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700 सालों से आजाद है बलूचिस्तान: मजदक दिलशाद बलूच

दिलशाद बलूच ने कहीं। दिलशाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज हमें भरोसा है कि हम अकेले नहीं हैं।
Author नई दिल्ली | October 2, 2016 05:26 am
रत नीति प्रतिष्ठान के शनिवार को बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के आतंरिक उपनिवेशवाद पर हुई परिचर्चा।

बलूचिस्तान पिछले 700 सालों से आजाद है। आज का पाकिस्तान तो ब्रितानिया की पैदाइश है। हम पहले ब्रितानिया हुकूमत से लड़े और अब पाकिस्तान से लड़ रहे हैं। हमने ब्रितानी हुकूमत को नहीं माना और अब पाकिस्तानी सेना को नहीं मानते। हम हक के साथ खड़े हैं इसलिए हमारी इज्जत और हैसियत है…। भारत नीति प्रतिष्ठान के शनिवार को बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के आतंरिक उपनिवेशवाद पर हुई परिचर्चा में ये बातें बलूचिस्तान के नेता मजदक दिलशाद बलूच ने कहीं। दिलशाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि आज हमें भरोसा है कि हम अकेले नहीं हैं।

भारत नीति प्रतिष्ठान के मानद निदेशक प्रोफेसर राकेश सिन्हा ने कहा, ‘यह कहना गलत है कि लालकिले से बलूचिस्तान का मुद्दा कश्मीर के लिए उठाया गया था। कश्मीर भारत के लिए मुद्दा ही नहीं है’। सिन्हा ने आगे कहा कि बलूचिस्तान के बाद हम तिब्बत के मामले में भी अपनी गलती सुधारेंगे। पूर्व राजनयिक विवेक काटजू ने इस बात पर चिंता जताई कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान जो कर रहा है उसकी जमीनी रिपोर्ट दर्ज नहीं हो रही है। पाकिस्तान वहां विदेशी पत्रकारों को जाने की इजाजत नहीं देता।

पाकिस्तानी लेखक तारेक फतेह ने कहा कि सन 1800 में यूरोप के नक्शे पर हिंदुस्तान, अफगानिस्तान और बलूचिस्तान तो था लेकिन पाकिस्तान नहीं था। पाकिस्तान एक मुल्क का नाम नहीं बल्कि एक जेहेनियत है। भारत के बंटवारे के लिए आप नेहरू को तो कोसते हैं लेकिन जिन्ना का नाम भी जुबान पर नहीं लाते हैं। बलूचिस्तान की आजादी भारत की ही आजादी होगी। जिन्ना ने जो बाजू काटे वो जुड़ नहीं सकते लेकिन साथ तो रह सकते हैं। वहीं रक्षा विशेषज्ञ सेवानिवृत्त मेजर डॉक्टर जीडी बक्शी ने कहा कि दक्षिण एशिया करवट ले रहा है। हम कभी पहला वार नहीं करेंगे यह धर्म कहता है। लेकिन अब दहशतगर्दों के मानवाधिकार की बात कहने वालों को करारा जवाब देना होगा। हमने कश्मीर में इसलिए कर्फ्यू लगाया ताकि बच्चे गोली लगने से बच जाएं। अध्यक्षीय भाषण देते हुए प्रोफेसर अवनिजेश अवस्थी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने इस साल 15 अगस्त को सिर्फ एक बार नाम लिया और पूरी दुनिया को पता चल गया कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान क्या कर रहा है। अब संयुक्त राष्टÑ में कश्मीर नहीं बलूचिस्तान का मुद्दा उठेगा। बलूचिस्तान के लिए 70 साल की गलतियों को ठीक करने का वक्त आ गया है।

 

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First Published on October 2, 2016 5:26 am

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