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दिल्ली सरकार की घोषणा, ठेका पर काम कर रहे कर्मचारियों को करेंगे स्थायी

सीएम अरविंदा केजरीवाल ने कि उपराज्यपाल इसे मंजूर नहीं करेंगे तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
Author October 23, 2016 10:35 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल। (फाइल फोटो पीटीआई)

दिल्ली सरकार ने अपने विभिन्न विभागों में ठेके पर काम करने वाले हजारों अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। हालांकि, सरकार यह जानती है कि इस बारे में उसे उपराज्यपाल से मंजूरी लेनी होगी क्योंकि यह मामला वित्तीय है।  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने ठेके के कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में अपने विभिन्न विभागों से 15 नवंबर तक प्रस्ताव मांगे हैं। इस मामले का प्रस्ताव शनिवार को दिल्ली सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक में पारित किया गया। बैठक में दिल्ली से जुड़े अन्य कई प्रस्ताव भी पारित किए गए हैं।

केजरीवाल ने यह संकेत भी दिया कि अगर उपराज्यपाल नजीब जंग ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी, तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे क्योंकि ठेके के कर्मचारियों को नियमित करने के संबंध में अदालत का एक आदेश है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मंत्रिमंडल ने सभी विभागों के ठेके के कर्मचारियों को नियमित करने का फैसला पिछले साल ही किया था। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में एक प्रस्ताव भी तैयार किया था और उसे उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन उपराज्यपाल ने अभी तक उसे अपनी मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग विभागों से एक शृंखला में प्रस्ताव प्राप्त करने के बजाए सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने प्रस्ताव 15 नवंबर तक भेज दें ताकि सरकार सभी प्रस्तावों पर एक साथ फैसला ले सके।

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यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की एक बैठक में किया गया। मुख्य सचिव केके शर्मा को विभिन्न विभागों के प्रस्तावों की प्रगति की निगरानी का निर्देश दिया गया है। केजरीवाल ने कहा कि उमा देवी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था, जिसमें संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के बारे में कुछ शर्तें बताई गई हैं। फैसले के तहत इसके लिए एक खुली परीक्षा होनी चाहिए। इसके अलावा संविदा कर्मचारियों को नियमित करने के दौरान अनुभव और उम्र पर कुछ छूट दी जा सकती है। केजरीवाल ने कहा कि हमने अतिथि शिक्षक का प्रस्ताव उपराज्यपाल को भेजा था, लेकिन उन्होंने उसे लौटा दिया। उन्होंने अनुभव छूट पर आपत्ति भी जताई थी। सरकार इसे फिर उपराज्यपाल को भेजेगी। अगर मंजूर नहीं मिली तो हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि उनकी सरकार ने दिल्ली में 20 हजार लीटर पानी मुफ्त देने का वादा किया था, लेकिन नई दिल्ली नगर पालिका का इलाका इससे अछूता रह गया था। अब सरकार ने फैसला किया है कि यह सुविधा एनडीएमसी इलाके के लोगों को भी मिलेगी और यहां के लोगों ने जो बिल भरे हैं,उसे लौटा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमें दिल्ली की सफाई का आदेश दिया है, वैसे तो यह काम नगर निगम का है, लेकिन हम इस काम को भी करेंगे। दिल्ली सरकार के तीन मंत्रियों सत्येंद्र जैन, कपिल मिश्रा, और इमरान हुसैन की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो इस काम पर नजर रखेगी। केजरीवाल ने कहा कि अंबेडकर नगर में बन रहे 200 बिस्तरों के अस्पताल को 600 बिस्तरों का किया जाएगा। इस पर अलग से 180 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा दिल्ली के छठ पूजा घाटों को और बेहतर बनाया जाएगा। राजधानी में और मोहल्ला क्लीनिक खोले जाएंगे और इस मामले में विधायकों और मंत्रियों को और स्थान तलाशने के लिए कहा गया है।

 

 

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