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महाराष्ट्र के हड़ताली डॉक्टरों समर्थन में दिल्ली में भी हड़ताल, मरीज बेहाल

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के डॉक्टरों ने महाराष्ट्र के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में शुक्रवार को जगह-जगह प्रदर्शन किया।
Author नई दिल्ली | March 25, 2017 03:52 am
मुंबई में डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान की तस्वीर (PTI Photo)

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के डॉक्टरों ने महाराष्ट्र के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में शुक्रवार को जगह-जगह प्रदर्शन किया। कुछ अस्पतालों के कामकाज पर इसका असर भी पड़ा, लेकिन ज्यादातर अस्पतालों में डॉक्टरों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। वहीं कुछ जगह हड़ताल को लेकर डॉक्टरों में भ्रम की स्थिति भी रही। शुक्रवार को निजी अस्पतालों के डॉक्टर भी आंदोलन के समर्थन में आए। एम्स के डॉक्टरों ने शाम को परिसर में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था की शवयात्रा निकाली, जबकि दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज से राजघाट स्थित बापू की समाधि तक मार्च किया।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद अपनी ओर से विरोध प्रदर्शन खत्म करने का एलान किया है, जबकि फेडरेशन आॅफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने तमाम मसलों के ठोस समाधान के लिए प्रधानमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री व दिल्ली के मुख्यमंत्री सहित तमाम आला अफसरों से समय मांगा है।  काम के सुरक्षित और बेहतर माहौल की मांग के साथ आंदोलन कर रहे डॉक्टरों ने शुक्रवार को काम करते हुए विरोध करने का फैसला किया। इसी कड़ी में एम्स रेजीडेंट डॉक्टर्स ने शाम को एम्स के गेट नंबर एक से शवयात्रा निकाली। आरडीए अध्यक्ष डॉ विजय ने कहा कि एक तरह से बुरी तरह चरमराई स्वास्थ्य सेवा के लिए यह सांकेतिक प्रदर्शन है। मरीजों व डॉक्टर दोनों के लिहाज से इसे दुरुस्त किए जाने की दरकार है, हमारी मांग बस यही है। सफदरजंग के कुछ डॉक्टर भी हड़ताल में शामिल हुए, जबकि उन्होंने काम करने का फैसला किया था। वहीं दिल्ली सरकार के कई अस्पतालों में डॉक्टरों में असमंजस की स्थिति बनी रही।

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने मेडिकल बंद का नारा देकर शुक्रवार को राजघाट तक मार्च किया। डीएमए के मार्च में कई निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और निजी क्लीनिक चला रहे डॉक्टर भी शामिल रहे। डीएमए के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि हम इस मसले पर एकजुट हैं। फोर्डा अध्यक्ष डॉ पंकज सोलंकी ने कहा है कि डॉक्टरों पर हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं। पिछले डेढ़ साल में ऐसी 50 से अधिक घटनाएं हुर्इं, जिनमें एफआइआर तक दर्ज की गई है, लेकिन एफआइआर के बावजूद एक भी मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। फोर्डा उपाध्यक्ष डॉ दुर्गाशंकर मीणा ने कहा कि हम समय-समय पर मांग करते रहे, लेकिन डॉक्टरों की सुरक्षा आज तक सुनिश्चित नहीं हुई। डॉ सोलंकी ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री व दिल्ली के सुख्यमंंत्री समेत कई संंबंधित अधिकारियों से समय मांगा है। हम अपनी चुनौतियों के बारे में सीधे बात रखना चाहते हैं, तभी जाकर कोई ठोस समाधान निकल सकता है।

 

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