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दिल्ली: चुनाव बाद बड़े पैमाने पर होगा अधिकारियों का फेरबदल, पसंदीदा जगहों पर तैनाती के लिए लामबंदी तेज

पटनायक के सामने इस फेरबदल के बाद दिल्ली पुलिस में अपनी वह जगह भी बनानी है जिसकी बदौलत कुछ दिनों के लिए ही सही आइपीएस का पद उन्हें मिल सके।
Author नई दिल्ली | February 13, 2017 03:07 am
महिलाओं की सुरक्षा करने का दावा करने वाली पुलिस के सिपाही ने ही सहकर्मी को असुरक्षा का अहसास करा दिया।(प्रतिकात्मक तस्वीर)

दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों की बड़े पैमाने पर फेरबदल होगी। उत्तर प्रदेश चुनाव में व्यस्त रहने के कारण गृह मंत्री से इस दिशा में हरी झंडी नहीं मिली है लिहाजा नवनियुक्त पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक के पदभार ग्रहण करने के बाद से ही फेरबदल में आला पदों के लिए दौड़ भाग शुरू हो गई है। मौजूदा समय में विशेष आयुक्त प्रशासन और सतर्कता पर तो तैनाती होनी ही है इसके अलावा विशेष आयुक्त मुख्यालय, संयुक्त आयुक्त आर्थिक अपराध शाखा, अतिरिक्त आयुक्त लाइसेंसिग, सिक्योरिटी के अलावा कई उपायुक्तों को भी इधर से उधर किया जाएगा। मीडिया में पुलिस पारदर्शी तरीके से अपनी बात रख सकें इसलिए राजन भगत के जाने के बाद पुलिस प्रवक्ता के पद पर भी एक अधिकारी को तैनात करना है। पटनायक के सामने इस फेरबदल के बाद दिल्ली पुलिस में अपनी वह जगह भी बनानी है जिसकी बदौलत कुछ दिनों के लिए ही सही आइपीएस का पद उन्हें मिल सके। तय माना जा रहा है कि मलाई काट रहे पुलिस अधिकारी इधर से उधर किए जाएंगे और दूसरे राज्यों और अन्य बलों में तैनाती काटकर दोबारा दिल्ली पुलिस में आने वाले आला अधिकारी की तैनाती अच्छे पदों पर होगी।

पूर्व आयुक्त और मौजूदा समय में सीबीआइ निदेशक आलोक कुमार ने जिस तरह छोटे से कार्यकाल में ही 25 से 30 सालों से प्रोन्नति की बाट जोह रहे कांस्टेबल से लेकर एसीपी तक के 25 हजार पुलिसवालों को प्रोन्नति देकर चर्चा में आए, गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वाहवाही बटोरी और फिर मनपसंद पद पाकर यहां से गए उसी तरह नवनियुक्त आयुक्त अमूल्य पटनायक भी आला अधिकारियों के साथ पहली बैठक में ही दिल्ली की कानून व्यवस्था को मजबूत करने की हिदायत देते हुए कुछ ऐसे काम करना चाहते हैं। इसका असर दिखने भी लगा है। उपायुक्त धड़ाधड़ आपराधिक वारदातों का खुलासा कर रहे हैं और बार्डर इलाके सहित अन्य संवेदनशील इलाके में देर रात गश्त जारी है। इस बार पुलिस का सालाना लेखा-जोखा पेश नहीं किया गया। तत्कालीन आयुक्त आलोक कुमार वर्मा इसे टालते रहे और बाद में वे खुद यहां से चले गए।  आयुक्त बनने से पहले पटनायक खुद स्पेशल आयुक्त प्रशासन और सतर्कता के पद पर थे। ये दोनों पद महत्त्वपूर्ण है। इसके लिए 1985 बैच के आइपीएस विशेष आयुक्त ट्रैफिक अजय कश्यप का नाम सामने आ रहा है। इस समय टीएन मोहन इसे देख रहे हैं। कश्यप के जाने के बाद ट्रैफिक की जिम्मेदारी किसे सौंपीं जाए इसे लेकर भी दावेदारी दिखानी शुरू हो गई है। विशेष आयुक्त ताज हसन, संजय बेनीवाल को बड़ा पद मिल सकता है। तीन साल पहले दिल्ली पुलिस में 18 विशेष आयुक्त थे जबकि इस समय दस। इसके अलावा अन्य महत्त्वपूर्ण पदों आर्थिक अपराध शाखा, मुख्यालय संयुक्त आयुक्त, लाइसेंसिंग और सिक्योरिटी के साथ पुलिस प्रवक्ता का पद भी महत्त्वपूर्ण हो गया है।

 

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