December 06, 2016

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हाई कोर्ट ने 344 औषधियों से रोक हटाई

दवाओं को प्रतिबंधित करने के सरकार के फैसले को यह कहते हुए कोर्ट ने रद्द कर दिया कि यह कदम ‘बेतरतीब तरीके’ से उठाया गया था।

Author नई दिल्ली | December 2, 2016 04:08 am
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र को झटका देते हुए कोरेक्स कफ सीरप, विक्स एक्शन-500 और कई एंटीबॉयोटिक औषधियों समेत 344 एफडीसी दवाओं को प्रतिबंधित करने के उसके फैसले को गुरुवार को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि यह कदम ‘बेतरतीब तरीके’ से उठाया गया था।न्यायमूर्ति राजीव सहाय इंडलॉ ने फिक्स्ड डोज कंबीनेशन (एफडीसी) दवाओं को प्रतिबंधित करने संबंधी केंद्र की 10 मार्च की अधिसूचना के खिलाफ फाइजर, ग्लेनमार्क, प्रोक्टर एंड गैंबल, सिप्ला जैसी दिग्गज कंपनियों समेत विभिन्न समूहों द्वारा दायर 454 याचिकाओं पर कहा कि केंद्र ने औषधि और प्रसाधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत यह निर्णय नहीं किया।

न्यायालय ने कई बड़ी कंपनियों की दवाओं को लेकर केंद्र के उस फैसले पर 14 मार्च को ही रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि दस मार्च को जारी की गई अधिसूचना तक की कार्यवाही से यह पता नहीं चलता कि यह निर्णय लेना तब बहुत आवश्यक था। औषधि व प्रसाधन अधिनियम की धारा 26 ए में निहित शक्ति का इस्तेमाल तब तक जनहित में नहीं किया जा सकता, जब तक कि ये उपभोक्ताओं के लिए किसी तरह का खतरा उत्पन्न न करे। मामले की सुनवाई के दौरान दवा कंपनियों ने कहा कि सरकार ने धारा 26 ए में निहित शक्तियों को पूरी तरह लागू नहीं किया। इसके तहत प्रतिबंध का यह आदेश दिया गया था।

 

कोरेक्स, विक्स एक्शन 500 समेत 344 दवाओं से दिल्ली हाई कोर्ट ने हटाया बैन

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First Published on December 2, 2016 4:08 am

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