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एक महीने में ही बदलने लगी मोदी के गोद लिए गांव की तस्‍वीर, NGO में लगी विकास कार्य की होड़

वाराणसी जिला प्रशासन को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि पीएम ने नागेपुर गांव को गोद लिया है, गांवोंवालों के 'सामाजिक, आर्थिक और स्‍वास्‍थ्‍य की हालत' के बारे में जमीनी सर्वेक्षण शुरू कर दिए।
Author लखनऊ | April 18, 2016 14:45 pm
पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) के तहत पीएम नरेंद्र मोदी ने एक महीने पहले ही नागेपुर को गोद लिया है। यह उनका गोद लिया दूसरा गांव है। पीएम की इस पहल के बाद केंद्रीय मंत्री, बीजेपी सांसदों और विधायकों के अलावा पार्टी के नेता यहां का दौरा करने लगे हैं। इससे स्‍थानीय नागरिकों को ‘बदलाव की बयार’ बहने का आभास हो रहा है। नागेपुर गांव सेवापुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्‍सा है। इसी क्षेत्र में पीएम का पहला गोद लिया गांव जयापुर भी पड़ता है। ग्राम प्रधान पारसनाथ राजभर कहते हैं कि वाराणसी का यह इलाका अब कई सामाजिक संगठनों की गतिविधियों का केंद्र बन गया है। ग्राम प्रधान के मुताबिक, कुछ विकास कार्य भी हो रहे हैं और ऐसा गांव के इतिहास में पहली बार हुआ है।

बता दें कि नागेपुर गांव की आबादी 3200 है। इनमें से 1710 बतौर वोटर रजिस्‍टर्ड हैं। यहां पिछड़ी जाति के लोगों का बोलबाला है। इसके अलावा, दलित और सर्वण जातियों के लोगों की भी अच्‍छी संख्‍या है। गांव में सिर्फ दो मुस्‍ल‍िम परिवार हैं। गांव के अधिकतर लोग खेती या मजदूरी करते हैं। इसके अलावा, करीब 100 परिवार बुनाई के पेशे से जुड़ा हुआ है।

वाराणसी जिला प्रशासन को जैसे ही इस बात की जानकारी मिली कि पीएम ने नागेपुर गांव को गोद लिया है, गांवोंवालों के ‘सामाजिक, आर्थिक और स्‍वास्‍थ्‍य की हालत’ के बारे में जमीनी सर्वेक्षण शुरू कर दिए। स्‍थानीय पुलिस ने तो गांव के 25 युवकों को ‘पुलिस मित्र’ तैनात कर दिया। इनका काम गांववालों के बीच किसी किस्‍म के विवाद को समझौते के जरिए सुलझाना या किसी अप्र‍िय घटना की स्‍थ‍िति में स्‍थानीय पुलिस को सूचना देना है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे अब पूरा हो चुका है और रिपोर्ट के निष्‍कर्ष के आधार पर गांव के विकास की योजना का खाका तैयार करके उसे प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को भेज दिया जाएगा।

डिस्‍ट्र‍िक्‍ट प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर प्रेम चंद्र पटेल ने कहा, ”अभी तक गैर सरकारी एजेंसियों ने कई तरह की सुविधाओं की शुरुआत की है। एक बार विकास योजना को मंजूरी मिल जाए तो उसके बाद सरकारी एजेंसियों से मिली रकम से विकास का कार्य शुरू कर दिया जाए। हम यहां हो रहे विकास कार्यों के बारे में पीएमओ को नियमित तौर पर रिपोर्ट्स भेजते रहेंगे। ठीक ऐसा ही हमने जयापुर गांव के मामले में किया था।”

अधिकारी ने बताया कि सर्वे ’18 बिंदुओं’ पर आधारित है। इसमें पाया गया कि 70 प्रतिशत गांववाले शिक्षित हैं। यहां मुख्‍य सड़कों से जुड़ी कंक्रीट की बनी सड़के हैं। ये यूपी सरकार द्वारा डॉ राम मनोहर लोयिा समग्र ग्राम विकास योजना के तहत बनवाए गए हैं।

मोदी द्वारा गोद लिए जाने के बाद नागेपुर में जो काम हुए हैं, उनमें एक एनजीओ द्वारा 32 टॉयलेट्स बनवाना भी शामिल है। इस एनजीओ ने गांववालों से अपील की थी कि वे खुले में शौच न करें। गांव के करीब से गुजरती इलाहाबाद रोड पर एक बस स्‍टैंड भी बना है। इसके अलावा, एलपीजी कनेक्‍शन मुहैया कराने वाली एक एजेंसी ने यहां अपना पहला केंद्र खोला है। नागेपुर में कोई भी सरकारी अस्‍पताल नहीं है। यहां से चार किमी दूर स्‍थ‍ित सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र के डॉक्‍टरों की एक टीम ने बीते एक महीने में तीन बार फ्री मेडिकल कैंप लगाया। डॉक्‍टर्स गांव के हर दरवाजे पर गए और उनकी सेहत से जुड़ी समस्‍याओं के बारे में पूछा। उन्‍होंने दवाइयां भी बांटीं।

ग्राम प्रधान ने कहा, ”ऐसा पहली बार हुआ कि कोई मेडिकल टीम गांव में आई। पीएम के गांव को गोद लेने के बाद कुछ सकारात्‍मक बदलाव होने शुरू हुए हैं। मंत्री, एमएलए और बीजेपी के नेता यहां नियमित तौर पर आ रहे हैं। सरकारी अफसर और एनजीओ हर मुमकिन मदद करने का आश्‍वासन दे रहे हैं।” राजभर ने बताया कि जिला प्रशासन ने पाइप के जरिए पीने का पानी पहुंचाने के लिए एक सर्वे किया है। प्रधान के मुताबिक, नागपुर की कुछ अन्‍य प्राथमिकताएं हैं, जिसके बारे में उन्‍होंने मंत्रियों को बताया है। इनमें हायर सेकेंडरी स्‍कूल, एक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र, एक पशु चिकित्‍सालय और पानी खींचने के लिए मोटर शामिल हैं।

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर बीते 14 अप्रैल को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय स्‍मृति ईरानी ने गांव का दौरा किया था। उन्‍होंने गांववालों के बीच गाय और ई रिक्‍शा बांटे। यहां उन्‍होंने यहां अंबेडकर की मूर्ति का अनावरण किया। इसके अलावा, एक आधुनिक आंगनबाड़ी केंद्र की शुरुआत भी की। इसे एक प्राइवेट कंपनी ने बनाया है। बीजेपी के वाराणसी जिलाध्‍यक्ष हंसराज विश्‍वकर्मा ने बताया कि रविवार को एक एनजीओ के गुजरात, दिल्‍ली और मुंबई से आए सदस्‍यों ने गांववालों में रेडियो बांटे ताकि वे पीएम के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुन सकें। उनका दावा है कि अब नागेपुर के हर घर में एक रेडियो है।

ईरानी के दौरे पर एक पखवाड़े पहले सामाजिक न्‍याय मंत्री विजय सांपला ने यहां एक कार्यक्रम में शिरकत की। यह कार्यक्रम महिला सशक्‍त‍िकरण पर था। स्‍थानीय लोगों ने उनसे मुलाकात की और उन विकास कार्यों के बारे में बताया जिनकी गांव में जरूरत है। गुजरात से बीजेपी सांसद सीआर पाटिल ने भी हाल ही में गांव का दौरा किया था। पाटिल जयापुर गांव में हो रहे विकास कार्यों में भी शामिल रहे हैं। प्रधान के मुताबिक, गांव आने वाले अन्‍य महत्‍वपूर्ण लोगों में बीजेपी नेता सुनील ओझा, काशी क्षेत्र के अध्‍यक्ष लक्ष्‍मण आचार्य और उपाध्‍यक्ष राकेश त्र‍िवेदी और संगठन के महासचिव चंद्र शेखर आदि शामिल हैं। ये कई बार गांव का दौरा कर चुके हैं।

 

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