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‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ को लेकर सरकारी स्कूलों में चलेगा अभियान

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की मूल भावना को बच्चों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सोमवार को एक नई पहल की गई।
Author नई दिल्ली | January 24, 2017 01:39 am

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की मूल भावना को बच्चों तक पहुंचाने के लिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों में सोमवार को एक नई पहल की गई। उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने गवर्नमेंट ब्वायज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, आजादपुर से इसकी शुरुआत करते हुए यहां के बच्चों से एक विशेष अभ्यास करवाया, ताकि बेटियों के प्रति उनके मनोभाव का पता चल सके। मंगलवार को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ दिवस पर दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों में यह अभ्यास करवाया जाएगा। इस दौरान बच्चों से कहा गया कि वे अपनी नोटबुक में लिखें कि बेटियों को लेकर उनसे पहले यानी उनके मां-बाप की पीढ़ी में क्या सोच थी और क्या परेशानियां थीं।

इसके बाद ये लिखें कि आज की पीढ़ी की क्या सोच है, क्या समस्याएं हैं और पिछली पीढ़ी की तुलना में क्या सुधार हुए हैं। इसके बाद ये लिखें कि वे इससे आगे आने वाली पीढ़ी यानी अपने बच्चों की पीढ़ी में बेटियों को लेकर क्या सुधार चाहते हैं। इस अभ्यास के दौरान बच्चों ने कुछ हैरान करने वाले जवाब दिए। बच्चों ने लिखा कि बेटियों को सोच से बचाओ। जैसे न पढ़ाने की सोच। नौकरी न करने देने की सोच। पराये घर में भेजने की सोच। लड़कियों को कमजोर समझने की सोच।

उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि यह जरूरी है कि लड़के इस बारे में सोचना शुरू करें और अपने घर से सोचना शुरू करें। बच्चों ने दंगल फिल्म का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि हमारे समाज में यह माना जाता है कि कुछ काम केवल बेटे ही कर सकते हैं, बेटियां नहीं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ केवल नारों तक ही न सिमट जाए, इसके लिए इस तरह की पहल जरूरी है।

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