December 04, 2016

ताज़ा खबर

 

दिल्ली: अदालत ने सैयद अहमद बुखारी के तर्क को बताया ‘मजाकिया’,कहा – शाही इमाम होने का लाभ नहीं उठा सकते

दिल्ली की एक अदालत ने जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के खिलाफ एक अपराधिक मामले को खारिज करने से इंकार किया।

Author November 27, 2016 13:10 pm
जामा मस्जिद की तस्वीर। (Express photo)

दिल्ली की एक अदालत ने जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के खिलाफ एक अपराधिक मामले को खारिज करने से इंकार करते हुए कहा कि वह मस्जिद के प्रमुख होने का लाभ नहीं उठा सकते और सांप्रदायिक तनाव के ‘मनगढ़ंत’ एवं ‘काल्पनिक’ खतरे की आड़ में अदालतों की शक्ति से भाग नहीं सकते। सांप्रदायिक तनाव की बात को ‘मजाकिया’ करार देते हुए अदालत ने इमाम की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि उनको जेड प्लस सुरक्षा हासिल है और अगर उनको सुनवाई का सामना करना पड़ा तो असुविधा होगी। अदालत ने उनकी इस दलील को खारिज करते हुए नेशनल हेराल्ड मामले की मिसाल दी जहां कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी बतौर आरोपी अदालत में पेश हुए थे।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश लोकेश कुमार शर्मा ने कहा, ‘‘इसमें दम नजर नहीं आता क्योंकि हाल ही में विपक्षी पार्टी के बड़े नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी को नेशनल हेराल्ड मामले में बतौर आरोपी तलब किया गया था और उन्हें बहुत अधिक सुरक्षा खतरा है लेकिन बिना किसी असुविधा के अदालत में पेश हुए।’’

अदालत ने कहा कि अगर ऐसी छूट और अपवाद को कानूनी क्षेत्र में लाया जाता है तो किसी भी पंथ के ‘तथाकथित धार्मिक प्रमुख’ को न्याय के कटघरे में नहीं लाया जा सकेगा। शाही इमाम ने मजिस्ट्रेटी अदालत के मई, 2016 के आदेश के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका पर यह टिप्पणी की। उनके खिलाफ यह मामला 2001 में सरकारी नौकरशाहों के साथ कथित मारपीट करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का है।

इस वक्त की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

इमाम की टीवी शो पर हुई जूते से पिटाई, 'महिलाओं के हक' की कर रहा था बात, लोगों ने लाइव देखा VIDEO

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 27, 2016 1:10 pm

सबरंग