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केंद्र करेगा संत कबीर की शिक्षा का प्रचार-प्रसार

संस्कृति राज्य मंत्री ने कहा कि संत कबीर की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनकी स्मृति में एक सिक्का जारी किया जाएगा और संग्रहालय स्थापना संबंधी सदस्य के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी।
Author नई दिल्ली | August 9, 2016 03:12 am
लोकसभा की कार्यवाही (फाइल फ़ोटो-पीटीआई)

केंद्र सरकार संत कबीर के संदेशों का देश-विदेश में प्रसार-प्रचार करने के साथ ही उनकी स्मृति में एक सिक्का जारी करने एवं एक संग्रहालय स्थापित करने पर भी विचार कर रही है। संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ महेश शर्मा ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों के सवालों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संत कबीर की जन्मस्थली वाराणसी और उनके निर्वाण स्थल मगहर में उनकी जयंती और निर्वाण दिवस को मनाए जाने की योजना है। शर्मा ने एक अन्य सदस्य के सवाल के जवाब में कहा कि 300 साल बाद भी संत कबीर की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक और शाश्वत हैं। उन्होंने कहा कि संत कबीर की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उनकी स्मृति में एक सिक्का जारी किया जाएगा और संग्रहालय स्थापना संबंधी सदस्य के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस बात को लेकर संकल्पित है कि संत कबीर की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार न केवल देश बल्कि दुनिया के कोने-कोने में किया जाएगा। संस्कृति मंत्री ने लोकसभा में कलिकेश नारायण सिंहदेव के प्रश्न के जवाब में बताया कि सरकार ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) में कर्मचारियों की कमी को स्वीकार करते हुए कहा कि श्रमशक्ति की कमी के चलते ऐतिहासिक महत्व के स्मारकों का संरक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एएसआइ में स्वीकृत पदों की संख्या 8,424 है जिसमें 5,501 पद भरे गए हैं।

मंत्री के अनुसार उनके मंत्रालय के अधीन एएसआइ समेत समस्त 45 संस्थानों के लिए 15,607 स्वीकृत पदों में 10,284 पद भरे गऐ हैं। इन सभी संस्थानों में यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाये जाते हैं कि आवश्यक कर्मियों के अभाव में संस्थानों का कामकाज प्रभावित नहीं हो। उन्होंने यह भी कहा, ‘पर्याप्त श्रमशक्ति के अभाव में राष्ट्रीय महत्व के किसी स्मारक की अनदेखी नहीं की गई है।’

उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र और लोगों की मृत्यु आदि कारणों से खाली होने वाले पदों की आवधिक समीक्षा की जाती है और समय-समय पर भर्ती एजंसियों के साथ रिक्तियों को भरने के लिए उचित कार्रवाई की जाती है। शर्मा ने बताया कि विभागीय प्रोन्नति समिति के साथ समय-समय पर बैठकें करके और भर्ती एजंसियों के साथ लगातार विषय को उठाकर मंत्रालय के अधीन विभिन्न संस्थानों में खाली पदों को भरने के लिए कदम उठाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि संरक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने देने के लिए संविदा कर्मियों की भर्ती की जाती है और इस बाबत 2015-16 में 1720 संविदा कर्मचारियों की भर्ती की गई।

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