December 06, 2016

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डीडीसीए की ‘स्टेडियम के अंदर के अधिकार’ केटरर को दिये जाने से हुई ‘जग हंसाई’

स्टेडियम के अंदर के अधिकार नामांकित निविदा समिति ने ऐसी कंपनी को दे दिये जो मुख्य रूप से केटरिंग का काम करती है।

Author नई दिल्ली | October 18, 2016 19:19 pm
दिल्ली का फिरोजशाह कोटला मैदान (फोटो-एजेंसी)

विवादों में घिरे दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ :डीडीसीए: के लिये परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं क्योंकि स्टेडियम के अंदर के अधिकार :मैदान के अंदर होर्डिंग पर विज्ञापन: नामांकित निविदा समिति ने ऐसी कंपनी को दे दिये जो मुख्य रूप से केटरिंग का काम करती थी। बल्कि डीडीसीए के कोषाध्यक्ष रविंदर मनचंदा ने स्वीकार किया कि अनुबंध कोहली एंटरप्राइजेज को सौंपते वक्त जरूरी ध्यान नहीं दिया जिससे डीडीसीए को 2.17 करोड़ रूपये मिलते।

छवि सुधारने की मुहिम के तहत डीडीसीए के वरिष्ठ उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने कोषाध्यक्ष मनचंदा, निदेशक सिद्धार्थ वर्मा और निविदा समिति के सदस्य सुभाष शर्मा के साथ मिलकर इस मामले के बारे में मीडिया को बताया। मनचंदा ने कहा, ‘‘हमें स्टेडियम के अधिकारों के लिये दो बोलियां मिली थीं जिसमें कोहली एंटरप्राइज ने 2.17 करोड़ रूपये की जबकि लोकेश शर्मा की टीसीएम ने दो करोड़ रूपये की बोली लगायी थी। हमने कोहली एंटरप्राइज को बोली दे दी। लेकिन हमने इसकी पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी हासिल नहीं की कि इसके पास कोई पूंजी नहीं थी। ’

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में जब हमने देखा कि कोई काम नहीं हो रहा और हमें ये 2.17 करोड़ रूपये भी नहीं दिये गये तो हमने उनसे पूछा कि उन्हें स्टेडियम के बिजनेस में कोई अनुभव है तो उन्होंने ‘नहीं’ में जवाब दिया और कहा कि वे कैटरिंग का बिजनेस करते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम उनके अधिकार लेना चाहते थे लेकिन वे टीसीएम के साथ आये और हमें कहा कि वे साथ मिलकर काम करेंगे। इसके अनुसार हमने नया अनुबंध बनाया और न्यायमूर्ति मुद्गल से मंजूरी ली। हमें धनराशि भी मिल गयी। मैं नहीं जानता कि कुछ सदस्य विवाद क्यों खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। ’’ पता चला है कि मैच के 75 प्रतिशत टिकट बिक चुके हैं।

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First Published on October 18, 2016 7:19 pm

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