ताज़ा खबर
 

सोमनाथ भारती हो सकते है गिरफ्तार, कोर्ट ने जारी किया ग़ैर-ज़मानती वारंट

सोमनाथ भारती के खिलाफ घरेलू हिंसा और हत्या के प्रयास के मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी तथा दूसरी अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती..
Author नई दिल्ली | September 14, 2015 22:53 pm
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री आम आम आदमी पार्टी नेता सोमनाथ भारती। (फाइल फोटो)

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है क्योंकि आज एक स्थानीय अदालत ने उनकी पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए घरेलू हिंसा और हत्या के प्रयास के मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी तथा दूसरी अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया।

भारती की अग्रिम याचिका अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय गर्ग ने खारिज करते हुए कहा कि विधायक के खिलाफ उनकी पत्नी लिपिका मित्रा ने यह दूसरी शिकायत दर्ज कराई है। लिपिका का आरोप है कि महिला विरोधी अपराध प्रकोष्ठ के समक्ष भरोसा देने के बावजूद भारती ने अपने व्यवहार में सुधार नहीं किया।

बाद में दिल्ली पुलिस ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मणिका के समक्ष गैर जमानती वारंट जारी किए जाने की मांग को लेकर आवेदन दायर किया जिसे स्वीकृति मिल गई।

भारती की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह कहना तर्कसंगत है कि शिकायतकर्ता की ओर से यह दूसरी शिकायत दर्ज कराई है। पहले की शिकायत 17 अक्तूबर, 2011 की तिथि वाली है जिसे महिला विरोध अपराध प्रकोष्ठ के समक्ष अपीलकर्ता (भारती) की ओर से आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने (लिपिका) आगे नहीं बढ़ाया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा आरोप है कि अपीलकर्ता ने अपने आचरण में सुधार नहीं किया और शिकायतकर्ता के प्रति बर्बरता जारी रखी। तथ्यों को संपूर्णता में देखते हुए अपीलकर्ता अग्रिम जमानत के हकदार नहीं हैं। इसके मुताबिक आवेदन खारिज किया जाता है।’’

अग्रिम जमानत याचिका खारिज होेने के बाद भारती के वकील विजय अग्रवाल ने कहा कि वह अपने मुवक्किल को राहत दिलाने के लिए उच्च न्यायालय का रुख करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हम बहुत जल्द उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।’’

मजिस्ट्रेट ने पुलिस की ओर से आवेदन दायर किए जाने के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया। पुलिस ने दलील दी कि भारती जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और तीन सम्मन जारी किए जाने के बावजूद वह पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुए।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने भारती की याचिका खारिज करते हुए विशेष सरकारी अभियोजक शैलेंद्र बब्बर की दलीलें स्वीकार कर लीं कि पूर्व कानून मंत्री के खिलाफ आरोप बहुत गंभीर हैं तथा उनकी ओर से सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का अंदेशा है।

अदालत ने भारती की यह दलील खारिज कर दी कि हत्या के प्रयास का आरोप नहीं बनता है और उनके खिलाफ प्राथमिकी में क्रूरता का विशेष आरोप है।

लीपिका ने 10 जून को दिल्ली महिला आयोग में अपने पति के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज कराई थी। उनाक आरोप था कि भारती उनके साथ साल 2010 में शादी के बाद से ही प्रताड़ित कर रहे हैं। उन्होंने इस बारे में पुलिस के समक्ष भी शिकायत की थी।

दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह भारती के खिलाफ धारा 307 (हत्या का प्रयास), 498ए (पत्नी के साथ पति द्वारा क्रूरता) तथा कुछ दूसरी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.