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‘चुनाव घोषणा से पहले हुआ खर्च भी जोड़ा जाए उम्मीदवार के खाते में’

लोकसभा में भाजपा के एक सदस्य ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव में चुनाव की तारीख से पहले घोषित पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार से जुड़े खर्च को चुनाव खर्च में शामिल करने की मांग की।
Author नई दिल्ली | August 4, 2016 02:10 am
भाजपा के श्याम चरण गुप्ता

लोकसभा में भाजपा के एक सदस्य ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव में चुनाव की तारीख से पहले घोषित पार्टी उम्मीदवारों के प्रचार से जुड़े खर्च को चुनाव खर्च में शामिल करने की मांग की। शून्यकाल के दौरान भाजपा के श्याम चरण गुप्ता ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के संदर्भ में चुनाव की तारीख का एलान होने के बाद खर्चे को उम्मीदवार के खर्च में शामिल किया जाता है, जबकि कई राजनीतिक दल चुनाव घोषित होने से एक साल पहले ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर देते हैं और प्रचार शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में हम मांग करते हैं कि चुनाव तिथि से पहले से प्रचार करने वाले उम्मीदवारों के खर्च को भी चुनाव खर्च में शामिल किया जाए।

वाइएसआर कांग्रेस की के गीता ने देश के ग्रामीण क्षेत्रों में अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाया और सरकार से ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन और ई मेडिसिन सुविधाओं को प्रोत्साहित करने की मांग की।गीता ने कहा कि देश के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में डाक्टरों की भारी कमी है और साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं का आभाव है। ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा विस्तरों की भी भारी कमी है।उन्होंने कहा कि ऐसे में सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे के विकास पर जोर देना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने किरासन तेल पर सबसिडी कम करने का आरोप लगाते हुए सरकार से मांग की कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत किरासन तेल पर सब्सिडी को जारी रखा जाए।उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई पत्र लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। पिछले वर्षों में किरासन तेल पर सबसिडी को कम किया गया है। हमारी मांग है कि किरासन पर सबसिडी समाप्त नहीं की जाए क्योंकि यह गरीब के चूल्हे का सवाल है।

एलकेजी कक्षा के लिए तीन-तीन लाख रुपए तक कैपिटेशन फीस लिए जाने का जिक्र करते हुए कांग्रेस के एम शानवास ने कहा कि इस पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना था कि कैपिटेशन फीस की कुप्रथा शिक्षा के अधिकार कानून के खिलाफ है। भाजपा के अंशुल वर्मा ने मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड का मुद्दा उठाते हुए आधार कार्ड को नागरिकता प्रमाणपत्र का दर्जा दिए जाने की मांग की। उनका कहना था कि मतदाता पहचान पत्र के विपरीत इस पर व्यक्ति की आंख की पुतली और उंगलियों के निशान तक होते हैं।

भाजपा के कौशल किशोर ने उत्तरप्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआइडीसी ) में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि निगम के प्रमुख द्वारा उद्योग लगाने के इच्छुक कारोबारियों से रिश्वत की मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि यूपीएसआइडीसी में भ्रष्टाचार का यह आलम है कि कोई उद्योगपति उत्तर प्रदेश में अपना उद्योग नहीं लगाना चाहता। भाजपा के नाना पटोले ने महाराष्ट्र के गोदिया और भंडारा जिलों में प्राथमिक स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इन स्कूलों में कमरों, शौचालयों, पुस्तकालय, पेयजल आदि की व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार से शीघ्र धनराशि जारी करने की मांग की।

अन्नाद्रमुक के वी पनीरसेल्वम ने अपने निर्वाचन क्षेत्र कराईकुड़ी से होकर गुजरने वाली चेन्नई-रामेश्वरम रेल गाड़ी में सीजनल रेल पास धारक यात्रियों के लिए अलग से दो डिब्बे लगाए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में सरकारी बसों में मुहैया कराए जाने वाले मिनरल वाटर की तर्ज पर रेलनीर को रेलों में दस रुपए की कीमत से उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने पल्लवम एक्सप्रेस को माणा मदुरै तक बढ़ाने की मांग की जो कराईकुड़ी में आकर खत्म हो जाती है।

शिवसेना के श्रीरंगप्पा ने मुंबई और गोवा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग 17 का मुद्दा उठाया और कहा कि पनवेल से इंदापुर तक का सड़क निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होना था, लेकिन इंदापुर में आज भी ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं। जबकि इसका टेंडर वर्ष 2011 में निकाला गया था। बीजू जनता दल के बलभद्र माझी ने इंदिरा सागर पोलावरम परियोजना का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस परियोजना पर काम बंद करने के आदेश के बावजूद आंध्र प्रदेश काम करता रहा। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आदिवासी विरोधी काम नहीं करे।

रक्सौल शहर में रेलवे के ड्राई पोर्ट का मुद्दा उठाते हुए भाजपा के संजय जायसवाल ने कहा कि इससे शहर के लोगों को भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने रेल मंत्री से अपील की कि ड्राई पोर्ट को बीरगंज में बनाया जा सकता है। भाजपा के गजेंद्र सिंह शेखावत ने पूर्व सैनिकों को प्राथमिकता के आधार पर शस्त्र लाइसेंस दिए जाने की मांग की, ताकि वे बैंकों, विभिन्न प्रतिष्ठानों आदि में गार्ड की नौकरी आसानी से हासिल कर सकें। कांग्रेस के एंटो एंटनी ने केरल में स्थित आरमुला गांव को सांस्कृतिक-ऐतिहासिक दृष्टि से एक महत्त्वपूर्ण गांव बताया और पंबा नदी के पास स्थित इस गांव को विरासत स्थल घोषित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केरल सरकार ने एक प्रस्ताव 2008 में केंद्र को भेजा था।

तृणमूल कांग्रेस की काकोली घोष दस्तीदार ने पश्चिम बंगाल स्थित चंद्र्रकेतुगढ़ में पुरातात्विक खुदाई का काम फिर से शुरू किए जाने की मांग की और कहा कि इससे इस स्थल को संयुक्त राष्ट्र विरासत स्थल का दर्जा दिलाने में मदद मिलेगी। भाजपा के राहुल कासवां ने कुंभाराम लिफ्ट कैनाल परियोजना के लिए राजस्थान को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित कराए जाने की मांग की। बीजू जनता दल के भर्तुहरि महताब ने पार्टी के संस्थापक और ओड़ीशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के जन्मशती वर्ष का जिक्र करते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद इलाके में किसी एक सड़क का नामकरण बीजू पटनायक के नाम पर किए जाने की मांग की। भाजपा की सावित्री ठाकुर ने सड़कों, चौराहों पर बच्चों और महिलाओं के भीख मांगने का मुद्दा उठाया और सरकार से इनके पुनर्वास की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस की ममता ठाकुर ने पश्चिम बंगाल में बहने वाली और भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा का काम करने वाली इच्छामति नदी में आयी बाढ़ का मुद्दा उठाया और कहा कि इससे हर साल भू क्षरण हो रहा है और जमीन का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया है। उन्होंने इच्छामति नदी में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार से पहल की अपील की। कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने भारत और बांग्लादेश के बीच हुए ऐतिहासिक भू सीमा समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि सीमा पर बसे 162 एन्क्लेव में से भारत में रहने का फैसला करने वाले लोगों को आज बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक समझौता था और केंद्र सरकार इसका पूरी तरह अनुपालन सुनिश्चित करे।

अन्नाद्रमुक के केआर प्रभाकरन ने कैंसर के बढ़ते मामलों का जिक्र किया और तमिलनाडु के तिरुनवेल्ली में एक नया कैंसर केंद्र खोले जाने की मांग की। भाजपा के सत्यपाल सिंह ने कहा कि देश के नौ करोड़ किसानों के समक्ष आज आजीविका का संकट खड़ा हो गया है जिन्हें अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य एक सफाई कर्मचारी के वेतन से भी कम मिलता है। उन्होंने केंद्र से इस पर ध्यान देने की मांग की। इसी पार्टी के हुकुम सिंह ने कहा कि दो महीने में नया पेराई सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी तक गन्ना मिलों पर किसानों का दो हजार करोड़ रूपये बकाया है।उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ, बागपत और मुरादाबाद के किसानों में हाहाकार मचा है।भाजपा के सतीश गौतम ने किसानों को तत्काल राहत दिए जाने की केंद्र सरकार से मांग की। भाजपा के ही सीपी जोशी ने कहा कि अफीम की खेती में नुकसान होने पर कृषि मंत्रालय अन्य फसलों के अनुसार मुआवजा दे।

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