December 03, 2016

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दिल्ली मेरी दिल्ली: कड़की में बंदर की घुड़की, गुटबाजी की होड़ लगी

अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अकेले और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर अभियान चलाया।

Author नई दिल्ली | November 28, 2016 04:20 am
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल का बड़ा आरोप। (ANI Photo)

कड़की में बंदर की घुड़की

संसद मार्ग के पास स्थित एक एटीएम में नकदी तो थी लेकिन कतार में खड़े लोग आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। वजह थी सामने बैठा बंदर जिसकी घुड़की के डर से लोग पैसे निकालने अंदर नहीं जा रहे थे। इस इलाके में हरियाली की वजह से बंदर भी बहुत हैं और कभी-कभी उनका भी मजाक करने का मूड हो जाता है। एटीएम मशीन के पास बैठा बंदर मानो कह रहा था कि अजी, तुमने पैसे निकाल भी लिए तो मुझे क्या मिलेगा? कतार में खड़े लोग कह रहे थे कि बस एक इनकी ही कमी थी, ये भी सरकार के साथ नोटों की पहरेदारी में जुटा है।

गुटबाजी की होड़ लगी

यह आम धारणा थी कि कांग्रेस की स्थापना के साथ ही उसके नेताओं में गुटबाजी शुरू हो गई थी और पार्टी के हर स्तर के नेता अपने से नीचे वाले नेता को गुटबाजी के लिए उकसाते रहे। इसके ठीक विपरीत भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है, इसलिए उसमें गुटबाजी की कोई गुंजाइश नहीं है। सालों सत्ता में रहने के बाद यह धारणा भी टूट गई बल्कि अब तो कई मायने में भाजपा के नेता गुटबाजी में कांग्रेस को पीछे छोड़ चुके हैं। दिल्ली की राजनीति में सक्रिय ज्यादातर भाजपा नेताओं का अपना अलग गुट है। हर मुद्दे पर वे न केवल बयान अलग-अलग देते हैं बल्कि कार्यक्रम भी अलग-अलग करते हैं। हद तो तब हो गई है कि जब प्रधानमंत्री के नोटबंदी के समर्थन में भी अनेक नेता अपने से कार्यक्रम कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि सामूहिक करने पर पता नहीं कहीं उनके योगदान का पता न चले, इसलिए अलग-अलग कार्यक्रम करके उसे मीडिया में प्रकाशित करवाने की होड़ के साथ-साथ उसे सोशल मीडिया पर देने की होड़ लगी हुई है।

कहीं मोह भंग तो नहीं

प्रचंड बहुमत से दिल्ली की सत्ता में आने वाले अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अकेले और बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ मिलकर अभियान चलाया। कुछ जगह लोगों ने उनका साथ दिया तो कुछ जगह विरोध भी हुआ। जैसा उनके लोग आरोप लगाते हैं संभव है भाजपा के लोग प्रायोजित तरीके से विरोध कर रहे हों। लेकिन सबसे ताजुब्ब यह हुआ कि कुछ दिन दिल्ली में बिता के वे पंजाब और दूसरी जगह चले गए। उनकी पार्टी के लोगों की मानें तो वे इस मुद्दे पर देशभर में जनजागरण अभियान चलाने वाले हैं। हर समय ममता बनर्जी के साथ दिखने वाले इस अभियान में उनके साथ रहेंगे यह नहीं बताया जा रहा है। केजरीवाल को जानने वाले लोगों को उनके इस फैसले पर ताजुब्ब इसलिए हो रहा है क्योंकि वे दिल्ली की मीडिया से प्रचार पाने का मोह छोड़कर इस बड़े मुद्दे पर कहीं और जाने लगें यह समझ के परे है।
-बेदिल

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First Published on November 28, 2016 4:20 am

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