December 08, 2016

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दिल्ली मेरी दिल्ली: हमले का मौका, अनूठा नजारा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात हजार और पांच सौ के नोट रद्द करने का फरमान क्या जारी किया, लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

Author November 14, 2016 04:00 am
सांकेतिक तस्वीर।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार की रात हजार और पांच सौ के नोट रद्द करने का फरमान क्या जारी किया, लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मुमकिन है कि इससे सबसे ज्यादा परेशानी काला धन जमा करने वालों को होगी। चुनाव में काले धन का जम कर इस्तेमाल होता है। प्रधानमंत्री के इस ्रफैसले से विभिन्न राज्यों में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे नेता बौखलाए हुए हैं, लेकिन विरोधी दलों के आरोपों को यह कह कर खारिज नहीं किया जा सकता है कि वे काला धन डूबने से परेशान हैं। भाजपा के नेता भी इन दिनों यही साबित करने में लगे हुए हैं। इस बहाने वे लोगों की असली परेशानियों को नगरअंदाज करवाना चाह रहे हैं। पहले दिन तो यह सब लोगों ने हल्के में लिया, लेकिन दिन बीतने जाने के बाद हालात इस कदर गंभीर हो गए कि अब यह सब बातें बकवास लगने लगी हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि जो भाजपा के समर्थक हैं वे भी इस प्रकरण के बाद भाजपा विरोधी नजर आने लगे हैं।

हमले का मौका
पिछले दिनों पूर्व फौजी रामकिशन ग्रेवाल की खुदकुशी ने भाजपा विरोधी नेताओं को बोलने का भरपूर मौका दे दिया था। संयोग से उसके कुछ ही दिनों बाद बड़े नोटों की बंदी से आम लोगों को हुई परेशानी ने विपक्षी दलों को पहले से ज्यादा हमलावर बना दिया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तो चार हजार रुपए बदलने खुद बैंक पहुंच गए और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पानी पी-पी कर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को कोसना जारी रखा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि जो लोग टीवी पर केजरीवाल को देखते ही चैनल बदल देते थे, वे अब ध्यान से उनको सुनने लगे हैं। इतना ही नहीं राहुल गांधी को गंभीरता से न लेने वाले भी उनके आरोपों को सही ठहराने लगे हैं।

अनूठा नजारा
एक तरफ वाह-वाह दूसरी ओर हाय-हाय ! जी हां, बीते दिनों पुलिस मुख्यालय पर कुछ ऐसा ही नजारा था। दरअसल दिवाली मिलन कार्यक्रम में अफसर एक दूसरे से वन-टू-वन में व्यस्त थे। लॉन में हुए इस आयोजन में वाह-वाह हो रही थी। दूसरी ओर बाहर सड़क पर जेएनयू के छात्र अपने लापता साथी नजीब अहमद का अब तक सुराग न मिलने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि छात्रों का प्रदर्शन ढाई बजे होना था, लेकिन वे पहुंचे सवा चार बजे और पौने पांच बजे तक जिंदाबाद-मुर्दाबाद करते रहे। एक ही वक्त में वाहवाही और हाय-हाय का नजारा देखना अपने आप में अनूठा है।
-बेदिल

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First Published on November 14, 2016 4:00 am

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