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पूर्वी दिल्ली उपचुनाव: मौजपुर वार्ड में हुआ 57.85 फीसद मतदान

इस वार्ड पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव टाल दिया गया था।
Author नई दिल्ली | May 15, 2017 02:57 am
चुनाव के दौरान वोटिंग की फाइल तस्‍वीर। (Source: PTI)

पूर्वी दिल्ली के मौजपुर वार्ड के लिए रविवार को हुआ उपचुनाव शांतिपूर्ण रहा और चिलचिलाती गर्मी के बावजूद 57.85 फीसद मतदाताओं ने अपने मताधिकारों का प्रयोग किया। इस वार्ड पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के निधन के बाद चुनाव टाल दिया गया था। भीषण गर्मी और कड़ी धूप में भी सुबह से ही इलाके के मतदाता भारी संख्या में वोट डालने जाते देखे गए। 49-ई के इस महिला वार्ड में कहीं-कहीं 65 से 70 फीसद तक मतदान की खबर सामने आई है।  मौजपुर में भाजपा की सुमन शर्मा, कांग्रेस की रेखा और आप की शकीला के बीच कड़ी टक्कर है। वहीं समाजवादी पार्टी ने अपनी पूर्व उम्मीदवार साइमा की बेटी रेशमा बेगम को यहां से उम्मीदवार बनाकर चुनाव को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इलाके में करीब 44 हजार मतदाता हैं। इसमें हिंदू और मुसलिम मतदाता करीब-करीब बराबर ही हैं। हिंदू मतदाता केवल पांच फीसद ज्यादा हैं। यहां कुल 44 बूथ बनाए गए थे। चौहान बांगर के मंडल अध्यक्ष और इस इलाके में भाजपा के मुसलिम चेहरे सरताज अहमद अपने साथियों मंडल उपाध्यक्ष रईस अहमद कुरैशी, महामंत्री साबिर अली और पूर्व मंडल अध्यक्ष साजिद खान के साथ भाजपा के प्रचार में जुटे दिखे। सरताज चौहान बांगर से भाजपा के टिकट पर बीते महीने निगम चुनाव भी लड़ चुके हैं।

जीनत महल गवर्नमेंट ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल पर खड़े भाजपा कार्यकर्ताओं में निगम चुनाव की जीत की खुशी साफ दिखी। उनका कहना था कि जब पूरी दिल्ली जीत ली तो एक सीट जीतने में क्या कठिनाई होगी। यहां दोपहर तीन बजे तक करीब 40 फीसद मतदान हो चुका था। यह सीट भाजपा के लिए इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि यहां से पूर्व निगम पार्षद संजय सुरजन पूर्वी नगर निगम में कई महत्त्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। यहां भाजपा ने मुसलिम उम्मीदवार नहीं उतार कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि मुस्लिम बहुल इलाके में भाजपा के हिंदू उम्मीदवार को स्थानीय लोग ज्यादा तवज्जो देते हैं। इससे पहले इलाके के बगल की सीट पर हुए निगम चुनाव में भाजपा ने सरताज अहमद को टिकट देकर यह संदेश देना चाहा था कि पार्टी सभी धर्मों को एक समान मानती है। हालांकि सरताज यहां से चुनाव हार गए और अपनी हार का ठीकरा चुनाव में पैसे के लेनदेन और मोटी रकम देकर वोट खरीदने वालों पर फोड़ा।

भाजपा की तरह कांग्रेसी कार्यकर्ता भी रविवार को सुबह से शाम तक भीड़ की शक्ल में इलाके में देखे गए।यहां की कांग्रेस उम्मीदवार रेखा शर्मा अनिल शर्मा की पत्नी हैं। अनिल लंबे समय से पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं। रेखा के साथ आरडब्लूए के कार्यकर्ताओं की भीड़ भी देखी गई। आरडब्लूए के प्रधान परशुराम शर्मा एवीएम पब्लिक स्कूल, मौजपुर पर लाव-लश्कर के साथ दिखे। शर्मा ने बताया कि अभी जो मोहल्ला सभा है, वह पहले भागीदारी के तहत आरडब्लूए के जिम्मे था। पूर्व विधायक चौधरी मतीन अहमद के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता रविवार को पूरे दमखम से इलाके के मतदाताओं को बाहर निकालने में लगे रहे। शिव मंदिर गली के एवीएम स्कूल में शाम तक करीब 65 से 70 फीसद वोट पड़ने की संभावना जताई गई। स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि यहां कांग्रेस और भाजपा को बराबर वोट मिल सकते हैं। वहीं आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार शकीला का दावा है कि यह सीट पहले से ही आप के खाते में चली गई है। यहां लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भी आप ने बढ़त बनाई थी।

 

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