March 25, 2017

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स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में स्टाफ की नियुक्तियों में अनियमितता, कर्मचारी संघ ने प्रकाश जावड़ेकर को लिखा पत्र

वर्ष 2015 में ही रोस्टर अपडेट हुआ था और उसी के आधार पर पदोन्नति और नियुक्तियां की जा रही हैं जो सरासर गलत है।

Author नई दिल्ली | March 21, 2017 02:45 am
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर। (फाइल फोटो)

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में गैर-शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्तियों में अनियमितता और धांधली के आरोप लगे हैं। कॉलेज के कर्मचारी संघ ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि कॉलेज में गैर-शैक्षणिक नियुक्तियों में नियम, आरक्षण और रोस्टर की पूरी तरह से अवहेलना की जा रही है। वहीं कॉलेज में कनिष्ठ सहायक सह टाइपिस्ट की नौकरी के लिए आवेदन करने वाले एक शख्स ने भी नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर धांधली के आरोप लगाए हैं। कर्मचारी यूनियन ने जावड़ेकर को लिखे पत्र कहा है कि डीयू के स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज में गैर-शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति के लिए कॉलेज वेबसाइट पर 12 जनवरी 2017 को एक विज्ञापन दिया गया है जिसके तहत प्रशासनिक अधिकारी, सेक्शन अफसर सहित 13 पदों पर नियुक्ति की जानी है लेकिन इस विज्ञापन में कई कमियां हैं और इनमें पदों के आरक्षण की विवरण में संभवत: जानबूझ कर गलतियां की गई हैं। कर्मचारी संघ के सुभाष भारती ने कहा कि हम 18 लोगों ने कुलपति, रजिस्ट्रार और कॉलेज के शासी निकाय सभी से शिकायत की है, गैर-शैक्षणिक स्टाफ का रोस्टर अपडेट नहीं किया गया है। वर्ष 2015 में ही रोस्टर अपडेट हुआ था और उसी के आधार पर पदोन्नति और नियुक्तियां की जा रही हैं जो सरासर गलत है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज वेबसाइट पर बिना हस्ताक्षर के रोस्टर अपलोड किया गया है।

नरेला निवासी ताराचंद ने भी नियुक्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। ताराचंद ने कनिष्ठ सहायक सह टाइपिस्ट के लिए पद के लिए आवेदन किया था जिसके लिए मई 2014 मे लिखित परीक्षा हुई और अगस्त 2014 में आशुलिपी की परीक्षा ली गई। उनका कहना है यह सारी कवायद सामान्य श्रेणी के तीन पदों के लिए थी, दूसरी परीक्षा के बाद 11 लोगों का चयन किया गया जिसमें वे भी थे, लेकिन 13 अक्तूबर को आयोजित साक्षात्कार के लिए 11 के अतिरिक्त 2 और लोगों को बुलाया गया जो टेस्ट प्रक्रिया से नहीं गुजरे थे। हालांकि उस दिन यह साझात्कार टल गया और 26 अक्तूबर को आयोजित हुआ जिसमें वो दो लोग फिर शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि इन दो लोगों की अंतत: नियुक्ति की गई, जिसपर कॉलेज प्रशासन अलग-अलग दलील दे रहा है। ताराचंद की इस शिकायत पर डीयू प्रशासन ने कॉलेज गवर्निंग बॉडी चेयरमैन से इस विषय पर स्पष्टीकरण मांगते हुए कार्रवाई के लिए लिखा है। साथ ही विश्वविद्यालय सतर्कतता विभाग ने शिकायतकर्ता से शिकायत की पुष्टि के लिए साक्ष्य मांगे हैं।

 

 

 

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First Published on March 21, 2017 2:45 am

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