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सरकार से पहले डीडीए ने दिया गरीबों को आशियाना

जब तक फ्लैट बनकर तैयार नहीं हो जाते, तब तक किसी भी झुग्गी को हटाया नहीं जाएगा। 3000 फ्लैट जब इन झुग्गीवालों को दे दिए जाएंगे तब खाली हुई जगह पर भी 5064 फ्लैट बनाए जाएंगे।
Author नई दिल्ली | February 13, 2017 03:27 am
फ्लैट में मिले खराबी तो ऐसे करें शिकायत दर्ज। (Representative Image)

दिल्ली सरकार आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) के माध्यम से 6178 फ्लैट बनाने का फैसला कर भले ही वाहवाही बटोर रही हो, लेकिन इससे पहले ही दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने कालकाजी इलाके में झुग्गीवासियों को उसी जगह फ्लैट देने की योजना को 80 फीसद पूरा कर लिया है, जहां वे रहते हैं। डीडीए की ओर से बहुत जल्द 3000 फ्लैट झुग्गीवालों को सौंप दिए जाएंगे। योजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, डीडीए का ए-14 कालकाजी एक्सटेंशन में इनसेतु पुनर्स्थापना योजना के अधीन 3000 बहुमंजिला फ्लैटों का निर्माण कार्य 80 फीसद पूरा हो चुका है। ये फ्लैट नवजीवन कैंप, भूमिहीन कैंप और जवाहर कैंप के पास रह रहे झुग्गीवालों को दिए जाएंगे। मेसर्स इरा इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड नाम की एजंसी को इस प्रोजेक्ट का जिम्मा दिया गया है।

इसकी लागत 232 करोड़ रुपए के करीब है और इसे 36 महीने में बनाने का करार हुआ था। 18 सितंबर 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इसका उद्घाटन किया था। डीडीए के सदस्य और कालकाजी के विधायक सुभाष चोपड़ा ने अपने इलाके में बनने वाले इस मिनी टाउनशिप की शर्तें पहले ही तय कर दी थीं। उनका कहना था कि जब तक फ्लैट बनकर तैयार नहीं हो जाते, तब तक किसी भी झुग्गी को हटाया नहीं जाएगा। 3000 फ्लैट जब इन झुग्गीवालों को दे दिए जाएंगे तब खाली हुई जगह पर भी 5064 फ्लैट बनाए जाएंगे। इस तरह यह पहला ऐसा प्रोजेक्ट है जहां झुग्गीवालों को फ्लैट देने के बाद वहां से हटाया जा रहा है। कालकाजी के पूर्व निगम पार्षद खविंद्र सिंह कैैप्टन के मुताबिक, कालकाजी एक्सटेंशन के इन तीनों झुग्गी कैंप में करीब 8000 झुग्गियां हैं। ये झुग्गियां करीब एक 1,05,900 वर्ग मीटर में फैली हुई हैं। इन झुग्गियों में जल प्रदाय, सीवर लाइन और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां आंगनबाड़ी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक व उच्चतर माध्यमिक स्कूल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। तब डीडीए के सदस्य रहे स्थानीय विधायक ने इस परियोजना की रूपरेखा बनाई और लंबी जद्दोजहद के बाद इसे बनाने का फैसला किया गया।

मौजूदा समय में यह करीब-करीब बनकर तैयार है और अब सिर्फ इसे झुग्गीवालों को सौंपा जाना बैका है। जेजे कलस्टर (ईडब्लूएस) वालों के लिए बनाए गए इस मिनी टाउनशिप में प्राथमिक स्कूल, आगनबाड़ी केंद्र, स्थानीय शॉपिंग सुविधा, बारातघर व सामुदायिक घर, खेलकूद के मैदान के अलावा उन तमाम चीजों का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसे आने वाले समय में एक मॉडल की तरह पेश कर सरकार और एजंसी दूसरे इलाके में प्रयोग कर सकें। यह परियोजना पारदर्शी तरीके से पूरी हो, इसके लिए डीडीए ने यह तय किया है कि पहले चरण के 3000 फ्लैट बनने के बाद दूसरे चरण और तीसरे चरण के कार्य की निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। तीसरे चरण में वाणिज्यिक केंद्र का कार्य किया जाएगा।इस परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, मौजूदा समय में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जिस प्रकार की घोषणा दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के माध्यम से की है उससे पहले ही डीडीए ने ‘इनसेतु’ परियोजना शुरू की थी। केजरीवाल यह आवास योजना लाजपतनगर, भलस्वा, मंगोलपुरी, आंबेडकरनगर में तैयार करेंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तहत इसे दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। डूसिब की बोर्ड बैठक में यह भी फैसला किया गया है कि बेघर लोगों के लिए आश्रय उपलब्ध कराने के लिए योजना के तहत नए शेल्टर भी तैयार किए जाएंगे। ये शेल्टर द्वारका, गीता कालोनी, रोहिणी व नांगलोई में बनाए जाएंगे। बहरहाल, अब झुग्गीवालों की नजर दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के इसी प्रोजेक्ट पर टिकी हुई है।

 

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