January 16, 2017

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मधुकर गुप्ता कमेटी की रिपोर्ट क्यों दबाए बैठी है केंद्र सरकार : आप

डीडीए आज की तारीख में सिर्फ एक प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका में काम कर रहा है और वह दिल्ली की जनता के प्रति जवाबदेह भी नहीं है।

Author नई दिल्ली | October 11, 2016 03:44 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

आम आदमी पार्टी ने सोमवार को केंद्र की मोदी सरकार से सवाल किया कि डीडीए (दिल्ली विकास प्राधिकरण) को दिल्ली सरकार के अधीन लाने की सिफारिश करने वाली मधुकर गुप्ता कमेटी की रिपोर्ट को वह दबाकर क्यों बैठी है और इसे सार्वजनिक करने से क्यों घबरा रही है? आप ने इस रिपोर्ट को जनता के हित में बताया है।  सोमवार को एक प्रेस वार्ता के दौरान आप प्रवक्ता राघव चढ्ढा ने आरोप लगाया कि दिल्ली की जनता के हक में बनाई गई मधुकर गुप्ता की रिपोर्ट को केंद्र सरकार दबाकर बैठी है। चढ्ढा ने कहा, ‘केंद्र सरकार द्वारा गठित एक कमेटी की रिपोर्ट के कुछ अंश यह इशारा कर रहे हैं कि मोदी सरकार उस रिपोर्ट को जान-बूझ कर दबा कर बैठी है क्योंकि उस रिपोर्ट में दिल्ली की चुनी हुई केजरीवाल सरकार को ज्यादा अधिकार देने की बात कही गई है।’ आप प्रवक्ता के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि डीडीए आज की तारीख में सिर्फ एक प्रॉपर्टी डीलर की भूमिका में काम कर रहा है और वह दिल्ली की जनता के प्रति जवाबदेह भी नहीं है।

चढ्ढा ने कहा कि डीडीए की सारी शक्तियां दिल्ली सरकार को दे देनी चाहिए, ताकि राजधानी के लोगों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि दिल्ली में करीब 60 से 70 फीसद जनता गैर-योजनागत तरीके से बसी कालोनियों में रहने को मजबूर है और यह सिर्फ डीडीए की वजह से ही हुआ है। आप प्रवक्ता के अनुसार, ‘डीडीए के पास इस वक्त कुल मिलाकर 23 हजार करोड़ रुपए उनके बैंक खातों में हैं जिनके सलाना ब्याज के तौर पर डीडीए की कमाई 2300 करोड़ होती है। लेकिन डीडीए इस रकम पर कुंडली मारकर बैठा है, जबकि यह पैसा दिल्ली की जनता का है और दिल्ली की जनता के आवासीय हितों पर खर्च किया जाना चाहिए।’

चढ्ढा ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की किसी कमेटी ने सिफारिश की हो, इसके पहले भी दो बार अलग-अलग कमेटियों ने भी इस तरह की सिफारिशें की हैं जिनके तहत दिल्ली सरकार को जमीन संबंधी अधिकार देने की बात पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि चौथे वित्त आयोग की सिफारिशें में भी इस तरह की बातें कही गई हैं। पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अक्तूबर 2015 में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी थी।

 

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First Published on October 11, 2016 3:44 am

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