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ऑड इवन: एनजीटी महिलाओं, दोपहिया वाहनों को छूट देने से इंकार, दिल्ली सरकार ने लगाई दोबारा अर्जी

दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों की पहचान कर ऊंची इमारतों से पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया। हालांकि अधिकरण ने उन गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को चलाने की इजाजत दे दी जो आवश्यक वस्तुओं का निर्माण करते हैं।
Author जनसत्ता | November 15, 2017 02:04 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (File Photo)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने महिलाओं और दोपहिया वाहनों को सम-विषम योजना में छूट देने से मंगलवार को इनकार कर दिया। साथ ही उसने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि दस वर्ष से ज्यादा पुराने हो चुके डीजल वाहनों को सड़क से तुरंत हटाया जाए। अधिकरण की ओर से मिली कड़ी फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने अपनी वह अर्जी वापस ले ली, जिसमें उसने दोपहिया वाहनों और महिलाओं को सम-विषम योजना में छूट देने की इजाजत देने की बात कही गई थी। अधिकरण ने प्रदूषण के उच्च स्तर से पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए पैदा हुई आपात स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि शहर को अपने बच्चों को संक्रमित फेफड़ों का उपहार नहीं देना चाहिए। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व वाले एक पीठ ने दिल्ली की आप सरकार को दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों की पहचान कर ऊंची इमारतों से पानी का छिड़काव करने का निर्देश दिया। हालांकि अधिकरण ने उन गैर प्रदूषणकारी उद्योगों को चलाने की इजाजत दे दी जो आवश्यक वस्तुओं का निर्माण करते हैं।

सुनवाई के दौरान एनजीटी ने सवाल किया कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश एक-दूसरे पर आरोप लगाने के अलावा क्या कर रहे हैं। पीठ ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब क्या कर रहे हैं? आप सभी एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं’। अधिकरण की कड़ी फटकार के बाद दिल्ली सरकार ने अपनी अर्जी वापस ले ली क्योंकि एनजीटी उसकी इस दलील से संतुष्ट नहीं था कि शहर के पास 25 लाख से अधिक यात्रियों को संभालने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था नहीं है। पीठ ने कहा कि दिल्ली सरकार अपनी अर्जी वापस लेना चाहती है जो उसने हमारे आदेश में बदलाव के लिए दायर की थी। उन्हें एक नई अर्जी दायर करने की स्वतंत्रता है। अर्जी का निस्तारण किया जाता है। एनजीटी ने 11 नवंबर के अपने आदेश में सम-विषम योजना को मंजूरी देते हुए महिलाओं और दोपहिया वाहनों को छूट देने से इनकार कर दिया था। उसके बाद दिल्ली सरकार ने 13 से 17 नवंबर के बीच चलाई जाने वाली अपनी सम-विषम योजना पर फौरी तौर पर ब्रेक लगाते हुए एनजीटी के समक्ष सोमवार को एक अर्जी पेश कर दोपहिया वाहनों व महिलाओं को अगले एक साल तक प्रतिबंध के दायरे से बाहर रखने की अपील की थी। सरकार का कहना था कि जब तक वह लाखों यात्रियों के लिए दो हजार बसें नहीं खरीद लेती, तब तक सम-विषम योजना के तहत प्रतिबंध के दायरे से दोपहिया वाहनों व महिलाओं को बाहर रखा जाए।

 

 

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