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माफिया डॉन अबु सलेम के साथ जेल में रहना चाहते हैं एडीएम, डीएम से मांगी इजाजत

एडीएम का कहना है कि वह अबू सलेम के साथ रहना चाहते हैं क्योंकि वह उनपर कहानी लिख रहे हैं
नियाज खान का पांचवे नोबल एक थ्रिलर है जिसका नाम ‘लव डिमांड ब्लड’ है।

मध्य प्रदेश के गुना जिले के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) ने डीएम को पत्र लिखकर एक ऐसी मांग की है जिसके बाद वह सवालों के घेरे में आ सकते हैं। एडीएम नियाज खान ने जिला मजिस्ट्रेट राजेश जैन को पत्र लिखा और माफिया गैंगस्टर अबू सलेम के साथ जेल में समय बिताने की इजाजत मांगी है। नियाज खान का कहना है कि वह एक महीना अबू सलेम के साथ रहना चाहते हैं क्योंकि वह सलेम पर कहानी लिख रहे हैं। नियाज खान ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “मैं अपना पांचवा नॉवेल लिख रहा हूं जो अबू सलेम की जिंदगी पर आधारित होगा। सलेम के चरित्र और अन्य बातों को जानने के लिए मैने सरकार से जेल में रहने की इजाजत मांगी है।

डीएम राजेश जैन ने एडीएम के पत्र को स्वीकृति के लिए भोपाल के वरिष्ठ अधिकारी को भेज दिया है। नियाज खान का पांचवे नॉवेल एक थ्रिलर है जिसका नाम ‘लव डिमांड ब्लड’ है। इस नॉवेल को पूरा करने के लिए नियाज खान सलेम की जिंदगी को बेहतर तरीके से जानना चाहते हैं। बता दें कि अबू सलेम को 1995 में बिल्डर प्रदीप जैन की हत्या करने के लिए उम्र कैद की सजा मिली है। सलेम के खिलाफ कम से कम 54 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

इस तरह बना था गैंगस्टर:

बता दें कि महाराष्ट्र की नवी मुंबई के पास स्थित तलूजा सेट्रल जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। सलेम को उसके पिता ने मुंबई में पैसा कमाने के लिए भेजा था लेकिन यहां पर कुछ दिन शराफत से जिंदगी बिताने के बाद वह डी कंपनी से जुड़ गया था। पहले तो सलेम दाऊद का ड्राइवर बनकर डी कंपनी के लिए काम कर रहा था लेकिन उसके बाद वह डी कंपनी का शार्प शूटर बन गया। अबु सलेम 1993 में मुंबई में हुए सीरीयल बम ब्लास्ट का मुख्य आरोपी है।

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First Published on May 4, 2017 11:56 am

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