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आतंकियों के हमले में शहीद हुए कैप्टन आयुष के घर में पसरा मातम, वेसुध हैं पिता और परिवार में मचा कोहराम

कुपवाड़ा में सैन्य शिविर पर आतंकियों के हमले में कैप्टन आयुष की शहादत की खबर मिलते ही उनके घर में मातम छा गया है।
Author कानपुर | April 28, 2017 01:22 am
कैप्टन आयुष की शहादत की खबर मिलते ही उनके घर में मातम छा गया

अवनीश कुमार
कुपवाड़ा में सैन्य शिविर पर आतंकियों के हमले में कैप्टन आयुष की शहादत की खबर मिलते ही उनके घर में मातम छा गया है। पिता अरुणकांत सदमे में बार-बार बेसुध हो जा रहे हैं। वे लोगों से यही कहते कि हमारे बेटे कब तक शहीद होते रहेंगे। भाइयों से प्रेरणा लेकर सेना में गए आयुष बहादुर नौजवान थे। वे बच्चों और युवाओं को भी सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करते थे। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सैन्य शिविर पर हुए हमले में कानपुर के आयुष आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। मुठभेड़ के दौरान जवान के शहीद होने की खबर परिवारवालों को मिलते ही कोहराम मच गया। फिलहाल, घर पर रिश्तेदारों का तांता लग गया है। दुख की इस घड़ी में सभी लोग आयुष के परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
कुपवाड़ा में एक सैन्य शिविर पर आतंकवादियों ने हमला बोल दिया था। इसमें एक कैप्टन समेत तीन सैन्यकर्मी शहीद हो गए और पांच सैनिक घायल हो गए थे। इनमें कैप्टन आयुष भी थे।
कानपुर जनपद के चकेरी थाना क्षेत्र जाजमऊ डिफेंस कालोनी के निवासी आयुष यादव अपने पीछे एक बहन और माता-पिता को छोड़ गए हैं। पिता अरुणकांत सिंह यादव चित्रकूट में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। मां सरला यादव गृहणी हैं। पड़ोसियों ने बताया कि बीती फरवरी में आयुष की बहन रूपल का विवाह हुआ था। जिसमें शामिल होने के लिए वे आए थे और लगभग दस दिन तक यहां रहे थे।
पड़ोसियों ने बताया आयुष बहुत मिलनसार और खुशमिजाज नौजवान थे। जब भी छुट्टियों में घर आते थे तो सभी के साथ घुल-मिल जाते थे। वे छोटे बच्चों को सेना में जाने के लिए प्रेरित करते थे। पिता अरुण कांत सिंह यादव को अपने बेटे पर बहुत नाज हैं। उन्होंने बताया उनके परिवार में उनके बड़े भाई और छोटे भाई भी देश की सेवा करते रहे हैं और उन्हीं से प्रेरणा को लेकर आयुष सेना में गया था। आयुष की शहादत की जानकारी जैसे ही आसपास के अन्य लोगों और रिश्तेदारों को लगी तो उसके आवास पर पहुंचे। सेना के अफसर भी परिजनों से मिलने आए और उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।

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First Published on April 28, 2017 1:21 am

  1. M
    manish agrawal
    Apr 28, 2017 at 8:47 am
    Shaheed Captain Ayush ko Salutations !Sukma attack main CRPF jawans ki shahadat par ghadiyaali aansu bahaane wali Home Ministry jawans ke liye kitni gair-sambedansheel hai, ye is baat se saabit hota hai ki BSF jawan Tejbahadur ne poor diet milne ki complaint ki, to Home Ministry ne Inquiry ki nautanki karke Tejbahadur ko hi doshi bataakar service se barkhast kar diya ! Home Ministry ke officers ki milibhagat ke bina BSF officers, jawans ka Govt Ration bechne ki himaakat nahi kar sakte! chor BSF officers ka NarcoTest kiya jana chahiye tab hi reality saamne aayegi kyuki BSF ka koti staff member, apne Officers ke khilaph witness nahi banega ! yadi proper diet nahi mili to hamaare jawans , dushman se physically kamjor rahenge aur desh ki rakshaa theek se nahi kar payenge ! isliye jawans ka Ration khaa jane wale chor BSF Officers ke khilaph "desh ke viruddh yiddh chedne" ka mukadma chalaya jana chahiye ! na jaane kab aisi Govt ayegi jo Kisan,Mazdoor aur jawans ko Adhikaar aur Sammaan degi !
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  2. M
    manish agrawal
    Apr 28, 2017 at 8:29 am
    Shaheed Captain Ayush ko am! Indian Army officers apne jawans ke saath kandhe se kandhaa milaakar,dushman ki firing ka khud bhi saamna karte hain aur unko muhtod jawaab bhi dete hain, yahi nahi balki jawans ke saath khud bhi shahaadat dete hain jese Captain Saurabh Kalia,Major Unnikrishnan,Major Satish Dahiya etc. Lekin BSF ke chor, makkaar aur haramkhor officers kabhi shahaadat nahi dete jabki,various operations main BSF jawans baraabar shaheed hote rahate hain.kabhi BSF ke istant Commandant ya higher officials ko dushman ki bullet kyu nahi hit karti? iska saaf matlab hai ki BSF officers khud FIRING ka saamna nahi karte aur jawans ko aage kar dete hain! yahi nahi BSF officers itne jaleel hain ki apne jawans ka Govt Ration tak bech dete hain aur jawans ko proper diet bhi nahi dete! BSF officers kaju,badam,mahangi sharaab ka maza lete hain aur jawans tea & parantha khakar shahaadat dete hain! Indian Army officers Rashtriya Gaurav aur BSF officers Rashtriya Sharm ka prateek hain !
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