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नीतीश कुमार की दो टूक: JDU-BJP की दोस्ती स्वीकारें शरद यादव, या फिर अलग रास्ता चुनें

नीतीश ने दिल्ली संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "पार्टी ने आम सहमति से फैसला लिया। वह (शरद यादव) अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।"
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने 11 अगस्त को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। (Photo-Twitter/@AmitShah)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि जनता दल (युनाइटेड) के वरिष्ठ नेता शरद यादव अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं। नीतीश का यह बयान शरद यादव द्वारा बिहार में जद (यू) और भाजपा के गठबंधन के खिलाफ नाराजगी जताए जाने के बाद आया है। जनता दल यूनाईटेड के दो योद्धाओं के बीच चल रहे मनमुटाव पर नीतीश ने कहा कि शरद यादव को या तो जेडीयू बीजेपी की दोस्ती को स्वीकार करना चाहिए, अथवा उन्हें अपना अलग रास्ता चुन लेना चाहिए। नीतीश ने दिल्ली संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, “पार्टी ने आम सहमति से फैसला लिया। वह (शरद यादव) अपना रास्ता चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।” इससे पहले शरद यादव ने दिल्ली से पटना पहुंचने पर हवाईअड्डे पर संवाददाताओं से कहा था कि वह अब भी महागठबंधन के साथ हैं, जिसे बिहार की 11 करोड़ जनता ने 2015 के विधानसभा चुनाव में पांच साल शासन का जनादेश दिया था।जद (यू) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कांग्रेस तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ अपनी पार्टी को मिलाकर बने 20 माह पुराने महागठबंधन से अलग होते हुए 26 जुलाई को मुख्यंमत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

अगले ही दिन 27 जुलाई को उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनाई। जद (यू) अध्यक्ष ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और बिहार के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बिहार में बीजेपी के साथ सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से ये पहली मुलाकात है। उन्होंने कहा कि वह इस माह एक विस्तृत मुलाकात के लिए फिर यहां आएंगे। इसके अलावा नीतीश कुमार ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी मुलाकात की।

बता दें कि शरद यादव इस वक्त बिहार में जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। शरद यादव ने गुरुवार को कहा था कि बीजेपी के साथ सरकार बनाकर नीतीश कुमार ने बिहार के 11 करोड़ लोगों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ‘सरकारी जेडीयू’ चला रहे हैं, जबकि असली जेडीयू आम जनता है जो उनके साथ है। इधर जेडीयू प्रवक्ता केसी त्यागी ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था शरद यादव मर्यादा का पालन करें, और उन्हें जो कुछ भी कहना है पार्टी फोरम में कहें। अब सबकी निगाहें पटना में 19 अगस्त को होने वाली जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक पर लगी है।

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  1. A
    anand prakash
    Aug 11, 2017 at 9:38 pm
    नीतीश की ने बिहार की जनता का विश्वास तोङा है ऐसे लोगों को जागरूक करने की जरूरत है जो विधायक बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चलाने के लिये खरीदें गये उन्हें वहां की जनता अपने तरीके से सबक सिखाये।
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  2. d
    dr. S.S.Shrivastava
    Aug 11, 2017 at 8:26 pm
    Sharad yadav is a parasite on Bihar. He allied with the greatest caste -cheater, Lalu yadav to claim his birth in Bihar. When Lalu was at the pinnacle of his p ering , scamming reign in Bihar's JUNGLE RAJ, he separated off to ally with BJP. Despite his yadav cult , he enjoyed ministerial berths under BAJPAI .Now, he is hobnobbing with RJD CONG. to secure a R.S.seat .His antisocial character is reflected in his rebellion against the new JDU BJP Gov. in Bihar. The opportunistic g alliance between JDU CONG RJD in 2015, itself was a cheating on public to combine caste muslim BC votes. The public which had shoed Lalu yadav, Congress and JDU in LOKSABHA election only a year ago was fooled by the communal card played in the last state election. Sooner, Lalu placed his imbecile, uneducated sons on the heads of Bihar. The simmering Bihar got a respite by breaking the slanderous joint venture of LALU cheats. Now, Bihar is slowly recovering its lost ground to lead a peaceful life.
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