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कैबिनेट से HIV/AIDS बिल में संशोधन को मिली मंजूरी

एचआईवी प्रभावित और एवं एड्स पीड़ितों के हितों की रक्षा करने वाले मसौदा कानून को और मजबूत करते हुए सरकार ने इसमें संशोधन को आज मंजूरी दे दी।
Author नई दिल्ली | October 5, 2016 15:15 pm
एचआइवी आौर एड्स ।

एचआईवी प्रभावित और एवं एड्स पीड़ितों के हितों की रक्षा करने वाले मसौदा कानून को और मजबूत करते हुए सरकार ने इसमें संशोधन को आज मंजूरी दे दी ताकि ऐसे लोगों के साथ भेदभाव करने वालों के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए एक औपचारिक तंत्र स्थापित किया जा सके और कानूनी जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। केंद्रीय कैबिनेट ने एचआईवी से संक्रमित लोगों के साथ रह रहे और एचआईवी से प्रभावित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए ‘एचआईवी एवं एड्स विधेयक, 2014’ को मंजूरी दी। विधेयक में उन बातों को सूचीबद्ध किया गया है जिनके आधार पर एचआईवी से संक्रमित लोगों और उनके साथ रह रहे लोगों के साथ भेदभाव करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इनमें रोजगारों, शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं, निवास के लिए या किराए पर दी गई संपत्तियों, सार्वजनिक या निजी कार्यालयों के लिए खड़े होने और बीमा के प्रावधान: जब तक कि वह बीमा विज्ञान संबंधी अध्ययनों पर आधारित न हो: के संबंध में अस्वीकृति, समाप्ति या अनुचित व्यवहार शामिल है।

कैबिनेट की बैठक के बाद जारी एक बयान में कहा गया कि रोजगार पाने या स्वास्थ्य सेवाएं या शिक्षा प्राप्त करने की शर्त के तौर पर एचआईवी की जांच की अनिवार्यता पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। विधेयक के अनुसार ‘‘किसी भी व्यक्ति को एचआईवी संबंधी उसकी स्थिति के बारे में खुलासा करने के लिए तब तक बाध्य नहीं किया जा सकता जब तक कि उसकी सूचित सहमति न हो और अदालत के आदेश के तहत ऐसा करना अनिवार्य नहीं हो।’ एचआईवी से संक्रमित लोगों की सूचना का रिकॉर्ड रखने वाले संस्थानों को डेटा सुरक्षा संबंधी कदम उठाने होंगे। प्रस्ताव के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के एचआईवी से संक्रमित या पीड़ित हर व्यक्ति को साझे घर में रहने और घर की सुविधाओं का आनंद लेने का अधिकार है।

विधेयक में एचआईवी से संक्रमित लोगों और उनके साथ रह रहे लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने की वकालत करने या उनसे संबंधित सूचना प्रकाशित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। विधेयक नाबालिगों के लिए संरक्षण भी मुहैया कराता है। बारह से 18 साल तक का ऐसा कोई भी व्यक्ति, जिसमें एचआईवी या एड्स से पीड़ित परिवार के मामलों का प्रबंधन करने और उन्हें समझने के लिए पर्याप्त परिपक्वता है, वह 18 वर्ष से कम आयु के अपने अन्य भाई या बहन के संरक्षक की भूमिका निभा सकता है। यह प्रावधान शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले, बैंक खातों के संचालन, संपत्ति के प्रबंधन, देखभाल एवं उपचार संबंधी मामलों में लागू होगा।

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First Published on October 5, 2016 2:57 pm

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