (फाइल फोटो)

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के कुलपति द्वारा छात्रों को प्रेरित करने के लिए कैंपस में एक टैंक रखने की मांग पर उठे विवाद के बीच जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के कुलपति प्रोफेसर तलत अहमद ने अब एक बयान दिया है। अहमद ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में पहले से ही लड़ाकू विमान ‘मिग’ लगा हुआ है और उन्हें इसमें कोई खराब बात नहीं लगती है। जेएमआई के कुलपति ने कहा, ‘हमारे यहां पहले से ही मिग विमान लगा हुआ है । छात्रों को प्रेरणा देने के लिए ठीक है । अच्छा है, बच्चों को एक तरह से प्रेरणा मिलेगी, जिन लोगों ने देश के लिए सेवाएं दी हैं, सीमा पर बलिदान दिया है । उनके बारे में गौरव का भाव आएगा।’ जेएनयू के कुलपति पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि अगर वो चाहते हैं तो टैंक रख सकते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि सिर्फ देशभक्ति साबित करने के लिए ऐसा करना ठीक नहीं है। मगर छात्रों को प्रेरणा देने के ऐसा करने में कोई बुराई नहीं है। गौरतलब है कि साल 2010 में इंडियन एयर फोर्स ने जामिया को दो मिग विमान दिए थे। दोनों मिग विमान जामिया इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के सामने खड़े हैं।

जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर सेना का एक टैंक रखने की इच्छा व्यक्त की है। दरअसल, करगिल विजय दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में कुलपति एम जगदीश कुमार ने केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान और जनरल वीके सिंह से गुजारिश की कि वे विश्वविद्यालय को सेना का एक टैंक दिलवाने में मदद करें। जगदीश कुमार के अनुसार टैंक को कैंपस में एक जगह रखा जाएगा जो छात्रों को सेना के बलिदान की याद दिलाता रहे । बता दें कि जेएनयू में पहली बार करगिल विजय दिवस समारोह का आयोजन किया गया था और तिरंगा मार्च भी निकाला गया था । इस मार्च का आयोजन विश्वविद्यालय प्रशासन और वेटरंस इंडिया ने मिलकर किया था । इस मार्च में दो केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, जनरल वीके सिंह आदि शामिल हुए थे।

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