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ममता बनर्जी की भाजपा को चेतावनी, हिम्मत है तो संविधान में करें संशोधन

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हिंदू संगठनों द्वारा कथित धर्मांतरण को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जबरन धर्मांतरण को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ ‘‘कड़ी कार्रवाई’’ की चेतावनी दी और भाजपा पर परोक्ष हमला बोलते हुए उसे धर्मनिरपेक्ष भारतीय संविधान में संशोधन करने की चुनौती भी दी। मुख्यमंत्री ने […]
Author January 31, 2015 17:23 pm
Saradha Scam: भाजपा ने कहा कि इस मामले में दो लोगों के लिए अलग अलग मापदंड नहीं होने चाहिए।

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में हिंदू संगठनों द्वारा कथित धर्मांतरण को लेकर पैदा हुए विवाद के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जबरन धर्मांतरण को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ ‘‘कड़ी कार्रवाई’’ की चेतावनी दी और भाजपा पर परोक्ष हमला बोलते हुए उसे धर्मनिरपेक्ष भारतीय संविधान में संशोधन करने की चुनौती भी दी।

मुख्यमंत्री ने सवालिया अंदाज में कहा, ‘‘भारतीय संविधान एक धर्मनिरपेक्ष संविधान है। कुछ लोग धन देकर जबरन धर्मांतरण करवाने का प्रयास कर रहे हैं। क्यों कुछ लोग दूसरों को धर्मांतरण के लिए मजबूर करें? किसने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। कानून अपना काम करेगा।’’

ममता बनर्जी ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में कहा, ‘‘कुछ लोग कह रहे हैं कि यह धर्म अच्छा है और यह धर्म बुरा, फलां धर्म के व्यक्ति द्वारा खींचे जाने वाले इस रिक्शा में मत बैठो… आदि आदि।’’

संविधान की प्रस्तावना में से ‘‘धर्मनिरपेक्ष’’ और ‘‘समाजवादी’’ शब्दों को ‘‘स्थायी रूप से हटाने’’ की भाजपा की सहयोगी शिवसेना के सांसद संजय राउत की मांग पर ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘जो लोग संविधान से ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द को हटाना चाहते हैं, उन्हें संशोधन लाना चाहिए, उसे भी गिरा दिया जाएगा।’’

ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘यदि आपमें इतनी हिम्मत है तो जबरन धर्मांतरण जैसे किसी कदम से पूर्व पहले संविधान में संशोधन करो। जब आप सत्ता में हैं तो आपको अवश्य सुशासन का पालन करना चाहिए। धर्मनिरपेक्षतावाद संविधान में प्रतिष्ठापित है।’’

ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘वे लोगों पर हुकुमत चला रहे हैं, उन्हें यह नहीं पता कि जब आप सत्ता में होते हैं तो सबसे पहले आपको सुशासन चलाना चाहिए। सुशासन का मतलब दूसरों पर नकेल कसना नहीं है। आप दूसरों के अधिकारों पर अंकुश नहीं लगा सकते। मैं अपनी जिंदगी का बलिदान देने को तैयार हूं लेकिन मैं लोगों से उनके धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करूंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, हर कोई इस देश का हिस्सा हैं। हर किसी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है।’’

28 जनवरी को बीरभूम जिले के रामपुरहाट में दो अलग अलग कार्यक्रमों में नफरत फैलाने वाले भाषण देने के लिए विहिप नेताओं प्रवीण तोगड़िया और जुगल किशोर के खिलाफ 29 जनवरी को पुलिस में शिकायतें दर्ज करायी गयी थीं जिनमें कई गैर जमानती धाराओं के तहत दर्ज की गयी थीं।

ममता ने कहा, ‘‘मुझे डराने से कोई फायदा नहीं होने वाला है। मैं जनता के साथ थी, जनता के साथ हूं और जनता के साथ रहूंगी। यदि किसी ने धर्मो के बीच हिंसा भड़काने की कोशिश की तो कानून अपना काम करेगा। हम किसी को छोड़ेंगे नहीं। हम बंगाल में सांप्रदायिक हिंसा की अनुमति नहीं देंगे।’’

ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘आदिवासी लोग हमारा गौरव हैं। उन्हें क्यों धर्मांतरण करना पड़ेगा। वे अपना फैसला खुद करेंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ आप एक निर्वाचित सरकार हैं और हम भी एक निर्वाचित सरकार हैं। हम किसी की दया पर सत्ता में नहीं आए हैं। यह पूरी तरह संघीय ढांचे का मामला है। हमें धमकाने का कोई मतलब नहीं है, बंगाल को परेशान नहीं करें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यदि आपमें हिम्मत है तो जबरन धर्मांतरण जैसा कोई कदम उठाने से पहले संविधान में संशोधन करो।’’

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