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नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक क्षेत्र में खनन पर लगेगा बैन: चौहान

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के प्रवाह को प्रबल बनाने और इसे प्रदूषण मुक्त करने के लिये नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के आसपास के क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जायेगा।
Author भोपाल | December 13, 2016 12:29 pm
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान। ( File Photo)

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के प्रवाह को प्रबल बनाने और इसे प्रदूषण मुक्त करने के लिये नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के आसपास के क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जायेगा। इसके लिये भारत सरकार को पत्र भी लिखा जायेगा। मुख्यमंत्री चौहान ने 144 दिवसीय नर्मदा सेवा यात्रा के दूसरे दिन डिण्डोरी जिले के करंजिया में कल शाम एक विशाल आमसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के आसपास के क्षेत्र में खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जायेगा। इसके लिये भारत शासन को पत्र भी लिखा जायेगा। इससे नर्मदा नदी प्रदूषणमुक्त हो सकेगी और प्रवाह प्रबल होगा।’

करंजिया निवासी यासीन खान ने यात्रा में शामिल लोगों के लिये भंडारा आयोजित कर सद्भाव की अद्भुत मिसाल प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री कल नमामि देवी नर्मदे-सेवा यात्रा में अरंडी आश्रम से रवाना होकर करंजिया पहुंचे। करंजिया में उन्होंने कहा कि इंसान ने अपने स्वार्थ के कारण जंगल काट डाले और धरती मां का सीना चीरकर तमाम खनिज निकाले और उसमें गंदा पानी छोड़कर उसे प्रदूषित किया।
उन्होंने कहा कि मां नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनदायिनी है, जिसने हमें सिंचाई के लिये पानी और बिजली की सौगात दी है। इसलिये हम सबका परम कर्तव्य बनता है कि हम मां नर्मदा को स्वच्छ और उसके प्रवाह को प्रबल करने के लिये भरपूर सहयोग करें। यह यात्रा इन्हीं उद्देश्यों की पूर्ति के लिये निकाली गई है।

उन्होंने कहा कि मां नर्मदा नदी के प्रवाह को प्रबल बनाने के लिये जंगलों की खाली जमीन में सघन वृक्षारोपण किया जायेगा। साथ ही दोनों तटों के किसानों की जमीन पर पौधे लगाने के लिये किसानों को 20 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर तीन वर्ष तक अनुदान और वृक्षारोपण की लागत में 40 प्रतिशत की सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इसके साथ ही नदी के किनारे पड़ने वाले हर गांव में शौचालय बनाने के लिये 12-12 हजार रूपये का अनुदान दिया जायेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि नर्मदा नदी में फूल, पत्ती आदि पूजन सामग्री नहीं डाले। साथ ही जल समाधि भी न दें। इसके लिये तट पर पूजन कुंड और मुक्ति धाम भी बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि मां, बहन, बेटी को सम्मान दिलाने के लिये सरकार कृत संकल्पित है। उनके लिये घाटों पर वस्त्र बदलने के लिये चेंजिंग रूम भी बनाये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबों को पक्के घर बनाने के लिये एक लाख 20 हजार रूपये की सहायता दी जायेगी। साथ ही जिनके पास अपना घर बनाने की जमीन नहीं होगी उन्हें जमीन दी जायेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं होगी उनकी हरसंभव मदद की जायेगी। इस अवसर पर उन्होंने ग्रामीणों को इस बात का संकल्प भी दिलाया। इस अवसर पर संत महामण्डलेश्वर हरिहरानन्द एवं संत श्री रामभूषण ने भी यात्रा के सफल होने की शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री चौहान नर्मदा सेवा यात्रा के दूसरे दिन अरंडी आश्रम से रवाना हुए। उन्होंने ग्राम बोंदर से करंजिया तक पांच किलोमीटर की पैदल यात्रा की। यात्रा में शामिल लोग ढोलक, मांदर की थाप और शहनाई की गूंज में अपने आप को झूमने से नहीं रोक पाये। मुख्यमंत्री भी ग्रामीणों के साथ झूमे और ढोलक भी बजाई। यात्रा में शामिल लोग हर-हर नर्मदे का उद्घोष करते चल रहे थे और यात्रा के प्रति पूरे क्षेत्र में अपार उत्साह देखा गया। मुख्यमंत्री ने रास्ते में कबीर चबूतरा, जगतपुर, नारीग्वरा, बोंदर आदि गाँव में रूककर ग्रामीणों को संबोधित किया। उन्हें वृक्षारोपण, शौचालय बनवाने, स्वच्छता अपनाने और पर्यावरण की रक्षा, नशामुक्ति आदि का संकल्प भी दिलाया।

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