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नोटबंदी से भाजपा के कई सांसदों में घबराहट, MP बोले- बढ़ रही है नाराजगी, पार्टी भी नरेंद्र मोदी के भरोसे

पांच भाजपा सांसदों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले पर शुरुआती उत्‍साह के बाद अब साफ नाराजगी दिख रही है।
Author नर्इ दिल्‍ली | December 13, 2016 08:39 am
नोटबंदी के फैसले के बाद भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विश्‍वसनीयता व लोगों के उनमें भरोसे के सहारे है।

नोटबंदी के बाद केंद्र सरकार के इसके पीछे के उद्देश्‍य को लेकर बदलते बयानों के बीच भाजपा के कई सांसदों में घबराहट है। नकदी की कमी के चलते लोगों की नाराजगी और गुस्‍से ने उनके माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। इंडियन एक्‍सप्रेस से बातचीत में पांच भाजपा सांसदों ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने के फैसले पर शुरुआती उत्‍साह के बाद अब साफ नाराजगी दिख रही है। उनका कहना है कि नकदी की कमी, एटीएम के बाहर लंबी लाइनों, स्‍थानीय अर्थव्‍यवस्‍था पर बुरे असर के चलते गुस्‍सा बढ़ रहा है। इन सांसदों ने माना कि मजदूरों, बुनकरों, सब्‍जी बेचने वालों, छोटे दुकानदारों और छोटे उद्योग धंधों को नकदी की कमी के चलते समस्‍या के लिए ग्राउंड रिपोर्ट के चलत चिंताएं हैं और अन्‍य सेक्‍टर्स में नौकरियों की कमी सबसे बड़ा खतरा है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग राज्यों के पार्टी नेताओं ने नोटबंदी की प्रक्रिया को लेकर अंदरूनी बैठकों में चिंताएं जाहिर की हैं। विशेष रूप से उत्‍तर प्रदेश के भाजपा नेताओं में ज्‍यादा खलबली है। गौरतलब है कि यूपी में 2017 में चुनाव होने हैं। इसके चलते नेतृत्‍व ने कुछ समय तक इंतजार करने और फिर उसके अनुसार चुनाव की रणनीति तय करने का फैसला किया है। एक सांसद ने बताया, ”ताजा बयान कि नोटबंदी से डिजीटल इकॉनॉमी का रास्‍ता खुलेगा, यह चुनाव में नहीं बिकने वाला। अभी तो बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसे मुद्दे ही अनसुलझे हैं। हम दुकानदार या छोटे कारोबारी को डिजीटल होने को कैसे कह सकते हैं?”

भाजपा हालांकि उम्‍मीद बनाए हुए है और प्रधानमंत्री की विश्‍वसनीयता व लोगों के उनमें भरोसे के सहारे है। यूपी से आने वाले एक नेता ने बताया, ”लोगों का भरोसा उनसे( मोदी) से उठा नहीं है। वे भाजपा में विश्‍वास नहीं करते, उनका मानना है कि नरेंद्र मोदी मतलब देश के लिए अच्‍छा होगा।” कई सांसदों को वापस लिए गए नोटों के फिर से चलाए जाने की रिपोर्ट ने भी निराश किया है। सांसदों ने बताया कि शुरुआत में कहा गया था कि जो पैसा आएगा वो लोगों की भलाई में लगाया जाएगा और इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर खर्च होगा। एक सांसद के अनुसार, ”आम जनता ने इस फैसले का स्‍वागत किया। उन्‍हें उम्‍मीद थी कि इससे जीवन आरामदायक बनेगा। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अब इसके उलट स्थिति है।”

बिहार से एक वरिष्‍ठ भाजपा सांसद ने बताया, ”पार्टी का धड़ा मानता है कि इस प्रकिया से उम्‍मीद के अनुसार परिणाम नहीं मिला। उन्‍होंने आला नेताओ को इस बारे में बता दिया है।” नोटबंदी के असर के सवाल पर एक दूसरे सांसद बोले, ”केवल मोदीजी ही जानते हैं।” इसी बीच पार्टी नेतृत्‍व ने सांसदों और राज्‍य नेताओं से इंतजार करने व डिजीटल बैंकिंग का प्रचार करने को कहा है। उन्‍हें किसानों व कारोबारियों के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाने को कहा गया है।

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  1. A
    Abu talib
    Dec 13, 2016 at 5:34 am
    धन्य हैं अटल जी जिन्होंने राजनीति में सफलता के लिए शार्ट कट्स का प्रयोग नहीं किया (बाबरी को छोड़कर ) लेकिन यह तो कोई कसर नहीं छोड़ेगा !
    Reply
    1. A
      Abu talib
      Dec 13, 2016 at 5:46 am
      बाबरी माे में अटल जी बेबस थे और इस अनहोनी को टाल नहीं सके थे !
      Reply
      1. B
        bitterhoney
        Dec 13, 2016 at 4:59 pm
        जनता बी. जे. पी. की चिता में अग्नि लगाने की तैयारी कर चुकी है. जिन देशों की सैर मोदी जी ने नहीं की है उनकी सैर चुनाव से पहले कर लें और सेल्फी बना कर रख लें वरना दोबारा मौका नहीं मिलेगा. साथ ही साथ किसी देश में शरण लेने की बात भी कर लें. भारत में तो उनके लिए बहुत खतरा है वह स्वयं भी इस बात की आशंका व्यक्त कर चुके हैं प्रधान मंत्री पद से हटते ही सारी सुरक्षा समाप्त हो जाएगी.
        Reply
        1. B
          bitterhoney
          Dec 13, 2016 at 5:11 pm
          बी.जे.पी. नेताओं को यह साफ नजर आ रहा है कि पार्टी की लोटिया डूबने वाली है. मोदी जी ने जिस तरह से जनता को परेशान किया है जनता का आक्रोश फूट पड़ेगा जनता एक एक भाजपाई से बदला लेगी सड़क पर गलियों में दौड़ा दौड़ा कर पिटाई करेगी. इसी चिंता से सभी भाजपाई भयभीत हैं.
          Reply
          1. J
            jaya
            Dec 13, 2016 at 7:26 pm
            यहाँ तक भी सुनने में आया है की सर्कार अब एक साल तक घरो की रजिस्ट्रियां बंद करने वाली है
            Reply
            1. D
              Dr. Aiyer
              Dec 13, 2016 at 3:37 am
              गुड
              Reply
              1. R
                Ramesh Chhabra
                Dec 13, 2016 at 9:01 am
                घबराहट कैसी बीजेपी वाले तोह लडू बाँट रहे हैं !
                Reply
                1. V
                  Vinay Totla
                  Dec 13, 2016 at 11:19 am
                  भाई घबराहट छुपाने के लिए nahi तो पुरे देश में लोग लाइनों में लगे है और भाजपा वाले लड्डू बाँट रहे है|
                  Reply
                2. R
                  rambharosr
                  Dec 13, 2016 at 7:04 pm
                  बाबरी तो लालकिशन अडवाणी के दिमाग़ की उपज थी ई अडवाणी जी का सपना था की वोह राम जी की वानर सेना ले कर लाल किला फतह कर लेंगे . मोदी जी उस यात्रा मैं प्रमोद महाजन के चमचे के तोर पर शामिल थे . अटलजी ने तो मोदी जी को २००२ मैं राजधर्म याद दिलाने की कोषियष की थी .........अब राम ने अडवाणी जी को बनवास दे दिया ..... मौक़ा परास्त मोदी जी एक ही झटके मैं सब पुरांनो को धक्का दे कर ड्राइवर की सीट पर बैठ गए
                  Reply
                  1. R
                    rambharosr
                    Dec 13, 2016 at 6:45 pm
                    मोदी जी का एक ये ही काम देश के हित मैं है मोदीजी ने एक ही झटके मैं बीजेपी के चाहने वालों का बैंड बजा दिया . बीजेपी का खात्मा करने की दिशा मैं यह एक सराहनीय प्रयास है I.प्रकाश करात ने देश हित ऐन सी.पी.एम. का खात्मा किया मोदीजी ने देश हित मैं बीजेपी को ख़तम करने के लिए यह नोट बंदी की है इससे बीजेपी की नसबंदी हो गयी है .........नोट बंदी का मतलब बीजेपी की नसबंदी ......नरेंद्र मोदी ज़िंदाबाद
                    Reply
                    1. R
                      rambharosr
                      Dec 13, 2016 at 6:52 pm
                      लड्डू बाँटने वाले मोदीजी के असली दुश्मन हैं .उनको पता है की मोदी जी के इस कदम से मोदी जी की लुटिया डूब जाएगी और उनको एक तानाशाह से छुटकारा मिलेगा राजनीति मैं आप के असली दुश्मन आपकी अपनी ही पार्टी मैं होते हैं . I
                      Reply
                      1. S
                        Sunil Pandya
                        Dec 13, 2016 at 4:59 am
                        बढि़या रिपोर्ट ।
                        Reply
                        1. S
                          Shrikant Sharma
                          Dec 14, 2016 at 2:07 am
                          SHRIKANTSARMA FROM NEWYORKmodiji ne ek hi stroke se kale dhan ke kobra par saa safed kapda daal diya hai jab chahe unhen pakad lo saza do man mafik
                          Reply
                          1. V
                            vinay
                            Dec 13, 2016 at 6:16 am
                            जनसत्ता वाले मनगढंत रिपोर्ट छापने में माहिर hain... आखिर इस पक्के वामपंथी अखबार को मोदी पसंद भी क्यों aayega...सारे देशद्रोही इसी फिक्र में हैं की बस समय के साथ लोग मोदी से नाराज़ हो jaayein... अबे जब शुरू में न हुए तो अब क्यों honge....
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