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दिल्ली-एनसीआर इस हफ्ते होती रहेगी बारिश

मानसून ने सोमवार को हरियाणा के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान के कुछ और हिस्सों में प्रवेश किया। उत्तर प्रदेश में भी सुस्त पड़े मानसून ने थोड़ी सक्रियता दिखाई है और पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश हुई।
Author नई दिल्ली | July 18, 2017 01:10 am
भारत में इस साल सामान्‍य मानसून रहेगा।

सोमवार को दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिली और मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक यह राहत की बारिश लगभग एक हफ्ते तक रुक-रुक कर जारी रहने की संभावना है। वहीं मानसून ने सोमवार को हरियाणा के कुछ और हिस्सों के साथ-साथ पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान के कुछ और हिस्सों में प्रवेश किया। उत्तर प्रदेश में भी सुस्त पड़े मानसून ने थोड़ी सक्रियता दिखाई है और पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश हुई। उत्तर-पश्चिम भारत में चंडीगढ़ में मानसून का प्रदर्शन अभी तक सबसे खराब रहा है। हालांकि, 1 जून से 17 जुलाई तक के मानसून के प्रदर्शन को पूरे देश के लिए औसतन सामान्य कहा जा सकता है।  बारिश की बौछारों के साथ दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को मानसून की सक्रियता दिखी और प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम श्रेणी की बारिश हुई। सुबह से शहर में बादलों ने डेरा डाल रखा था जो 10-11 बजते-बजते बरसने लगा। दिल्ली से सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी बादलों ने अपनी राहत बरसाई। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) के मुताबिक सुबह साढ़े आठ से लेकर शाम साढ़े पांच तक सफदरजंग केंद्र में 20.6 मिमी, लोधी रोड में 45.4 मिमी, रिज क्षेत्र में 37 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से तापमान में गिरावट आई और सोमवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1 डिग्री कम 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

निजी एजंसी स्काइमेट के मुताबिक मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के हिस्सों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में 23-24 जुलाई तक रुक-रुक कर बारिश के आसार हैं। स्काइमेट के मुताबिक यह बारिश पूरी तरह से स्थानीय बादलों के विकसित होने के कारण है, लेकिन कई जगहों पर मूसलाधार बारिश के आसार अभी नहीं दिख रहे हैं क्योंकि मानसून टर्फ देश के मध्य भारत में अटका हुआ है। हालांकि, आइएमडी के मुताबिक 20 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में कुछ एक जगहों पर भारी बारिश के आसार बन रहे हैं। उत्तर प्रदेश में इस महीने के शुरुआती 11 दिनों तक लगभग पूरे सूबे को भिगोने के बाद कुछ कमजोर पड़े मानसून के जल्द ही फिर जोर पकड़ने की संभावना है। आंचलिक मौसम केंद्र के अनुसार राज्य में मानसून अगली 19 और 20 जुलाई को फिर सक्रिय होने का बाकी पेज 8 पर अनुमान है। इस दौरान प्रदेश के खासकर पश्चिमी भागों में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी भागों में कुछ स्थानों पर बादल बरसने की सम्भावना है। हालांकि पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश हुई। इस दौरान सफीपुर व अंकिनघाट में पांच-पांच सेंटीमीटर, अकबरपुर में चार, चुर्क और भिनगा में तीन-तीन, कन्नौज, गोण्डा, बलरामपुर, ंिबदकी, बरेली, मऊरानीपुर और गुन्नौर में दो-दो सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।

दक्षिण पश्चिम मॉनसून अभी तक पूरा देश कवर नहीं पाया है, जबकि देश के अंतिम छोर (राजस्थान के गंगानगर) में मॉनसून के सामान्यत: पहुंचने की तारीख 15 जुलाई है। पंजाब के भी कई हिस्सों में मॉनसून का पहुंचना अभी बाकी है। लेकिन, चंडीगढ़, कर्नाटक, झारखंड, नागालैंड और मणिपुर को छोड़ देश के अन्य हिस्सों में मॉनसून का प्रदर्शन अभी तक सामान्य या सामान्य से अधिक रहा है। एक जून से 17 जुलाई तक पूरे देश में औसतन 316.7 मिमी बारिश हुई है जो सामान्य से मात्र 1 फीसद कम है।

 

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