December 04, 2016

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अल्पसंख्यक आयोग ने कैराना पलायन पर NHRC की रिपोर्ट की आलोचना की

कैराना और मुजफ्फरनगर का दौरा करने वाली सदस्यों ने कहा कि कैराना का पलायन सांप्रदायिक प्रकृति का नहीं है।

Author मुजफ्फरनगर | October 18, 2016 15:41 pm
भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने दावा किया था कि कैराना से हिंदू समुदाय के परिवार एक समुदाय विशेष के डर और दहशत की वजह से दूसरी जगह पलायन कर रहे हैं। (Photo Source: Indian Express)

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के सदस्यों ने शामली जिले के कैराना से कई परिवारों के कथित पलायन की राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों ने अपने कारोबार की वजह से शहर छोड़ा है। अल्पसंख्यक आयोग की दो सदस्यों परवीन दावर और फरीदा अब्दुल्ला खान ने सोमवार शाम यहां संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट तथ्यों पर आधारित न होकर ‘‘सांप्रदायिक रंग’’ पर आधारित है।

कैराना और मुजफ्फरनगर का दौरा करने वाली सदस्यों ने कहा कि कैराना का पलायन सांप्रदायिक प्रकृति का नहीं है।उन्होंने कहा कि हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने अन्य स्थानों में बेहतर कारोबारी मौके पाने के लिए कैराना छोड़ा। लोगों ने किसी खास समुदाय के डर से यह पलायन नहीं किया। मानवाधिकार आयोग की जांच टीम का कहना था कि ‘‘बढ़ते अपराध’’ और ‘बिगड़ती’ कानून एवं व्यवस्था के चलते कैराना से कई परिवारों ने पलायन किया।

मानवाधिकार आयोग के मुताबिक 2013 के बाद मुजफ्फरनगर से मुस्लिम समुदाय के लगभग 25,000-30,000 सदस्यों को कैराना शहर में बसाने की वजह से कैराना का जनसांख्यिकी बदलकर मुस्लिम समुदाय के पक्ष में चला गया। मानवाधिकार आयोग की जांच दल ने अपने निष्कर्ष में कहा है, ‘‘ज्यादातर गवाहों और पीड़ित महसूस करते हैं कि 2013 में पुनर्वास ने कैराना कस्बे की सामाजिक स्थिति स्थाई तौर पर बदल दी है और इसने कानून-व्यवस्था और भी खराब कर दी है।’’

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First Published on October 18, 2016 3:41 pm

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