June 25, 2017

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जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में भीम सेना के संस्थापक चंद्रशेखर की मां ने कहा- ‘बेटे के रिहा होने तक प्रदर्शन करूंगी’

मुझे नरेंद्र मोदी सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, खासकर इसलिए क्योंकि योगी आदित्यनाथ के उदय के साथ ही हिंसा शुरू हुई’।

Author नई दिल्ली | June 19, 2017 04:37 am
दलित समर्थक संगठन ‘भीम आर्मी’ के बैनर तले हजारों की तादाद में दलित आंदोलनकारियों ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया।

भीम सेना के बैनर तले रविवार को दिल्ली की सड़कों पर बड़ी संख्या में दलित युवक उतरे और उत्तर प्रदेश में हुई जातीय हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए संगठन के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को रिहा करने की मांग की। पिछले एक महीने से कम समय में दूसरी बार इस तरह का प्रदर्शन हुआ। करीब 2,500 (पुलिस द्वारा अनुमानित) लोगों की भीड़ के प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर की मां कमलेश देवी, भाई भगत सिंह एवं कमल किशोर और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशी राम की बहन स्वर्ण कौर सहित अन्य शामिल थे। संसद मार्ग पुलिस स्टेशन और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद सम्मेलन केंद्र के बीच का रास्ता नीले रंग में रंग गया और ‘जय भीम’ के नारों से गूंज उठा। सुबह दस बजे से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। कमलेश देवी ने कहा, ‘मैं अपने बेटे को रिहा किए जाने तक प्रदर्शन करूंगी, धरने पर बैठूंगी और साथ ही अनिश्चितकालीन उपवास करूंगी। हम लड़ेंगे। मुझे नरेंद्र मोदी सरकार या उत्तर प्रदेश सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, खासकर इसलिए क्योंकि योगी आदित्यनाथ के उदय के साथ ही हिंसा शुरू हुई’।

21 मई के प्रदर्शन की ही तरह आज भी एक के बाद एक वक्ताओं ने सामाजिक आंदोलन को राजनीति से दूर रखने और बसपा जैसे राजनीतिक दलों के दलित मुद्दे का दोहन करने की बात पर जोर दिया। 21 मई के प्रदर्शन में इससे भी ज्यादा लोग जमा हुए थे। कौर ने कहा, ‘बसपा प्रमुख (मायावती) ने मेरे भाई के काम पर अपना पूरा कॅरियर बनाया। यह युवाओं के नेतृत्व में शुरू हुआ एक नया आंदोलन है। जहां भी अन्याय होगा, युवा खड़े होंगे’। हालांकि प्रदर्शन के दौरान संगठन के सदस्यों में मतभेद दिखे जब आयोजकों ने एक सदस्य को मंच से हटाते हुए उसपर आंदोलन को ‘हाईजैक’ करने का आरोप लगाया। भीमराव आंबेडकर द्वारा 1926 में स्थापित की गई समता सैनिक दल के मुख्य संरक्षक उम्मेद सिंह गौतम ने कहा, ‘यह साफ है कि भीम आर्मी में अनुशासन की कमी है। लेकिन इसमें मुख्य रूप से युवा शामिल हैं और वे समय के साथ सीख जाएंगे’। पेशे से वकील चंद्रशेखर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में ठाकुरों एवं दलितों के बीच हुए संघर्ष में उनकी कथित भूमिका के लिए हिमाचल प्रदेश के डलहौजी में गत आठ जून को उत्तर प्रदेश कार्य बल ने गिरफ्तार किया था।
दूसरी ओर, दलित शोषण मुक्ति मंच (एनसीआर) ने जंतर मंतर पहुंचकर चंद्रशेखर की गिरफ्तारी के विरोध में और तुरंत रिहाई की मांग को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। मंच के महासचिव नत्थू प्रसाद ने मंच पर जाकर एक एकजुटता पत्र भी चंद्रशेखर की माताजी को दिया और आगामी दिनों में उनकी रिहाई तक व पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा व दोषी पुलिसकर्मियों को दंडित करने की मांग के साथ संघर्ष में अपनी एकजुटता का वादा किया।

 

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First Published on June 19, 2017 4:37 am

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