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सीएम के सामने भी तेवर में रहे भाजपा सांसद, आद‍ित्‍यनाथ के बुलाने पर ही बैठे उनके पास

निकाय चुनावों में प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से लेकर भगवान बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम लगाया गया है।
Author गोण्डा | November 15, 2017 07:52 am
योगी आदित्यनाथ के साथ बैठे सांसद बृजभूषण शरण सिंह।

नगर निकाय चुनावों में अपने समर्थकों को टिकट न दिए जाने से नाराज कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का बागी तेवर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र पाण्डेय की उपस्थिति में भी मौजूद रहा। मंच पर अग्रिम पंक्ति में सबसे किनारे बैठे सांसद मुख्यमंत्री के कहने के बाद उनके पास आकर बैठे। हालांकि, मंगलवार की सभा में उन्होंने गोण्डा नगर पालिका से पार्टी प्रत्याशी श्रीमती माया शुक्ला से अपने पुराने उपकारों की दुहाई दी और उन्हें जिताने की अपील की। निकाय चुनावों में प्रचार के लिए भारतीय जनता पार्टी की तरफ से भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से लेकर भगवान बुद्ध की निर्वाण स्थली कुशीनगर तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम लगाया गया है। वह लगातार एक पखवारे तक प्रदेश के 35 जिलों में चुनावी जनसभाएं करते हुए समापन कुशीनगर में करेंगे।

इसकी शुरुआत मंगलवार को अयोध्या से हो चुकी है। मुख्यमंत्री निकाय चुनावों की दूसरी जनसभा को सम्बोधित करने मंगलवार को गोण्डा पहुंचे थे। अदम गोण्डवी खेल मैदान में बनाए गए मंच पर जिले के दोनों सांसद बृजभूषण शरण सिंह और कीर्तिवर्धन सिंह समेत कर्नलगंज से पार्टी विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया को छोड़कर सभी विधायक व वरिष्ठ पार्टी नेता मौजूद थे। जिला संगठन पर अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अपने पैतृक कस्बे नवाबगंज से पार्टी उम्मीदवार का विरोध करने का खुला ऐलान कर चुके बृजभूषण शरण सिंह भी मंच पर मौजूद थे।

कहा जा रहा है कि अपने विधायक पुत्र प्रतीक भूषण शरण सिंह व समर्थकों के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद वह मंच पर अग्रिम पंक्ति में एक सीट छोड़कर किनारे की तरफ बैठे पूर्व विधायक तुलसीदास चंदानी के बगल आकर बैठ गए। अनेक नेताओं के अनुनय-विनय के बाद भी वह अपनी सीट पर ही बैठे रहे। कुछ ही देर में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्र पाण्डेय भी मंच पर आ पहुंचे। सांसद ने उन्हें अभिवादन किया और पुनः जाकर अपनी सबसे किनारे वाली सीट पर बैठ गए। सांसद को काफी दूर बैठे देख मुख्यमंत्री ने उन्हें अपने पास आने का इशारा किया। इस पर वह मुख्यमंत्री के पास गए और एक कागज उनके हाथ में थमा दिया और थोड़ी दूरी पर बैठ गए।

सांसद को जब उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने कहा कि गोण्डा में क्षमता बहुत है। यह देने की जिद करता है तो बहुत ज्यादा दे देता है और… (शायद आगे कहना चाह रहे थे कि लेने की जिद करता है तो सब कुछ छीन लेता है) किन्तु अपनी बात को उन्होंने घुमाया और कहा कि गोण्डा नगर पालिका से पार्टी प्रत्याशी श्रीमती माया शुक्ला ने उनकी उस समय मदद की थी, जब वह टाडा कानून के तहत जेल में निरुद्ध थे। तब पार्टी ने उनकी पत्नी केतकी सिंह को टिकट दिया था। माया शुक्ला दिन-रात उनकी पत्नी के साथ चुनाव प्रचार में लगी रहती थीं। इसलिए हम उन्हें अध्यक्ष बनाने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे। उन्होंने आधे मन से गोण्डा जिले के अन्य नगर निकायों के पार्टी प्रत्याशियों को भी विजयी बनाने की अपील की।

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  1. M
    manish agrawal
    Nov 14, 2017 at 10:07 pm
    कल्याण सिंह की बीजेपी हुकूमत ने, हिन्दोस्तान की अदालत-ए-उज़्मा में, हलफनामा दिया हुआ था की बाबरी मस्जिद की पूरी हिफाज़त की जायेगी, लेकिन फिर भी मस्जिद को शहीद कर दिया गया ! यानि बीजेपी हुकूमत की नाकामयाबी और अदालत द्वारा दिए गए stay को कायम रखवाने में नाफरमानी साबित हुयी ! जब अदालत के जारी किये गए stay के हुक्मनामे के बाबजूद बाबरी मस्जिद को शहीद कर दिया गया तो क्या अदालत की ये जिम्मेदारी नहीं बनती थी की पहले बाबरी मस्जिद की दोवारा तामीर करवाकर, स्टे आर्डर को enforce कराया जाता , और तब तक अदालती कार्रवाई मुल्तवी रखी जाती?अयोध्या में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था,इस बात से किसी को इंकार नहीं, पर माता कौशल्या ने बाबरी मस्जिद वाले भूखंड पर ही उनको जन्म दिया था,ये तथ्य साबित नहीं किया जा सकता ! हिन्दोस्तां के पुरातत्व सर्वेक्षण महकमे के द्वारा बाबरी मस्जिद के नीचे खुदाई की गयी थी,उसमे निकले अवशेष की कार्बन डेटिंग से यदि वो डेढ़ लाख वर्ष पुराने राजा दशरथ के महल के साबित हों, तब कुछ बात बनेगी , अन्यथा ये सब वकवास है ! हिन्दुओं की किसी भी मज़हबी किताब में रामजन्मभूमि की कोई निशानी नहीं दी गयी है !
    (2)(1)
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