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महिला आयोग ने रावत सरकार को लगाई फटकार

देहरादून के नारी निकेतन के संवासिनियों के मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है।
Author देहरादून | January 19, 2016 23:35 pm
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत। (फाइल फोटो)

देहरादून के नारी निकेतन के संवासिनियों के मामले को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने रावत सरकार की ओर से नारी निकेतन मामले की कराई गई जांच को भी सिरे से खारिज कर दिया है। जिससे रावत सरकार कटघरे में खड़ी हो गई है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को अपनी तीन सदस्यीय जांच टीम देहरादून भेजी थी। जिस टीम ने नारी निकेतन देहरादून का दौरा किया। दौरे के दौरान इस जांच टीम ने नारी निकेतन में कई खामियां पाई।

राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच टीम ने नारी निकेतन के जांच के मामले में जिले के आला अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट न होने पर आयोग ने जिले के आला अधिकारियों और नारी निकेतन के कई अधिकारियों को दिल्ली तलब किया है।

देहरादून के नारी निकेतन की जांच करने वाली राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने जांच के दौरान नारी निकेतन में कई गंभीर गड़बड़ियां पाई हैं। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन देहरादून के हालात ठीक नहीं है और राज्य सरकार के स्तर पर भी भारी चूक हुई है। रेखा शर्मा ने बताया कि नारी निकेतन के जिस मामले को सरकार हल्के में ले रही थी उस मामले को हमने जांच के दौरान बहुत गंभीर पाया है।

महिला आयोग की इस जांच टीम ने दून अस्पताल के सीएमएस आरएस असवाल और अन्य चिकित्सकों को तलब कर संदिग्ध हालातों में मौत का शिकार हुई दो संवासिनियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट तुरंत राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम को सौंपने के निर्देश दिए। रेखा शर्मा ने कहा कि वे देहरादून से दिल्ली जाकर इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को सौंपेंगी।

उधर, भाजपा की महिला मौर्चा देहरादून की महानगर अध्यक्ष कंचन ठाकुर और उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी ने राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच टीम को एक ज्ञापन देकर इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस मामले को दबाने में लगी हुई है। और सफेदपोशों को बचाने में जुटी है। सीबीआई जांच के बाद इस मामले में कई बड़े खुलासे होंगे।

उत्तराखंड भाजपा की महिला मौर्चा ने 23 जनवरी से 29 जनवरी तक देहरादून के गांधी पार्क में नारी निकेतन की घटना के विरोध में धरना देने का ऐलान किया है। 1 फरवरी को मुख्यमंत्री आवास घेरने की घोषणा की है। देहरादून के नारी निकेतन के मामले ने जबरदस्त राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। भाजपा इस मुद्दे पर रावत सरकार को घेरने की तैयारी में है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राष्ट्रीय महिला आयोग की जांच टीम के नारी निकेतन का दौरा करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सन 2009 में राज्य में भाजपा सरकार के समय भी नारी निकेतन की कई संवासिनियों की मौते हुई थी। भाजपा सरकार इन मौतों के लिए क्या जिम्मेदार नहीं हैं। भाजपा के नेताओं में जरा सी भी नैतिकता है तो वह 2009 में हुई संवासिनियों की मौतों की भी जिम्मेदारी लें। भाजपा को नसीहत देते हुए रावत ने कहा कि भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाए।

रावत ने कहा कि नारी निकेतन की संवासिनियों की दयनीय स्थिति को देखते हुए उन्होंने ही सबसे पहले नारी निकेतन में सुधार की शुरुआत की। और इन मुद्दों को उठाया। और भाजपा ने इस मामले को राजनीतिक तूल दे दिया। उन्होंने कहा कि नारी निकेतन की दो अबोध संवासिनियों की अबोधता का नाजायज फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उनके साथ गलत किया। जिनके खिलाफ राज्य सरकार ने जांच के बाद कड़ी कार्रवाई की। रावत ने कहा कि मैंने नारी निकेतन में सुधार की प्रक्रिया के तहत मानसिक रूप से विक्षिप्त संवासिनियों को अन्य रोगों से पीड़ित संवासिनियों से अलग वार्ड में रखने की व्यवस्था करवाई। और नारी निकेतन की संवासिनियों के खाने-पीने और ईलाज के लिए सुदृढ व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

चार महीने से सुर्खियों में रहे देहरादून नारी निकेतन में दो संवासिनियों के साथ यौन-शोषण हुआ है और संवासिनियों की रहस्यमय मौतें हुई हैं। और 33 से ज्यादा बीमार संवासिनियों का देहरादून के दून अस्पताल में ईलाज चल रहा है। वहीं भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिक फायदा उठाने और रावत सरकार को घेरने के लिए देहरादून समेत पूरे प्रदेश में एक हफ्ते तक आंदोलन चलाने की तैयारी में जुटी है। जिसके तहत देहरादून के 13 जिलों के मुख्यालयों में प्रदर्शन किया जाएगा।

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