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आयकर विभाग में मेरी पेशी बदनाम करने की कोशिश: सत्येंद्र जैन

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन मंगलवार को आयकर विभाग के समक्ष पेश हुए।
Author नई दिल्ली | October 5, 2016 05:37 am
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन मंगलवार को आयकर विभाग के समक्ष पेश हुए। पेशी के बाद सत्येंद्र जैन ने कहा कि उन्हें बुलाए जाने का कोई औचित्य नहीं था, यह केवल बदनाम करने की कोशिश है। आयकर विभाग ने पिछले हफ्ते जैन को कोलकाता की कुछ फर्मों के खिलाफ कर चोरी की जांच के संबंध में तलब किया था। आयकर विभाग के नोटिस के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन आप नेता संजय सिंह और आशुतोष के साथ आयकर दफ्तर पहुंचे। पेशी के बाद जैन ने पत्रकारों से कहा, ‘आज से साढ़े तीन साल पहले की बात है, आज मैं इन कंपनियों का न निदेशक हूं और न शेयरधारक, मुझे बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। यह केवल मुझे बदनाम करने की राजनीतिक चाल है’। जैन ने अपनी बात दुहराई कि उन्हें किसी जांच के सिलसिले में आरोपी के तौर पर नहीं बुलाया गया था बल्कि गवाह के रूप में बुलाया गया था।

जैन ने कहा कि उनसे ऐसे लोगों के बारे में सवाल पूछे गए जिन्हें वे जानते नहीं है, 5-6 लोगों के नाम पूछे गए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, ‘2007-12 के बीच मैंने कुछ कंपनियों में अपनी कमाई निवेश की थी, ये कमाई मेरे बीस साल के आर्कीटेक्ट के कॅरियर की थी। इस दौरान नियमित आयकर रिर्टन दायर किया है जिसके प्रणाम मौजूद हैं। 2013 और 2015 चुनाव लड़ते समय शपथपत्र भी दिया था जिसमें पूरा ब्योरा है, वह भी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद है। पूरा मामला झूठा है’। जैन के समर्थन में आप नेता संजय सिंह ने कहा, ‘जिस तरह से करोड़ों के घोटाले की बात की जा रही है वह समझ से परे है। पांच साल के अंतराल में 2007 से 2015 के बीच सत्येंद्र जैन ने तीन कंपनियों में कुल 32 लाख निवेश किया, जो चेक के माध्यम से किया, सबकी जानकारी में किया, आइटी रिटर्न में दिखाया, चुनावी शपथपत्र में जानकारी दी, तो इसे कैसे घोटाला माना जा रहा है। जैन ने चुनाव लड़ने से पहले इन कंपनियों के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। बावजूद इसके इसे हवाला घोटाला बताया जा रहा है’।

संजय सिंह ने कहा कि यह राजनीति से प्रेरित बदले की भावना से की जा रही है क्योंकि सत्येंद्र जैन ने स्वास्थ्य मंत्री और पीडब्लूडी मंत्री के रूप में अच्छा काम किया है। जैन को आयकर विभाग ने पिछली 22 सितंबर को समन भेजा था और कोलकाता की कुछ फर्मों के खिलाफ कर चोरी के मामले मेंं चल रही जांच के सिलसिले में चार अक्तूबर को चार साल के आइटीआर और निजी वित्तीय जानकारी के साथ पेश होने को कहा था। स्वास्थ्य मंत्री से जिन कंपनियों के मामले में ब्योरा और दस्तावेज मांगे गए थे, वे हैं, इंडो मेटलम्पेक्स लिमिटेड, प्रयास इन्फोसोल्युशन्स प्राइवेट लिमिटेड और अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड। आयकर विभाग के अधिकारियों ने दावा किया था कि कोलकाता में उनके विभाग ने कर चोरी और कथित अवैध वित्तीय लेन-देन के मामले में एक फर्म में छापा मारा था जिसके बाद उन्हें जैन से जुड़े वित्तीय लेन-देन के कुछ रिकॉर्ड मिले थे।
आयकर विभाग के इस समन के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वास्थ्य मंत्री के साथ खड़े नजर आए थे। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा था कि जैन को फंसाया जा रहा है और अगर जैन दोषी होते तो उन्हें पार्टी से पहले ही निकाल दिया होता।

 

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