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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल स्वाति मालीवाल के खिलाफ मामला दर्ज

डीसीडब्लू की पूर्व प्रमुख बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर एसीबी मामले में जांच कर रही है।
Author नई दिल्ली | September 21, 2016 02:19 am
दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मलिवाल।

भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के खिलाफ आयोग की भर्तियों में कथित अनियमितता मामले में बुधवार को प्राथमिकी दर्ज की। मालीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश रचने संबंधी धाराएं लगाई गई हैं। स्वाति मालीवाल ने एसीबी के इस कदम को सिस्टम में बदलाव करने वालों पर हमला बताया है।  एसीबी के एक वरिष्ठ अधिकार के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13, भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 120 बी (आपराधिक साजिश रचने) के तहत स्वाति मालीवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। डीसीडब्लू की पूर्व प्रमुख बरखा शुक्ला सिंह की शिकायत पर एसीबी मामले में जांच कर रही है। इस संबंध में सोमवार को करीब दो घंटे तक डीसीडब्लू कार्यालय में स्वाति मालीवाल से पूछताछ की गई थी और एक हफ्ते के अंदर 27 सवालों के जवाब मांगे थे।

अधिकारी ने बताया कि एसीबी स्वाति मालीवाल के कर्मचारियों से पूछताछ के आधार पर पिछले दो-तीन महीनों से मामले की जांच कर रही थी। इसमें पाया गया कि नियुक्तियों में उचित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कुल 91 नियुक्तियां उचित प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं पाई गईं।  एसीबी के इस कदम पर स्वाति मालीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिस्टम को बदलने के लिए काम करेंगे तो कुर्बानी तो देनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ काफी धाराएं लगाई गई हैं। मालीवाल ने पूछा- आपराधिक विश्वासघात की धारा, किसका विश्वास तोड़ा है, यही विश्वास तोड़ा है न कि इस पद बैठने वाले आवाज नहीं उठाते। मैंने हमेशा आवाज उठाई है, निर्भयाओं पर सवाल किए हैं। भर्ती प्रक्रिया मामले में लगे आरोपों पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि कोई धांधली नहीं हुई है। जो प्रक्रिया डीसीडब्लू में सालों से अपनाई गई, वही अपनाई है। जो बदला है, वह है काम। दिन-रात शिद्दत से काम किया है। सिस्टम से सवाल किए हैं।

उन्होंने कहा कि मैं आंदोलनकारी हूं। जब गलत काम नहीं किया है तो भगवान से भी नहीं डरना चाहिए। मैं लक्ष्मीबाई, सावित्री बाई फुले, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस, बिस्मिल अशफाक को मानने वाली महिला हूं। मैं फौजी की बेटी हूं। किसी से डरने वाली नहीं। उन्होंने कहा कि मामले में शिकायत करने वाले उमेश सहगल छेड़खानी के आरोपी हैं जिसे पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किया है। दूसरी बरखा सिंह हैं जिन्होंने डीसीडब्लू में आठ सालों में एक मामला निपटाया।  मालीवाल ने चुनौती देते हुए कहा कि कोई मेरी पूरी जिंदगी में एक रुपए का भ्रष्टाचार भी सिद्ध कर दे तो नौकरी क्या, मैं जिंदगी छोड़ दूंगी। सिस्टम में बैठे नकारा लोगों को मेरा महिलाओं के लिए काम करना और सवाल उठाना पसंद नहीं आ रहा। वे मेरे सवालों से, काम से परेशान हैं।

 

सोमवार की पूछताछ के बाद स्वाति मालीवाल ने कहा था कि वह एसीबी के पूछे गए सवालों का एक हफ्ते के अंदर जवाब देंगी और जांच एजंसी की ओर से मांगे गए सभी दस्तावेज मुहैया कराकर जांच में पूरा सहयोग करेंगी। अपनी शिकायत में पूर्व प्रमुख बरखा सिंह ने 85 लोगों को नाम दिया था और दावा किया था कि उन्हें अनिवार्य योग्यता के बिना डीसीडब्लू में नौकरी दी गई। अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्वाति मालीवाल ने कहा कि प्राथमिकी से वे डरने वाली नहीं हैं। दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन उनके समर्थन में आए। स्वाति ने कहा कि प्राथमिकी से वह रुकने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘मुझे भले ही जेल भेज दिया जाए, लेकिन मैं महिलाओं की हालत पर रिपोर्ट तैयार करूंगी और उसे दिल्ली सरकार को सौंपूंगी।

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