December 09, 2016

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सामने आए बीजेपी के जमीन सौदों से जुड़े दस्‍तावेज, विपक्ष बोला- नोटबंदी से ऐन पहले बीजेपी ने ठिकाने लगाया अपना काला धन

एक न्यूज वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी ने अगस्त 2016 से नवंबर के पहले हफ्ते तक जमीनें खरीदी हैं।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (बाएं) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (File Photo)

कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और जद(यू) समेत कई राजनीतिक दलों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर नोटबंदी से ठीक पहले अपने पैसे को ठिकाने लगाने का आरोप लगाया है। इन दलों का आरोप है कि बीजेपी ने नोटबंदी से पहले बिहार समेत देश के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदीं हैं। सबसे पहले ये खबर बिहार के स्थानीय न्यूज चैनल कशिश न्यूज ने चलाई जिसे बाद में कई मीडिया संस्थान ने प्रकाशति किया। चैनल ने जमीन खरीद के कथित दस्तावेज भी साझा किए है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नोटबंदी से ठीक पहले नवंबर के पहले हफ्ते तक बीजेपी ने बिहार एवं अन्य जगहों पर करोड़ों रुपये की जमीनें खरीदीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी।

रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी अगस्त 2016 से ही देश के अलग अलग हिस्सों में जमीन खरीद रही थी। वेबसाइट ने बिहार से मिली जमीन खरीद के दस्तावेज के आधार पर आरोप लगाया है कि बीजेपी ने ये संपत्तियां अपने कार्यकर्ताओं के नाम पर खरीदी हैं। इनमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की ओर से पार्टी के सीनियर कार्यकर्ता और विधायकों को सिग्नेटरी बनाया गया है. वेबसाइट ने दावा किया है कि जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़े ये दस्तावेज बिहार सरकार की भूमि जानकारी संबंधी वेबसाइट पर भी उपलब्ध हैं।

न्यूज वेबसाइट कैच न्यूज से बातचीत में बिहार बीजेपी के नेताओं ने माना कि पार्टी ने बिहार के साथ ही देश भर में जमीनें खरीदी हैं। नेताओं का कहना था कि ये जमीनें पार्टी कार्यालय और पार्टी के तमाम दूसरे कामों के लिए ली गई हैं। नेताओं के अनुसार पार्टी ने बिहार के साथ और भी जगह जमीन खरीदी है। एक नेता ने कहा कि हम लोग तो सिर्फ सिग्नेटरी अथॉरिटी हैं, पैसा तो पार्टी की तरफ से आया था…सारी जमीन खरीदी है पार्टी कार्यालय के लिए और अन्य कामों के लिए। नवंबर के फर्स्ट वीक तक जमीन खरीदी है।

कैच न्यूज द्वारा बिहार के कटिहार में बीजेपी द्वारा की गई कथित जमीन खरीद के दस्तावेज की प्रति। बिहार के कटिहार में बीजेपी द्वारा की गई कथित जमीन खरीद के दस्तावेज की प्रति। (साभार कैच न्यूज)

यह पूछे जाने पर कि खरीदारी नगद हुई या चेक के जरिए? चौरसिया ने कहा, “पार्टी का काम एक नंबर से होता है। उसका तरीका अलग-अलग होता है. पर नगद लेनदेन नहीं हुआ होगा।” बीजेपी के एक अन्य नेता और सिग्नेटरी लाल बाबू प्रसाद ने बिहार के एक स्थानीय चैनल से बातचीत में स्वीकार किया है कि उन लोगों ने जमीनें नगद पैसे से खरीदी हैं, इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने चंदा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी द्वारा खरीदी गई जमीनों की रकबा आधा एकड़ से 250 वर्गफीट के बीच है। इनकी कीमत 8 लाख से 1.16 करोड़ के बीच है। सबसे महंगी जमीन करीब 1100 रुपए प्रति वर्ग फीट की दर से खरीदी गई है। कुछ मामलों में भाजपा खुद ही खरीददार पार्टी है और पता 11 अशोक रोड दर्ज है।

कैच न्यूज द्वारा बिहार के सहरसा में बीजेपी द्वारा की गई कथित जमीन खरीद के दस्तावेज की प्रति। बिहार के सहरसा में बीजेपी द्वारा की गई कथित जमीन खरीद के दस्तावेज की प्रति। (साभार कैच न्यूज)

रिपोर्ट आते ही अब तक नरेंद्र मोदी सरकार के नोटबंदी का समर्थन कर रही जद(यू) ने ट्वीट करके कहा कि इस रिपोर्ट से साफ हो गया है कि नोटबंदी के बारे में बीजेपी नेताओं को पहले से पता था। वहीं राहुल गांधी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से कहा गया, “नोटबंदी की पूरी तैयारी थी!”

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा, “ये स्तब्ध कर देने वाला है। बीजेपी ने अपना पैसा ठिकाने लगा लिया। शर्मनाक।” आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने नोटबंदी को बड़ा घोटाला बताते हुए इसकी जांच की मांग की। आशुतोष ने ट्वीट किया, “ये बड़ा घोटाला है। इसकी जांच होनी चाहिए। अमित शाह की भूमिका की जांच होनी चाहिए। मोदी भी इसमें शामिल हैं।”

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First Published on November 25, 2016 5:10 pm

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