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बेटी की शादी के लिए बेल चाहता था आतंकी नौशाद, चीफ जस्टिस ने कहा- लोगों को मारो और खुद कहो कि मेरा बेटा, मेरी बेटी…नहीं चलेगा

चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा, "अगर आप लोगों की हत्या करते हैं तो आप परिवार का हवाला नहीं दे सकते। आपने एक बार हत्या कर दी तो परिवार वहीं खत्म।"
जस्टिस जेएस केहर (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (20 फरवरी) को लाजपत नगर बम धमाकों के दोषी को बेटी की शादी के लिए जमानत या अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि जो “आम लोगों की हत्या के आरोपी हैं” उन्हें अदालत से नरमी की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। मोहम्मद नौशाद 1996 में लाजपत नगर में हुए बम धमाकों के दोषी हैं। इन धमाकों में 13 लोग मारे गए थे और 38 लोग घायल हुए थे।

नौशाद मार्च में होने वाली अपनी बेटी की शादी के लिए जमानत या पुलिस की निगरानी में एक महीने की पैरोल चाहते थे। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने मामले की सुनवायी की। नौशाद के वकील सिद्धार्थ दवे ने सर्वोच्च अदालत से कहा कि नौशाद पहले ही 20 साल जेल में गुजार चुके हैं इसलिए अदालत को उनके प्रति नरमी दिखानी चाहिए। नौशाद के वकील ने अदालत से कहा कि वो धमाकों के केवल साजिशकर्ता थे और वो उसकी सजा काट चुके हैं।

सरकारी वकील पीके डे ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सीबीआई ने पहले ही नौशाद को दी गयी आजीवन कारावास की सजा को मौत की सजा में बदलने के लिए याचिका दायर कर चुकी है। मुख्य न्यायाधीश ने डे की दलील स्वीकार करते हुए नौशाद की जमानत याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश जेस खेहर ने फैसले में कहा, “ये एक अति घृणित अपराध है। जो लोग ऐसी हरकतें करते हैं उन्हें इस बात अहसास होना चाहिए कि इससे परिवार का अंत हो जाता है।”

चीफ जस्टिस खेहर ने आगे कहा, “आप आम लोगों को मारें और कहें कि मेरा परिवार है, मेरा बेटा है, मेरी बेटी है…दोनों तरफ से आपकी ही मर्जी नहीं चलेगी।”ये या वो। अगर आप लोगों की हत्या करते हैं तो आप परिवार का हवाला नहीं दे सकते। आपने एक बार हत्या कर दी तो परिवार वहीं खत्म।”

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  1. A
    Atin Kumar
    Feb 23, 2017 at 8:32 am
    Why are you giving so much respect to a terrorist.
    Reply
  2. Y
    YOGESH
    Feb 24, 2017 at 5:13 am
    ी जवाब दिया है दुसरो को मारने के समय खून दिखाई नहीं देता अपना खून दिखाई देता है और समझ में अत है .ऐसे लोगो को इस तरही नयन देना चाहिए नहीं तो हर गुंडा खून करते रहेगा और बहार भी निकल आएगा
    Reply
  3. J
    joginder
    Feb 21, 2017 at 5:24 am
    Kudos
    Reply
  4. N
    Narendra Batra
    Feb 22, 2017 at 7:36 am
    पहली बार लगता है कोई ी आदमी सुप्रीम कोर्ट का जूझ बना है नहीं तो हमेशा से सेक्युलर वामपंथी विचारधारा वाले ही बनते आये है
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  5. S
    Sanjay Nagia
    Feb 21, 2017 at 5:16 am
    है है है माननीय कोर्ट की टिप्पणियां बड़ी शानदार होती है
    Reply
  6. C
    Court ka
    Feb 21, 2017 at 2:16 pm
    P
    Reply
  7. S
    Shrikant Sharma
    Feb 23, 2017 at 12:28 am
    में रैट्स व अकिस्तान स पैसा खा कर हाल कर रह हैं केसरीवाल के घर में की सोनिया कसरीवal के राज्य में ये क्या होने लगा है सुरमे kऑर्ट में जज की ये हिम्मत की वोह म वोट बैंकों के टेके दरों को अपने बच्चों की शादी में न जाने दे;
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